Hindi Diwas Poem 2026: हिंदी दिवस के मौके पर स्टूडेंट्स के लिए बेस्ट हैं ये कविता और दोहे

Hindi Diwas par Kavita 2026: प्रत्येक वर्ष हिंदी भाषा के महत्व और सम्मान को बढ़ावा देने के लिए हिंदी दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर स्कूल, विश्वविद्यालय सहित कई संस्थानों में हिंदी भाषा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित कराए जाते हैं।
Updated:- 2026-09-11, 19:14 IST
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Hindi Diwas Ke Liye Kavita: हिंदी को 14 सितंबर 1949 को भारत की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया गया था। इस वजह से प्रत्येक वर्ष इस दिन हिंदी दिवस मनाया जाता है। इस खास मौके पर स्कूल, विश्वविद्यालय और अन्य शैक्षिक संस्थानों में कई प्रकार के कार्यक्रम जैसे भाषाण, लेखन शैली जैसे प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। अगर आप हिंदी दिवस के इस खास मौके पर आप हिस्से ले रहे हैं, तो यहां हम आपके लिए इससे संबंधित कुछ कविताएं और दोहे लेकर आएं है, जिसे आप अपनी पसंद के हिसाब से चुन सकते हैं।

हिंदी दिवस पोएम इन हिंदी (Poems on Hindi Diwas in Hindi)

शब्दों की माला, भावनाओं की रीत,
हिंदी से सजती, हर उत्सव की मीठी प्रीत।
इतिहास की किताबें, और रीति रिवाज,
हिंदी की प्यारी गूंज, हर दिल को भाए खास।
हिंदी दिवस की सभी को बहुत

अंबर की ऊंचाई जैसी,
पहचान हमारी हिंदी है।
भारत मां के माथे पर,
चमकती बिंदी सी हिंदी है।
यह प्राणों की भाषा अपनी,
संस्कृति का दर्पण है।
हर दिल की धड़कन में बसती,
यह पावन अर्चन है।

हिंदी है भारत की आशा,
सब जन-मन की यह अभिलाषा।
जोड़ रही है देश को आपस में,
यह अनमोल और प्यारी भाषा।
पूरब से पश्चिम तक देखो,
उत्तर से दक्षिण की रेखा।
सबको एक सूत्र में बांधे,
ऐसा जादू हमने देखा।

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वीरों की यह बोली है,
तितलियों की जैसे रंगोली है।
मीठी इसकी हर एक वाणी,
गंगा सी निर्मल पानी।
इसे बचाकर हमें रखना है,
हर दिल में इसे सजाना है।

अपनी भाषा, अपना मान,
हिंदी से है देश की शान।
इसे न तुम कम आंको भाई,
यह है सबकी सुखदाई।
पढ़ो लिखो और आगे बढ़ो,
हिंदी का परचम लहराओ।

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मां के आंचल की छांव
जैसी मां के आंचल की छांव,
वैसी ही हिंदी की पावन पाँव।
इसमें बसता सारा संसार,
इससे है हमको बहुत प्यार।
मीठे बोल सिखाती है यह,
सच्चे मार्ग दिखाती है यह।

देश की धड़कन में हिंदी,
हर एक मन की पहचान हिंदी।
अज्ञान का अंधकार मिटाकर,
ज्ञान का दीप जलाती हिंदी।
इसे अपनाकर हम सब मिलकर,
नया इतिहास बनाएंगे।

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हिंदी दिवस पर कविता (Hindi Diwas par Kavita)

अक्षरों का सुंदर संसार,
हिंदी करती सबका सत्कार।
क, ख, ग और घ की माला,
हर घर में इसने दीप जलाया।
इसकी महिमा अपरंपार,
करती है यह सबका उद्धार।

आओ मिलकर शपथ लें आज,
हिंदी का बढ़ाएं हम राज।
अंग्रेजी भी तुम खूब पढ़ो,
पर हिंदी संग आगे बढ़ो।
यह हमारी अपनी माटी है,
इससे जुड़ी हर एक थाती है।

हिंदी है भारत के माथे की बिंदिया,
जैसे आसमान में चमकती हो निंदिया।
मीठी वाणी इसकी न्यारी,
लगती हमको सबसे प्यारी।
इसकी खुशबू चारों ओर,
फैले जैसे सावन की भोर।

Hindi Diwas Poem 2026

शब्दों का यह वरदान मिला,
हिंदी का जब ज्ञान मिला।
सूर और तुलसी की वाणी,
कबीर की साखी मस्तानी।
सब इसी में गाए जाते,
ज्ञान के मोती पाए जाते।

अलग-अलग हैं वेश हमारे,
अलग-अलग परिवेश हमारे।
पर हिंदी है वह धागा,
जो जोड़े मन के सारे धागा।
एकता की यह मूरत है,
प्यारी सी इसकी सूरत है।

अंधेरों को दूर भगाकर,
हिंदी ज्ञान का दीप जलाकर।
छात्रों को यह राह दिखाती,
मंजिल तक पहुचाती।
इसकी सेवा में ही जीवन,
हो जाता है शत-शत नमन।

Poems for Hindi Diwas

हिंदी मेरा अभिमान है,
भारत की यह जान है।
इसे कभी न भूलेंगे हम,
इसका मान बढ़ाएंगे हम।
बच्चे-बच्चे की जुबान पर,
हिंदी का हो सदा गान।

संस्कृति का आधार है हिंदी,
जीवन का सार है हिंदी।
बिना इसके जीवन सूना,
जैसे पानी बिन मीना।
इसे कंठ से अपने लगाओ,
दुनिया भर में मान बढ़ाओ।

कल का भारत हम बनाएंगे,
हिंदी को आगे बढ़ाएंगे।
नई तकनीक और ज्ञान के संग,
हिंदी का बिखेरेंगे रंग।
यह हमारा संकल्प है पक्का,
बजेगा हिंदी का डंका।

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हिंदी दिवस पर दोहे (Hindi Diwas par Dohe)

निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल।
बिन निज भाषा-ज्ञान के, मिटे न शूल कपूल।

हिंदी माथे की बिंदी, भारत का श्रृंगार।
इसके मान बिना यहां, सब फीका संसार।

सूर-कबीर की भूमि यह, तुलसी का वरदान।
हिंदी अपनी मातृभाषा, भारत की पहचान।

poem for hindi diwas

पूरब से पश्चिम जुड़े, उत्तर से दक्षिण पांव।
हिंदी से सजता सदा, भारत देश का गांव।

अक्षरों का मोल समझो, हिंदी का करो सम्मान।
इससे ही बढ़ती सदा, देश-विदेश में शान।

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