बेकार समझी जाने वाली पराली बनी कमाई का जरिया, कैसे इन राज्‍यों की महिलाओं ने किया कमाल?

पराली अब प्रदूषण ही नहीं बल्कि देश की कई महिलाओं के लिए इनकम का जरिया भी बन गई है। हरियाणा और पंजाब की महिलाएं पराली से अच्‍छी-खासी इनकम कर रही हैं। 
Updated:- 2026-11-05, 14:21 IST
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Income From Paddy Stubble: फसल कटाई के बाद जलाए जाने वाले कृषि अवशेष, यानी पराली को देश के अलग-अलग राज्यों की महिलाओं ने अपनी सूझबूझ और कड़ी मेहनत से करोड़ों रुपये के कारोबार और आत्मनिर्भरता का जरिया बना दिया है।अक्सर बेकार समझी जाने वाली पराली अब महिलाओं के लिए रोजगार और कमाई का जरिया बन चुकी है। हरियाणा और राजस्‍थान की महिलाएं बेकार समझी जाने वाली पराली की मदद से शानदार प्रोडक्‍ट तैयार कर रहीं हैं।

इसका ताजा उदाहरण हरियाणा के राखीगढ़ी महोत्सव में देखने को मिला। जहां महिलाओं ने इसी पराली से लैंप, गुलदस्ते, कलमदान और सजावट से जुड़ी कई खूबसूरत चीजें तैयार कर सभी को सोचने को मजबूर कर दिया कि वाकई बेकार समझी जाने वाली चीज भी कमाल का काम कर सकती है। ये उदाहरण हरियाणा का ही नहीं बल्कि इससे सटे राजस्‍थान का भी है।

 Income From Paddy Stubble: महिलाओं को मिला रोजगार

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पराली से बने इन खास उत्पादों की बिक्री से महिलाओं को बेहतर आमदनी हो रही है। हरियाणा सरकार की ओर से जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, इस पहल से करीब 40 महिलाओं को रोजगार मिला है। इतना ही नहीं ग्रुप की प्रमुख वस्तुओं की बिक्री से हर महीने लगभग 30 हजार रुपये तक की कमाई हो रही है।

Income From Paddy Stubble: कमाल के सजावटी उत्‍पाद

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अक्‍सर धान की कटाई के बाद खेतों में बचने वाली पराली को आमतौर पर किसान बेकार समझकर जला देते हैं, लेकिन पर्यावरण संरक्षण के मकसद से अब इन्‍हें जलाने की बजाय इनसे एक से बढ़कर एक लाजवाब प्रोडक्‍ट तैयार किए जा रहे हैं। हरियाणा सरकार की ओर से एक खास मुहिम चलाकर महिलाओं को इससे जोड़ा जा रहा है। यहां के राखीगढ़ी क्षेत्र में महिलाओं ने इसी पराली के इस्‍तेमाल से सजावटी उत्पाद बनाने का अनूठा रास्ता खोज निकाला है।

महिलाएं पराली की मदद से मोमबत्तियां, सुंदर कलमदान, गिलास, लैंप आदि वस्‍तुएं तैयार कर रही हैं। ये उत्‍पाद इतने बेजोड़ और कमाल के हैं कि आप इन्‍हें अपने घरों और कार्यालयों में इस्तेमाल कर सकते हैं। राजस्‍थान में भी महिलाएं सेल्‍फ हेल्‍प ग्रुप के माध्‍यम से पराली का इस्‍तेमाल डेकोरेशन प्रोडक्‍ट, प्‍लेट और गिलास आदि बनाने में कर रही हैं। यहां के महिला कल्‍याण विभाग की ओर से कैंप का आयोजन कर महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए जागरूक किया जा रहा है।पराली से कैसे नई और आकर्षक चीजें बनाएं इसके लिए महिलाओं के लिए विशेष तौर पर कई जिलों में ट्रेनिंग सेशन भी लगाए गए हैं।

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FAQ
क्‍या वाकई पराली की मदद से खाद को तैयार किया जा सकता है?
पराली अब बेकार की नहीं बल्कि काम की चीज बन गई है। इसका इस्‍तेमाल अब खाद बनाने से लेकर कई चीजों में किया जा रहा है।
पराली किसे कहते हैं और किसान इसे क्यों जलाते हैं?
कंबाइन हार्वेस्टर मशीन से धान की कटाई के बाद फसल का निचला हिस्सा (डंठल और जड़) खेत में ही छूट जाता है, जिसे पराली या ठूंठ कहा जाता है।
आखिर किसान क्‍यों पराली को जलाते हैं, इसका दुष्‍प्रभाव क्‍या है?
धान की कटाई पूरी होने के बाद गेहूं की बुवाई के बीच केवल 15 से 20 दिनों का समय होता है। खेत को जल्दी और कम खर्च में साफ करने के लिए किसान पराली को जला देते हैं। इसे जलाने से पर्यावरण को काफी नुकसान होता है।
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