Sat Sep 12, 2026 | Updated 05:00 AM IST

आखिर ओणम फेस्टिवल में क्यों बनाया जाता है फूलों का घर?

Onam 2024: ओणम का पर्व पूरे केरल की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर को दर्शाता है। इस मौके पर यहां हर तरफ फूलों की सजावट और त्योहार की धूम देखने को मिलती है। साथ ही कमरे को साफ करके फूल गृह बनाया जाता है। चलिए जानते हैं कि आखिर ओणम में अलग से फूलों का घर क्यों बनाया जाता है।  
Updated:- 2024-09-05, 11:13 IST
image

हिंदू कैलेंडर के अनुसार ओणम पर्व  भाद्र माह की शुक्ल त्रयोदशी तिथि के दिन मनाया जाता है। इस बार यह पर्व साल 2024 में 6 सितंबर से शुरू होकर 15 सितंबर को खत्म होगा। यह त्यौहार केरलवासियों के लिए बेहद ही खास और महत्वपूर्ण होता है। मुख्य रूप से यह पर्व नई फसलों की अच्छी उपज के लिए समर्पित है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, ओणम का पर्व दानवीर राजा बलि के सम्मान को सेलिब्रेट किया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु जी और महाबली की पूजा-अर्चना की जाती है। त्यौहार की खुशी मनाने के लिए लोग अपने घरों फूल की मदद से अलग-अलग तरीके से सजाते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि आखिर ओणम पर्व पर फूल का इतना महत्व क्यों है।

आखिर क्यों फूल का महत्व

onam festival

इसे भी पढ़ें-ओणम फेस्टिवल पर घर लगेगा सुंदर जब दीपक और फूल-पत्ती तोरण से करेंगी इसे डेकोरेट

त्यौहार के मौके पर हम सभी अपने घर को फूल-पत्ती और दीपक से सजाते हैं। लेकिन दक्षिण भारत में मनाया जाने वाला पर्व ओणम में फूल का बेहद ही खास महत्व है। यहां पर फूलों की रंगोली से लेकर फूल गृह बनाया जाता है। बता दें कि जैसे दशहरे के पर्व पर रामलीला का आयोजन और दीपावली पर घर को फूल और दीपक से सजाते हैं। उसी प्रकार ओणम में घर को साफ करने के बाद फूलों की रंगोली जिसे यहां पर पूकलम कहा जाता है। खासकर घर में फूल गृह भी बनाया जाता है, जिसे गोलाकार रूप में फूल से सजाया जाता है। यह सजावट का कार्यक्रम प्रतिदिन आठ दिन तक चलता है। साथ ही राजा बलि की मिट्टी की बनी त्रिकोणात्मक मूर्ति पर अलग-अलग फूलों से चित्र बनाते हैं। बता दें पहले दिन फूलों से जितने गोलाकार वृत्त बनाए जाते हैं, दसवें दिन तर उसके दस गुना तक गोलाकार में फूलों के वृत्त रचे जाते हैं।

फूलों के पास उत्सव मनाती हैं महिलाएं

ओणम पर्व के नौवें दिन हर घर में भगवान विष्णु की मूर्ति की पूजा की जाती है। परिवार की महिलाएं इसके इर्द-गिर्द तालियां बजाती हुई नाचती हैं। साथ ही वामन अवतार के गीत गाए जाते हैं। उसके बाद रात में गणेश जी और श्रावण देवता की मूर्ति की पूजा और मंगलदीप जलाए जाते हैं।

राजा बलि करते हैं भ्रमण

Onam festival decoration ideas with flower

ओणम त्यौहार किसी देवी-देवता के सम्मान में नहीं बल्कि दानवीर असुर राजा बलि के लिए मनाया जाता है। राजा बलि जिसने विष्णु के अवतार भगवान वामन को 3 पग भूमि दान में दे दी थी। इस मौके पर घरों में दावत के दौरान परोसने के लिए कई तरह के केले के चिप्स बनाए जाते हैं, जो केरल का एक लोकप्रिय व्यंजन है। परिवार के सदस्य 'ओनक्कोड़ी' यानी नए कपड़ों के उपहारों का आदान-प्रदान करते हैं। साथ ही घर के आंगन में झूला लटकाया जाता है और उसे 'अंजलि' के फूलों से सजाया जाता है।

इसे भी पढ़ें-Onam Kab Hai 2024: दक्षिण भारत का महापर्व 'ओणम' कब है? जानें शुभ मुहूर्त और महत्व

इस आर्टिकल के बारे में अपनी राय आप हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। साथ ही,अगर आपको यह लेख अच्छा लगा तो इसे शेयर करें। इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़े रहें वेबसाइट हर जिन्दगी के साथ

Image Credit- Freepik

 

 

 

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।