कपल्स के बीच क्यों खत्म होने लगता है रोमांस? जानें पार्टनर से 'हाउसमेट्स' बनने के पीछे की असली वजह
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अक्सर आपने सुना होगा कि शादी के बाद कपल्स के रिश्ते में बोरियत छा जाती है, जिससे लड़ाई झगड़े तक बात पहुंच जाती है। धीरे धीरे वह रोमांटिक कपल से हाउसमेट्स बनने लगते हैं और एक दूसरे के साथ ऐसे रहने लगते हैं जैसे जानते ही न हो। वहीं, कुछ कपल्स शादी के बाद एक साथ रहते हैं, खाना खाते हैं, घर के काम एक दूसरे का हाथ बंटाते हैं और दिनभर की बातें भी करते हैं। क्या ये सब कुछ एक रिश्ते को मजबूत बनाए रखने के लिए काफी है? कई बार साथ रहते हुए भी कपल्स के बीच दूरी बढ़ने लगती है। दोनों एक-दूसरे के साथ तो होते हैं, लेकिन पहले जैसी नजदीकी, प्यार और अपनापन महसूस नहीं होता है।
अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के मेडिकल रिसर्च आर्काइव PubMed Central पर प्रकाशित रिसर्च के मुताबिक, 'शादीशुदा कपल्स को भी अपने रिश्ते में अकेलापन महसूस हो सकता है। यह अकेलापन अक्सर नजदीकी में कमी से जुड़ा होता है। आइए जानते हैं कि किन 5 वजहों से पति-पत्नी के रिश्ते में धीरे-धीरे दूरी आने लगती है।
शादीशुदा कपल्स में क्यों खत्म हो जाता है रोमांस?
जब कपल्स के रिश्ते में धीरे-धीरे चेंज आता है, तो वह एकदूसरे के साथ हाउसमेट जैसी फील करने लगते हैं। एकसाथ रहते जरूर हैं, लेकिन एक-दूसरे को गहराई से समझने वाला एहसास कहीं खो जाता है। दरअसल, शादी के बाद अकेलापन फील करना बहुत ही आम बात है। यह दूरी किसी एक बड़ी वजह से नहीं, बल्कि रोज की छोटी-छोटी अनदेखी बातों से बनती है।
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1. रोजमर्रा की जिम्मेदारियां रिश्ते पर पड़ने लगती हैं भारी
नौकरी, घर का खर्च, बच्चों की देखभाल और रोज के कामों के बीच कपल्स की जिंदगी कई बार इतनी बिजी हो जाती है कि उनके पास एक-दूसरे के लिए समय ही नहीं बचता है। दिनभर की बातचीत भी ज्यादातर इस बात तक सीमित होती है कि आज खाना क्या बनेगा, बच्चों को कौन स्कूल से लाएगा या घर का कौन-सा काम बाकी है। इसमें कोई शक नहीं कि घर और परिवार की जिम्मेदारियां निभाना जरूरी है, लेकिन जब रिश्ते में बातचीत सिर्फ इन्हीं बातों तक सिमट जाती है, तो एक-दूसरे की भावनाओं और जरूरतों को समझने का मौका कम होता है।
शुरुआत में जो छोटी-छोटी बातें कपल्स को करीब लाती हैं; जैसे एक-दूसरे का हाल पूछना, साथ बैठकर हंसना या दिनभर की कोई खास बात शेयर करना। वे धीरे-धीरे कम होने लगती हैं। ऐसे में रिश्ता चलता तो रहता है, लेकिन उसमें पहले जैसा अपनापन नहीं रहता है।
2. रिश्ते में दूरी अचानक नहीं, धीरे-धीरे बढ़ती है
अक्सर कपल्स को यह समझ ही नहीं आता कि उनके रिश्ते में दूरी कब बढ़ने लगी। इसकी वजह यह है कि दूरी आमतौर पर किसी एक दिन में पैदा नहीं होती है। छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा, अधूरी बातचीत और अनसुलझी बातें धीरे-धीरे रिश्ते को प्रभावित करने लगते हैं। जब पति-पत्नी बार-बार किसी टॉपिक पर बात करने से बचते हैं या एक-दूसरे की नाराजगी को नजरअंदाज करते हैं, तब धीरे-धीरे उनके बीच दूरी बढ़ सकती है। समय के साथ यही दूरी सामान्य लगने लगती है और दोनों इसे कम करने की कोशिश करना भी छोड़ सकते हैं।
