
मकर संक्रांति स्पेशल: इस दिन करें 12 प्रकार के दान
हिंदू पौराणिक मान्यता के अनुसार हर युग में अलग-अलग कर्मों को महत्व दिया गया। जैसे- सतयुग में तप, त्रेता में ज्ञान, द्वापर में यज्ञ और कलयुग में दान को प्रमुख बताया गया है। हम इस वक्त कलयुग में है और कई ऐसे तीज-त्‍योहार आते हैं जिनमें हम दान कर्म करके पुण्य कमाने का प्रयास करते हैं। मकर संक्रांति का पर्व दान के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है। मगर क्‍या आपको पता है कि दान कई प्रकार के होते हैं। आज हम ग्लोबल फाउंडेशन ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंस, दिल्ली के सीईओ एवं ज्योतिषाचार्य प्रो. (डॉ.) अनिल मित्रा से जानेंगे कि किस तरह के दान को क्‍या कहा जाता है। इसे जरूर पढ़ें: <a href="https://www.herzindagi.com/hindi/society-culture/til-or-sesame-significance-on-makar-sankranti-festival-according-to-astrologer-article-191426" target="_blank">एक्‍सपर्ट टिप्‍स: मकर संक्रांति पर तिल का महत्व और इस्तेमाल के बारे में जानें</a> <span style="font-size: xx-small;"><strong>Image Credit: Freepik, Shutterstock </strong></span>

सात्विक दान

जो दान किसी पवित्र स्थान, जैसे- मंदिर, आश्रम या फिर नदी किनारे उत्तम समय में ऐसे व्यक्ति को दिया जाता है जिसने दाता पर किसी प्रकार का उपकार न किया हो वह सात्विक दान है।
नमक का दान

मकर संक्रांति के दिन नमक का दान भी विशेष माना जाता है। इससे बुरा वक्त टल जाता है।
लकड़ी की वस्तुओं का दान

वैदिक शास्त्रों के अनुसार मकर संक्रांति पर लकड़ी की वस्तुओं के दान से शनि दोष को दूर किया जा सकता है।
प्रकाश का दान

मकर संक्रांति पर प्रकाश के दान का विशेष महत्व है। इस दिन आप किसी पवित्र नदी में दीपदान कर सकते हैं। प्रकाश सूर्य प्रतिनिधित्व करता है, इसलिए प्रकाश दान से सूर्य दोष के प्रभाव को कम किया जा सकता है।
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राजस दान

अपने ऊपर किए हुए किसी प्रकार के उपकार के बदले में अथवा किसी फल की आकांक्षा से अथवा विवशतावश जो दान दिया जाता है, वह राजस दान कहा जाता है।
तामस दान

किसी अपवित्र स्थान एवं अनुचित समय में बिना सत्कार के, अवज्ञतार्पूक एवं अयोग्य व्यक्ति को जो दान दिया जाता है वह तामस दान कहा गया है।
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गुप्त दान

12 तरह के दान में इस दान को 'महादान' किया गया है। गुप्त दान के नाम से ही आप समझ सकते हैं कि ऐसा दान जो बिना किसी चर्चा स्वार्थ और छल कपट के दिया गया हो।
खिचड़ी का दान

मकर संक्रांति को प्रमुख तौर पर खिचड़ी का पर्व माना जाता है । इस दिन आपको चावल और उड़द दाल का दान किसी गरीब या घर पर काम करने वालों को देना चाहिए। इससे शनिदेव प्रसन्न होते हैं।
तिल का दान

कर संक्रांति को शास्त्रों में तिल संक्रांति भी कहा गया है और इस दिन तिल के दान का खास महत्व माना गया है।
ऊनी कपड़े का दान

मकर संक्रांति के अवसर पर गरीब, जरूरतमंद या फिर किसी आश्रम में ऊनी कपड़े, कंबल का दान करना भी बेहद शुभ माना जाता है। ऐसा करके आप राहु के अशुभ प्रभाव से बच सकते हैं।
गुड़ का दान

ज्योतिष शास्त्र में गुड़ को देव गुरु बृहस्पति का प्रिय बताया गया है। ऐसा करने से शनि, गुरु और सूर्य के दोष दूर होते हैं।
देशी घी का दान

ज्योतिष शास्त्र में घी को सूर्य और गुरु से जोड़ा जाता है। मकर संक्रांति पर शुद्ध घी का दान करने से आपको करियर में लाभ और भौतिक सुविधाएं प्राप्त होती हैं।