Fri Sep 11, 2026 | Updated 08:16 PM IST

Ganpati Puja 2025: बड़े गणपति के साथ क्यों स्थापित की जाती है छोटी मूर्ति? जानिए यहां

गणपति स्थापना के समय बड़ी मूर्ति के साथ मंदिर में छोटे गणेश जी को रखा जाता है। इसके पीछे भी महत्व है, जिसे हमारे साथ पंडित जी ने शेयर की है। आर्टिकल में आपको विस्तार से बताते हैं।
Updated:- 2025-08-29, 18:14 IST
image

गणपति स्थापना हर कोई अपने घर में करता है। इसके लिए लोग बाहर से हमेशा बड़ी मूर्ति को लेकर आते हैं, ताकि उनके उनके घर पर विराजमान कर सके। यह बहुत खास परंपरा है। लेकिन बड़ी मूर्ति के साथ छोटी मूर्ति को भी स्थापित की जाती है। यह सिर्फ एक रिवाज नहीं, बल्कि इसके पीछे एक अलग महत्व है। इसके बारे में पंडित जन्मेश द्विवेदी जी ने जानकारी शेयर की है। आर्टिकल में आपको इसके बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं।

बड़े गणपति के साथ छोटी मूर्ति स्थापित करने का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गणेश जी की बड़ी प्रतिमा का विसर्जन पूरे विधि-विधान से किया जाता है। जब भक्त गणपति बप्पा को विदाई देते हैं, तो छोटी मूर्ति को घर में ही रखा जाता है। यह छोटी मूर्ति प्रतीक होती है कि गणेश जी का आशीर्वाद और उनकी उपस्थिति हमेशा हमारे घर में बनी रहती है। यह एक तरह से भक्तों को यह एहसास कराता है कि बप्पा केवल कुछ दिनों के मेहमान नहीं, बल्कि हमेशा उनके साथ हैं।

2 - 2025-08-29T152932.267

गणपति मूर्ति की स्थापना से आती है सकारात्मकता

माना जाता है कि छोटी मूर्ति घर में बप्पा की सकारात्मक ऊर्जा को बनाए रखती है। विसर्जन के बाद भी, छोटी मूर्ति की पूजा और दर्शन करके भक्त अपने जीवन में ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार कर सकते हैं। यह मूर्ति घर में सुख-समृद्धि, ज्ञान और सौभाग्य को आकर्षित करती रहती है।

1 - 2025-08-29T152933.519

इसे भी पढ़ें: Ganesh Puja 2025: गणपति बप्पा के स्वागत के लिए दरवाजे पर लगाएं इन पत्तों से बना तोरण, जानें महत्व

गणपति मूर्ति की स्थापना से होता है भावनात्मक जुड़ाव

गणपति बप्पा के साथ भक्तों का भावनात्मक जुड़ाव बहुत गहरा होता है। जब बड़ी मूर्ति का विसर्जन होता है, तो भक्त भावुक हो जाते हैं। छोटी मूर्ति को घर में रखने से यह भावनात्मक जुड़ाव बना रहता है। यह एक तरह से आश्वासन देता है कि बप्पा की कृपा हमेशा उनके ऊपर बनी हुई है।

3 - 2025-08-29T152929.968

इसे भी पढ़ें: Ganpati Utsav 2025: गणपति को प्रिय है दूर्वा घास, इन 2 तरीकों से करें अर्पण और पाएं कृपा

इस तरह, बड़ी मूर्ति को विदा करने का मतलब यह नहीं कि बप्पा चले गए हैं। छोटी मूर्ति को घर में रखकर भक्त उन्हें हमेशा अपने साथ रखते हैं और उनकी कृपा का अनुभव करते रहते हैं। इसलिए दोनों मूर्ति को एक साथ मंदिर में रखा जाता है, ताकि बप्पा का आशीर्वाद बना रहे।

इस आर्टिकल के बारे में अपनी राय आप हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। साथ ही,अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें। इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हर जिन्दगी के साथ

Image Credit- Freepik

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।