Ganpati Puja 2025: बड़े गणपति के साथ क्यों स्थापित की जाती है छोटी मूर्ति? जानिए यहां

गणपति स्थापना के समय बड़ी मूर्ति के साथ मंदिर में छोटे गणेश जी को रखा जाता है। इसके पीछे भी महत्व है, जिसे हमारे साथ पंडित जी ने शेयर की है। आर्टिकल में आपको विस्तार से बताते हैं।
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गणपति स्थापना हर कोई अपने घर में करता है। इसके लिए लोग बाहर से हमेशा बड़ी मूर्ति को लेकर आते हैं, ताकि उनके उनके घर पर विराजमान कर सके। यह बहुत खास परंपरा है। लेकिन बड़ी मूर्ति के साथ छोटी मूर्ति को भी स्थापित की जाती है। यह सिर्फ एक रिवाज नहीं, बल्कि इसके पीछे एक अलग महत्व है। इसके बारे में पंडित जन्मेश द्विवेदी जी ने जानकारी शेयर की है। आर्टिकल में आपको इसके बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं।

बड़े गणपति के साथ छोटी मूर्ति स्थापित करने का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गणेश जी की बड़ी प्रतिमा का विसर्जन पूरे विधि-विधान से किया जाता है। जब भक्त गणपति बप्पा को विदाई देते हैं, तो छोटी मूर्ति को घर में ही रखा जाता है। यह छोटी मूर्ति प्रतीक होती है कि गणेश जी का आशीर्वाद और उनकी उपस्थिति हमेशा हमारे घर में बनी रहती है। यह एक तरह से भक्तों को यह एहसास कराता है कि बप्पा केवल कुछ दिनों के मेहमान नहीं, बल्कि हमेशा उनके साथ हैं।

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गणपति मूर्ति की स्थापना से आती है सकारात्मकता

माना जाता है कि छोटी मूर्ति घर में बप्पा की सकारात्मक ऊर्जा को बनाए रखती है। विसर्जन के बाद भी, छोटी मूर्ति की पूजा और दर्शन करके भक्त अपने जीवन में ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार कर सकते हैं। यह मूर्ति घर में सुख-समृद्धि, ज्ञान और सौभाग्य को आकर्षित करती रहती है।

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गणपति मूर्ति की स्थापना से होता है भावनात्मक जुड़ाव

गणपति बप्पा के साथ भक्तों का भावनात्मक जुड़ाव बहुत गहरा होता है। जब बड़ी मूर्ति का विसर्जन होता है, तो भक्त भावुक हो जाते हैं। छोटी मूर्ति को घर में रखने से यह भावनात्मक जुड़ाव बना रहता है। यह एक तरह से आश्वासन देता है कि बप्पा की कृपा हमेशा उनके ऊपर बनी हुई है।

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इस तरह, बड़ी मूर्ति को विदा करने का मतलब यह नहीं कि बप्पा चले गए हैं। छोटी मूर्ति को घर में रखकर भक्त उन्हें हमेशा अपने साथ रखते हैं और उनकी कृपा का अनुभव करते रहते हैं। इसलिए दोनों मूर्ति को एक साथ मंदिर में रखा जाता है, ताकि बप्पा का आशीर्वाद बना रहे।

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Image Credit- Freepik

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