Sat Sep 12, 2026 | Updated 04:38 AM IST

आसान भाषा में जानिए आखिर क्या होता है 'फिस्कल डेफिसिट' का मतलब

आम बजट 2023-24 जल्द ही पेश होने वाला है लेकिन इससे पहले आपको यह जान लेना चाहिए कि आखिर 'फिस्कल डेफिसिट' का मतलब क्या होता है। 
Updated:- 2023-01-31, 14:14 IST
image

आम बजट 2023-24 पेश होने में अब कुछ ही दिनों का समय ही बचा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को वित्त वर्ष 2023-24 के लिए बजट पेश करने वाली हैं। बजट में कुछ ऐसे शब्दों का प्रयोग होता है जिनके बारे में आम लोगों को समझ नहीं आता है। ऐसा ही एक शब्द है 'फिस्कल डेफिसिट' इस शब्द का मतलब आज हम आपको सरल और आसान तरीके से बताएंगे। तो चलिए जानते हैं इस शब्द के मतलब को।

आखिर क्या होता है 'फिस्कल डेफिसिट' का मतलब

meaning of fiscal deficit in simple words

'फिस्कल डेफिसिट' को वित्तीय घाटा भी कहा जाता है। वित्त मंत्री के बजट भाषण में सबसे पहले अहमियत वाला आंकड़ा वित्तीय घाटा ही माना जाता है। जब बजट पेश होता है तो इस आंकड़े पर सबकी नजर होती है।

अब आपको इसका मतलब हम सरल भाषा में बताते हैं हर साल सरकार जितनी कमाई करती है जैसे टैक्स आदि से जो भी सरकार पैसे वसूली है, उससे ज्यादा खर्च कर देती है। इस कम कमाई और ज्यादा खर्च के बीच का जो अंतर आता है उसे ही फिस्कल डेफिसिट कहा जाता है।(एक्सपर्ट से जानें अपने घर के लिए बजट प्लान करने का सही तरीका)

विदेशी निवेशकों, बॉण्ड्स और सिक्योरिटी जारी करके सरकार इस वित्तीय घाटे की भरपाई कर भी लेती है। अगर वित्तीय घाटा बढ़ता है तो उसका मतलब है कि सरकार की उधारी बढ़ेगी और अगर यह उधारी बढ़ेगी तो सरकार को ब्याज भी ज्यादा अदा करना होगा इसलिए अर्थव्यवस्था में तेजी के लिए वित्तीय घाटे को काबू में रखना बेहद जरूरी भी होता है।

इसे भी पढ़ें: ब्रीफकेस से लेकर टैबलेट तक, कुछ इस तरह बदला बजट का प्रेजेंटेशन 

उदाहरण से समझें

आप अगर यह अभी भी समझ नहीं पाए हैं कि वित्तीय घाटा क्या होता है? तो हम आपको एक उदाहरण से बताते हैं। आपने यह जरूर सुना होगा 'आमदनी अठन्नी, खर्चा रुपया' जब ऐसी हालात सरकार की हो जाती है तो उसे फिस्कल डेफिसिट ही कहा जाता है।

वित्तीय घाटा बजट खर्च का वह हिस्सा होता है जो कर्ज लेकर पूरा किया जाता है।(देश का बजट पेश करने से पहले क्यों होती है हलवा सेरेमनी?) जैसे आप घर के बजट के लिए खर्चों पर कंट्रोल होना जरूरी है ठीक उसी तरह अर्थव्यवस्था में तेजी के लिए वित्तीय घाटे को काबू करना बेहद जरूरी माना जाता है। सरकार के कुल खर्च और कुल रेवेन्यू के इस अंतर को 'फिस्कल डेफिसिट' और 'वित्तीय घाटा' कहने के अलावा राजकोषीय घाटा भी कहा जाता है।

इसे भी पढ़ें: आखिर क्यों अलग होता है अंतरिम बजट और आम बजट

अगर आपको ऐसी ही बजट से जुड़ी हुए शब्दों के बारे में जानकारी प्राप्त करनी है तो हमें समेंट करके बताएं। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक पर जरूर शेयर करें और इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ। इस आर्टिकल के बारे में अपनी राय आप हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

 

 

image credit- freepik 

 

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।