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3. अपनी जरूरतें न बताने से बढ़ने लगती है निराशा
हर इंसान चाहता है कि पार्टनर उसे समझे, भावनाओं की कद्र करें और जरूरत पड़ने पर उसका साथ दे, लेकिन कई बार पति-पत्नी अपनी जरूरतें खुलकर बताने के बजाय यह उम्मीद करने लगते हैं कि सामने वाला बिना कहे ही सब समझ जाएगा। उदाहरण के लिए, एक पार्टनर चाहता है कि दूसरा उसके साथ कुछ समय बिताए, उसकी बात ध्यान से सुने या मुश्किल दिन के बाद उसे सहारा दे। जब वह अपनी बात साफ तौर पर नहीं कहता और पार्टनर भी इन जरूरतों को नहीं समझ पाता, तो मन में निराशा पैदा होने लगती है।
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इसका मतलब यह है कि रिश्ते में सिर्फ साथ रहना ही काफी नहीं है। एक-दूसरे की भावनाओं को समझना और जरूरतों के बारे में खुलकर बात करना भी जरूरी है। जब मन की बातें लंबे समय तक अनकही रह जाती हैं, तब छोटी-छोटी निराशाएं धीरे-धीरे भावनात्मक दूरी बढ़ा सकती हैं।
4. एक पार्टनर का अकेलापन दूसरे को भी कर सकता है प्रभावित
रिश्ते में दूरी का असर सिर्फ एक व्यक्ति पर नहीं पड़ता है। अगर कपल में से कोई एक अकेलापन महसूस कर रहा है, तो इसका असर दूसरे पार्टनर पर भी पड़ता है। उदाहरण के लिए, अगर पत्नी को लगता है कि पति उसकी बात नहीं सुनता है, तो वह धीरे-धीरे अपनी बातें शेयर करना कम कर देती है। दूसरी ओर, पति को लगता है कि पत्नी उससे बात नहीं करना चाहती है। इसके बाद वह भी दूरी बनाने लगता है। इस तरह दोनों के बीच गलतफहमियां बढ़ जाती हैं।
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5. रिश्ते में दोबारा नजदीकी लाने के लिए छोटे कदम भी हैं जरूरी
अगर पति-पत्नी के बीच दूरी बढ़ गई है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि रिश्ता खत्म होने की ओर बढ़ रहा है। कई बार छोटी-छोटी कोशिशें भी दोनों के बीच नजदीकी बढ़ाने में मदद कर सकती हैं। इसके लिए जरूरी नहीं कि कोई बड़ा बदलाव किया जाए। शुरुआत रोजमर्रा की जिंदगी में कुछ समय एक-दूसरे के लिए निकालने से की जा सकती है। जैसे; बातचीत के लिए समय निकालें, अपनी जरूरतों पर खुलकर बताएं, एक-दूसरे की बात ध्यान से सुनें, साथ में कुछ नया करें, जरूरत पड़ने पर एक्सपर्ट की मदद लें आदि।
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पति-पत्नी का एक ही घर में रहना और साथ जिम्मेदारियां निभाना उनके करीब होने की गारंटी नहीं देता है। कई बार रोजमर्रा की थकान, अनकही उम्मीदें और छोटी-छोटी नाराजगी रिश्ते में ऐसी दूरी पैदा कर देती हैं, जिसका एहसास दोनों को काफी समय बाद होता है। लेकिन इस दूरी को कम करने की शुरुआत छोटी कोशिशों से की जा सकती है। इसलिए, एक-दूसरे के लिए समय जरूर निकालें। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
- क्या अलग सोने से रिश्ते पर असर पड़ता है?
- इससे आपसी बातचीत और नजदीकी कम हो सकती है, इसलिए दिन में क्वालिटी टाइम बिताना जरूरी है।
- क्या बिना बच्चों के वेकेशन पर जाना सही है?
- हां, इससे रूटीन से ब्रेक मिलता है और आपसी जुड़ाव व पुराना रोमांस ताजा होता है।
- कपल्स थेरेपी कब लेनी चाहिए?
- बातचीत बेहतर बनाने और छोटी-मोटी गलतफहमियों को समय रहते दूर करने के लिए इसे कभी भी ले सकते हैं।
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