चैत्र माह में यूं तो किसी भी धर्म ग्रंथ को पढ़ने से घर में शुभता आती है और सकारात्मकता बढ़ती है लेकिन इस माह में विशेष रूप से विष्णु पुराण का पाठ करना श्रेष्ठ और लाभकारी माना जाता है। ऐसे में ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स से आइये जानते हैं कि आखिर चैत्र माह में विष्णु पुराण का पाठ करने से क्या लाभ मिलते हैं, किस विधि से इसका पाठ करना चाहिए और क्या नियम हैं।
चैत्र माह में विष्णु पुराण का पाठ करने का धार्मिक लाभ
चैत्र माह में विष्णु पुराण का पाठ विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है, क्योंकि इस माह में हिंदू धर्म में नवरात्रि और अन्य धार्मिक अनुष्ठान होते हैं, जो आत्मिक उन्नति और समृद्धि के प्रतीक होते हैं। विष्णु पुराण का पाठ करने से व्यक्ति की आत्मा की शुद्धि होती है और उसे भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। यह पुराण भगवान विष्णु के दिव्य गुणों, उनके अवतारों और उनके योगदान की महिमा का वर्णन करता है, जिससे व्यक्ति को जीवन के कष्टों से मुक्ति और मानसिक शांति मिलती है। इसके अलावा, यह पाठ घर में सुख, समृद्धि और शांति लाने में मदद करता है, साथ ही भक्त को पुण्य की प्राप्ति भी होती है।
चैत्र माह में विष्णु पुराण का पाठ करने का ज्योतिष लाभ
चैत्र माह में विष्णु पुराण का पाठ ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी अत्यधिक लाभकारी माना जाता है। इस समय सूर्य की स्थिति और नक्षत्रों का प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर गहरा असर डालता है। विष्णु पुराण का पाठ व्यक्ति के शुभ ग्रहों को बल प्रदान करता है और दोषपूर्ण ग्रहों की शांति में मदद करता है। विशेष रूप से, यह पुराण शुक्र, बृहस्पति और सूर्य जैसे ग्रहों के प्रभाव को संतुलित करने में सहायक होता है। इसके माध्यम से मानसिक शांति, समृद्धि और भाग्य में सुधार होता है। साथ ही, यह व्यक्ति के जीवन में समृद्धि और सुख-शांति लाने के लिए सकारात्मक ग्रहों के प्रभाव को प्रोत्साहित करता है।
चैत्र माह में विष्णु पुराण का पाठ करने की सही विधि
चैत्र माह में विष्णु पुराण का पाठ करने के लिए सबसे पहले एक साफ और शुद्ध स्थान पर व्रत या अनुष्ठान करना चाहिए। सुबह के समय स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनें और भगवान विष्णु की पूजा करें। पूजा में तुलसी के पत्ते, दीपक, फल, फूल और पंचामृत का उपयोग करें। फिर, विष्णु पुराण को श्रद्धापूर्वक पढ़ें या सुनें। यदि संभव हो तो प्रतिदिन 1 या 2 अध्याय का पाठ करें और पूरे माह में इसे नियमित रूप से करें। इस दौरान भगवान विष्णु के मंत्र 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' का जप भी करें। विशेष ध्यान रखें कि पूरी श्रद्धा और ध्यान के साथ पाठ किया जाए, ताकि शुभ परिणाम मिल सकें।
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चैत्र माह में विष्णु पुराण का पाठ करने के नियम
चैत्र माह में विष्णु पुराण का पाठ करने के लिए कुछ विशेष नियमों का पालन करना चाहिए। सबसे पहले, पाठ करने से पहले शरीर और मन को शुद्ध करना आवश्यक है, इसलिए स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें। पुराण का पाठ सुबह या संध्याकाल करना सर्वोत्तम माना जाता है। पाठ के दौरान भगवान विष्णु की पूजा करें, दीपक जलाएं और तुलसी के पत्ते अर्पित करें। यदि पूरी पुस्तक का पाठ करना कठिन हो, तो हर दिन कुछ भाग का चयन करके नियमित रूप से पढ़ें। विष्णु पुराण के पाठ के बाद विष्णु मंत्र का जप करना भी शुभ फल देता है। ऐसे में पाठ के अंत में मंत्र जाप करने के बाद ही आसन से उठें।
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