• Ankita Bangwal
  • Editorial27 Aug 2021, 12:58 IST

गोलकोंडा किले की है दिलचस्प कहानी, जानें इससे जुड़े कुछ फैक्ट्स

अपनी वास्तुकला, पौराणिक कथाओं और इतिहास के लिए मशहूर गोलकोंडा किले के बारे में आप भी जानें।
  • Ankita Bangwal
  • Editorial27 Aug 2021, 12:58 IST
golconda fort amazing facts

यह किला तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के पास स्थित है। किला 1143 का है, जब इसे कुतुब शाही राजवंश द्वारा बनवाया गया था। ऐतिहासिक गोलकोंडा किले का नाम एक तेलुगु शब्द 'गोल्ला कोंडा' से लिया गया है जिसका अर्थ है चरवाहा। प्रारंभ में यह एक मिट्टी का किला था लेकिन बाद में कुतुब शाही राजवंश के दौरान ग्रेनाइट में बदल दिया गया। इस किले के बारे में और भी कई दिलचस्प बातें हैं जो हमें और आपको नहीं मालूम होंगी। आइए इससे जुड़े कुछ दिलचस्प तथ्यों को जानें।

1फोर्ट के सीक्रेट टनल्स

secret tunnels in golconda fort

ऐसा माना जाता है कि इस किले में कुछ गुप्त सुरंग हैं, जो दरबार हॉल से शुरू होती है और हिल के बॉटम तक एक महल तक जाती है। कहा जाता है कि यह बचने के मार्ग के रूप में बनाई गई थी, लेकिन इसे कोई ढूंढ नहीं पाया है।

2अमेरिका में तीन जगह के नाम इससे प्रेरित

golconda fort inspired places in usa

संयुक्त राज अमेरिका में गोलकोंडा नाम से ही तीन जगहों के नाम पड़े हैं- एरिजोना, इलिनोइस और नेवादा में, एरिजोना और नेवादा के माइनिंग टाउन को  गोलकोंडा टाउन के नाम से जाना जाता है। हालांकि अब एरिजोना और नेवादा के टाउन घोस्ट टाउन के नाम से जाने जाते हैं। वहीं हैदराबाद की तरह दिखने वाले इलिनोइस में सराहविले टाउन को 1817 में गोलकोंडा नाम दिया गया था।

3दुनिया भर में फेमस डायमंड

kohinoor was excavated from golconda fort

हमारा कोहिनूर जो आज ब्रिटिशर्स के पास है, वो हैदराबाद के गोलकोंडा से ही मिला था। यह भी कहा जाता है कि दुनियाभर के लोकप्रिय हीरे जैसे दरिया-ए-नूर, नूर-उल-ऐन हीरा, होप डायमंड और रीजेंट डायमंड की खुदाई गोलकुंडा की खानों में की गई थी।

4सबसे ऊपर है महाकाली का मंदिर

mahankali temple atop golconda fort

गोलकोंडा के सबसे ऊपर श्री जगदम्बा महा मंदिर स्थित है। राजा - इब्राहिम कुली कुतुब शाह अपनी प्रजा के बीच इतना लोकप्रिय था कि उसे हिंदुओं द्वारा मलकाभिराम कहा जाता था। यहां बोनालू उत्सव मनाने के बाद पूरे शहर में इस उत्सव को मनाया जाता है।

5400 साल पुराना पेड़

oldest tree in the fort

इस किले के अंदर ही एक बहुत पुराना अफ्रीकी बाओबाब पेड़ है, जो 400 साल पुराना है। कहा जाता है कि इस पेड़ को कुछ अरेबियन ट्रेडर्स ने सुल्तान मोहम्मद कुली कुतुब शाह को तोहफे में दिया था। स्थानीय लोग इसे हथियां का झाड़ कहते हैं। 

 

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6पहले था मिट्टी का किला

golconda fort was mud fort

गोलकोंडा का शाब्दिक अर्थ है चरवाहा की पहाड़ी। इसे 13वीं शताब्दी में तत्कालीन काकतीय शासकों द्वारा बनाया गया था। कहा जाता है कि एक चरवाहा लड़के को यहां एक मूर्ति मिली थी, जिसे वह तत्कालीन शासकों के पास लाया। उन्होंने मूर्ति को बीच में रख मिट्टी के किले का निर्माण किया। हालांकि बाद में इसे ग्रेनाइट के पत्थरों से बनाया गया था।

7बाला हिसार पवेलियन की खासियत

bala hissar pavallian in golconda fort

किले में बाला हिसार पवेलियन एक जगह है, जो इस किले का सबसे ऊंचा बिंदु है और यह एंट्रेंस से सिर्फ एक किलोमीटर की दूरी पर है। अगर आप एंट्रेंस पर ताली बजाते हैं, तो आपको आवाज पवेलियन तक आती है। इतना ही नहीं अगर आप आप बात भी करते हैं, तो वह साफ आपको इस जगह पर सुनाई देगी।

8फतेह दरवाजा

fateh darwaza in golconda fort

गोलकोंडा किले में आठ महत्वपूर्ण द्वार हैं। उन्हीं में से एक फतोह दरवाजा है, जिससे औरंगजेब की सेना ने प्रवेश किया था। कहा जाता है कि औरंगजेब ने कुतुब शाही अधिकारी अब्दुल्ला खान पन्नी को रिश्वत देकर यह गेट खुलवाया था। यह फतेह दरवाजा 13 फीट चौड़ा और 25 फीट लंबा है।

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9फेमस लाइट एंड साउंड शो

light and sound show of golconda fort

गोलकोंडा फोर्ट हैदराबाद शहर के सबसे प्रसिद्ध स्थलों में से एक है। यहां होने वाला लाइट एंड साउंड शो तीन-तीन भाषाओं में होता है- अंग्रेजी, हिंदी और तेलुगू। इस शो में हैदराबाद के इतिहास के बारे में जानने को मिलेगा। गोलकोंडा फोर्ट सुबह 9 बजे से शाम के 5.30 बजे तक खुला रहता है। फोर्ट के इस साउंड एंड लाइट शो का प्रवेश शुल्क 130 रुपये है।

 

हैदराबाद के रहस्यों से भरे इस 400 साल पुराने गोलकोंडा किला के बारे में ये बातें जानकर आपको भी हैरानी हुई होगी। अपनी वास्तुकला, पौराणिक कथाओं, और इतिहास के लिए जाने जाने वाले किले की सैर आप भी जरूर करें। उम्मीद है आपको यह आर्टिकल पसंद आया होगा। ट्रैवल के ऐसे ही आर्टिकल पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।

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