Mahashivratri Puja Vidhi 2026: महाशिवरात्रि पर क्यों होती है गणेश जी की पूजा? जानें विधि और महत्व

महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा की जाती है। ये बात सभी को पता है, लेकिन क्या आप जानती हैं कि महाशिवरात्रि पर महादेन के पुत्र गणेश जी की भी पूजा का भी खास महत्व है। ऐसा कहते हैं कि बिना गणपति पूजन के महाशिवरात्रि की पूजा अधूरी मानी जाती है। ऐसे में ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स से आइये जानते हैं कि आखिर कैसे होती है महाशिवरात्रि के दिन गणेश जी की पूजा एवं क्या है इनकी पूजा का महत्व।
महाशिवरात्रि पर गणपति पूजन की विधि
उच्छिष्ट महागणपति का स्वरूप बनाना: सर्वप्रथम, उच्छिष्ट महागणपति का स्वरूप गुड़ से बनाना चाहिए।
यदि गुड़ से प्रतिमा बनाने में कोई कठिनाई हो तो आप गुड़ की एक बड़ी ढेली रख सकते हैं और उसे उच्छिष्ट महागणपति के रूप में स्थापित मान सकते हैं।
इस ढेली को भगवान गणेश का स्वरूप मानकर पूजा शुरू करें। साथ में एक और गुड़ की ढेली रखें, जिसे भगवती नील सरस्वती के रूप में स्थापित करें।
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पंचोपचार पूजा: पंचोपचार का मतलब है पांच प्रकार से पूजा सामग्री अर्पित करना।
ऐसे में महाशिवरात्रि के दिन दोनों गुड़ की ढेलियों का पंचोपचार विधि से पूजन करें। इसके बाद, उच्छिष्ट महागणपति की प्रतिमा पर दूध अर्पित करें।
इसके अलावा, उच्छिष्ट महागणपति की प्रतिमा पर दही का भी अभिषेक करें। फिर शक्कर अर्पित करें, ताकि भगवान को मीठा प्रसाद प्राप्त हो।
अभिषेक और भोग: दुर्वा घास को पीसकर महाशिवरात्रि के दिन गणेश जी का अभिषेक करें।
शास्त्रों में ऐसा बताया गया है कि दूर्वा घास का अभिषेक गणेश जी को करने से यह उतना ही पुण्यकर है जितना महाशिवरात्रि पर शिवलिंग का रुद्राभिषेक।
अब अभिषेक के बाद 'ॐ गण गणपते नमः' मंत्र का उच्चारण करते हुए गणेश जी को मोदक का भोग लगाएं और आखिर में उनकी आरती गाएं।
महाशिवरात्रि पर गणपति पूजन का महत्व
भगवान गणेश का एक रूप उच्छिष्ट महागणपति के रूप में भी जाना जाता है, जो दिन और रात दोनों के देवता माने जाते हैं। इस रूप में वे शक्ति के साथ विराजमान होते हैं, इसलिए प्रदोष काल या रात के समय गणपति की पूजा विशेष रूप से फलदायक होती है।
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माना जाता है कि जब भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हो रहा था, तब महादेव और आदि शक्ति ने भगवान गणेश के इसी रूप की पूजा की थी और वैवाहिक जीवन के सुख का आशीर्वाद प्राप्त किया था। इसलिए महाशिवरात्रि के दिन गणेश जी की पूजा का भी महत्व है।
हालांकि यह बात किसी धार्मिक ग्रंथ में नहीं मिलती, क्योंकि गणेश जी का जन्म माता पार्वती के विवाह के बाद हुआ था, फिर भी कई जगहों पर महाशिवरात्रि के दिन गणेश जी की पूजा पूरी श्रद्धा से की जाती है। लोक मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि पर गणपति की पूजा से सभी दुखों का नाश हो जाता है।
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