Mon Oct 12, 2026 | Updated 03:11 PM IST

Durga Puja 2026 Dates: महासप्तमी से लेकर सिंदूर खेला तक, जानें इन खास दिनों की सही तारीखें

शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में हम आपको दुर्गा पूजा से लेकर स‍िंदूर खेला और मां की वि‍दाई तक की सही तारीख बता रहे हैं।
Updated:- 2026-10-12, 13:02 IST
durga puja dates

शारदीय नवरात्रि के दौरान देशभर में मां दुर्गा की पूजा होती है। इस दौरान दुन‍ियाभर में एक अलग ही रौनक देखने को म‍िलती है। बड़े-बड़े पंडाल सजाए जाते हैं, मां दुर्गा की खूबसूरत मूर्तियां स्थापित की जाती हैं और ढोल की आवाज के साथ पूरा माहौल भक्तिमय हो जाता है। अगर आप भी 2026 में दुर्गा पूजा देखने का प्लान बना रही हैं, तो इसकी तारीखें जानना जरूरी है।

इस साल दुर्गा पूजा के खास दिन 16 से 21 अक्टूबर के बीच पड़ रहे हैं। इस दौरान महासप्तमी, महाअष्टमी, महानवमी और सिंदूर खेला जैसे आयोजन होंगे। ऐसे मे आइए जानते हैं किस दिन कौन-सा त्योहार मनाया जाएगा और कब मां दुर्गा को विदाई दी जाएगी?

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कब से शुरू होगी दुर्गा पूजा 2026?

वेस्‍ट बंगाल में दुर्गा पूजा के आयोजन षष्ठी से शुरू होकर विजयादशमी तक चलते हैं। साल 2026 में षष्ठी की तिथि 16 अक्टूबर की सुबह 3 बजकर 25 मिनट पर शुरू होगी और 17 अक्टूबर की सुबह 5 बजकर 54 मिनट तक रहेगी। बंगाल में इस दौरान कल्पारंभ और मां दुर्गा को जगाने से जुड़ी खास पूजा की जाती है। हालांकि, पूजा की तारीख तय करते समय वहां के पंचांग और सूर्योदय का भी ध्यान रखा जाता है। इसी वजह से बंगाल में दुर्गा पूजा की तारीखें 17 से 21 अक्टूबर तक मानी जा रही हैं।

दुर्गा पूजा 2026 की पूरी तारीखें

इस साल दुर्गा पूजा के खास दिनों की तारीखें यहां देख सकती हैं।

तारीख खास दिन
16 अक्टूबर, शुक्रवार षष्ठी तिथि की शुरुुआतआ
17 अक्टूबर, शनिवार महाषष्ठी
18 अक्टूबर, रविवार महासप्तमी
19 अक्टूबर, सोमवार महाअष्टमी 
20 अक्टूबर, मंगलवार महानवमी
21 अक्टूबर, बुधवार

विजयादशमी, सिंदूर खेला और विसर्जन

नोट: ये तिथियां मुख्य अनुष्ठानों के ह‍िसाब से दी गई हैं। स्थानीय पंचांग के अनुसार पूजा की तिथियों में मामूली अंतर हो सकता है।

18 अक्टूबर को होगी महासप्तमी की पूजा

दुर्गा पूजा के खास दिनों में महासप्तमी का भी काफी महत्व है। साल 2026 में यह 18 अक्टूबर को मनाई जाएगी। इस दिन मां दुर्गा की पूजा के साथ नवपत्रिका की परंपरा निभाई जाती है। इस रस्म में नौ तरह के पौधों को एक साथ रखकर पूजा की जाती है।

19 अक्टूबर को मनाई जाएगी महाअष्टमी

महाअष्टमी दुर्गा पूजा के सबसे खास दिनों में से एक है। साल 2026 में यह 19 अक्टूबर को पड़ेगी। इस दिन मां दुर्गा की विशेष पूजा की जाती है। इसी द‍िन कंजक ख‍िलाई जाती हैं। साथ ही हवन भी होता है।

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20 अक्टूबर को होगी महानवमी

महानवमी 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी। यह दुर्गा पूजा के आखिरी खास पूजा वाले दिनों में से एक है। इस दिन भी मां दुर्गा की पूजा और आरती की जाती है। कुछ लोग महानवमी पर भी हवन करते हैं।

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21 अक्टूबर को होगा सिंदूर खेला और मां दुर्गा का विसर्जन

दुर्गा पूजा का आखिरी दिन विजयादशमी होता है। साल 2026 में बंगाल में यह 21 अक्टूबर को मनाई जाएगी। इसी दिन मां दुर्गा को विदाई दी जाती है और उनकी मूर्तियों का विसर्जन किया जाता है। इस दिन होने वाला सिंदूर खेला मुख्‍य आकर्षण होता है। इस रस्म में शादीशुदा महिलाएं पहले मां दुर्गा को सिंदूर चढ़ाती हैं। इसके बाद सभी मह‍िलाएं एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर जश्न मनाती हैं। पूजा के बाद मां दुर्गा की मूर्तियों को विसर्जन के लिए ले जाया जाता है। विदाई के दौरान ढोल बजते हैं और लोग भक्ति के साथ मां को अगले साल फिर आने की प्रार्थना करते हैं, लेक‍िन ध्‍यान रखें उत्तर भारत के कई हिस्सों में 20 अक्टूबर को दशहरा मनाया जाएगा।

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डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई तिथियां, मुहूर्त और धार्मिक अनुष्ठान पंचांग व मान्यताओं पर आधारित हैं। स्थानीय पंचांगों और परंपराओं के अनुसार पूजा के समय व तिथियों में आंशिक अंतर हो सकता है। किसी भी विशेष पूजा या अनुष्ठान के सटीक समय के लिए अपने स्थानीय पंडित या पुरोहित से सलाह लें। 

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FAQ
दुर्गा पूजा में कल्पारंभ क्या होता है?
कल्पारंभ षष्ठी तिथि को सुबह किया जाने वाला संकल्प है, जिसमें घट स्थापना कर पूरे 5 दिनों के पूजन का संकल्प लिया जाता है।
ढाक और धुनुची नाच का क्या महत्व है?
आरती के समय ढाक (ढोल) की ताल पर धुनुची नाच मां दुर्गा की आराधना और उनके प्रति असीम श्रद्धा प्रकट करने का पारंपरिक तरीका है।
विजयादशमी पर अपराजिता पूजा क्यों की जाती है?
दशमी के दिन अपराजिता पौधे की पूजा बुराई पर अच्छाई की जीत, घर में सुख-समृद्धि और हर कार्य में विजय प्राप्त करने के लिए होती है।
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