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Sawan Pradosh Vrat Kab Hai 2024: सावन में प्रदोष व्रत कब-कब पड़ेंगे, यहां जानें सही तारीख और मुहूर्त

सनातन धर्म में किसी भी प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है, लेकिन यदि आप सावन में पड़ने वाले दोनों प्रदोष व्रतों का पालन करती हैं और शुभ मुहूर्त में ही पूजन करती हैं तो ये शुभ फलदायी हो सकता है। 
Editorial
Updated:- 2024-07-22, 13:29 IST

हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है और इसमें भगवान शिव की पूजा से विशेष लाभ होता है। ऐसी मान्यता है कि जो व्यक्ति इस दिन व्रत करने वाले की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और सुख-समृद्धि बनी रहती है। यह व्रत पूर्ण रूप से भगवान शिव को समर्पित है और प्रत्येक चंद्र पखवाड़े के 13वें दिन पड़ता है।

यह पवित्र दिन विजय और भय को दूर करने का प्रतीक माना जाता है। प्रत्येक माह में दो प्रदोष व्रत होते हैं। पहला  कृष्ण पक्ष में और दूसरा शुक्ल पक्ष में। इसी तरह साल में 12 प्रदोष व्रत होते हैं। सभी प्रदोष व्रतों में से सावन के व्रत सबसे प्रमुख माने जाते हैं क्योंकि ये पूरा महीना भगवान शिव को समर्पित होता है।

सावन के दोनों प्रदोष व्रत विशेष महत्वपूर्ण होते हैं और इन्हें करने से आपकी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। आइए ज्योतिर्विद पंडित रमेश भोजराज द्विवेदी से जानें इस साल सावन के प्रदोष व्रत की तिथियों, पूजा के शुभ मुहूर्त और पूजा की सही विधि के बारे में। 

सावन प्रदोष व्रत का महत्व (Significance of Sawan Pradosh Vrat)

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किसी भी प्रदोष व्रत का अपना अलग महत्व है और इससे आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं। मुख्य रूप से यदि आप सावन के महीने में पड़ने वाले दो प्रदोष व्रत में भगवान् शिव का पूजन करते हैं और शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं तो आपके जीवन में सदैव खुशहाली बनी रहती है।

यह पवित्र उपवास आपको अपने आंतरिक भाव से जोड़ने की शक्ति रखता है, जिससे आपको खुशी और आध्यात्मिक विकास मिलता है। यह आपकी आत्मा के लिए एक तृप्ति प्रदान करता है और पहले की किसी भी गलती की क्षमा के रूप में देखा जाता है। इस व्रत से आप आगे आने वाले चुनौतियों का भी आसानी से सामना करते हैं। 

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सावन माह का पहला प्रदोष व्रत कब है (Sawan First Pradosh Vrat Date)

इस साल सावन का महीना 22 जुलाई से शुरू होकर 19 अगस्त तक चलेगा। ऐसे में इस माह के दौरान दो प्रदोष व्रत पड़ेंगे। इस महीने का पहला प्रदोष व्रत 1 अगस्त को पड़ेगा और यह गुरूवार के दिन पड़ने की वजह से गुरु प्रदोष व्रत होगा। सावन माह में होने की वजह से इसकी मान्यता कई गुना तक बढ़ जाएगी। यह व्रत सावन के पहले 15 दिनों में होगा, इसलिए यह सावन के कृष्ण पक्ष का प्रदोष व्रत होगा। 

सावन माह के पहले प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त (Sawan First Pradosh Vrat Shubh Muhurat)

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  • सावन के पहले प्रदोष व्रत में यदि आप शुभ मुहूर्त में पूजा करेंगे तो आपको इसके अत्यंत शुभ फल मिल सकते हैं। 
  • प्रदोष व्रत के दिन प्रदोष काल में किया गया पूजन अत्यंत फलदायी माना जाता है। 
  • सावन के पहले प्रदोष व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त 1 अगस्त शाम 7 बजकर 12 मिनट से रात 9 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। 
  • इस प्रदोष व्रत का आरंभ 1 अगस्त की दोपहर 03 बजकर 28 मिनट से होगा और इसका समापन 2 अगस्त दोपहर 03:26 पर होगा।
  • जो लोग इस दौरान व्रत रखेंगे इसके लिए शुभ मुहूर्त में पूजा करना फलदायी होगा। 

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सावन माह का दूसरा प्रदोष व्रत कब है (Sawan Second Pradosh Vrat Date)

सावन के महीने में दूसरा प्रदोष व्रत शुक्ल पक्ष में पड़ेगा। यह व्रत 17 अगस्त को होगा और इस दिन शनिवार होने की वजह से इसे शनि प्रदोष कहा जाएगा। शनिवार के दिन पड़ने की वजह से इस व्रत का महत्व कई गुना बढ़ जाएगा। मान्यता है कि सावन के शनि प्रदोष में जो व्यक्ति शुभ मुहूर्त में पूजन करता है उसकी समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और शनि दोष से भी मुक्ति मिल सकती है। 

सावन माह के दूसरे प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त (Sawan Second Pradosh Vrat Shubh Muhurat)

  • सावन का दूसरा प्रदोष व्रत 17 अगस्त 2024, शनिवार को रखा जाएगा।
  • इस दिन की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 06:58 से आरंभ होकर रात्रि 09:09 बजे तक रहेगा। 
  • शनि प्रदोष व्रत का आरंभ 17 अगस्त प्रातः 8 बजकर 5 मिनट पर होगा और इसका समापन 18 अगस्त प्रातः 5 बजकर 51 मिनट पर होगा।
  • शनि प्रदोष के दिन भी शुभ मुहूर्त में पूजन करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। 

सावन में प्रदोष व्रत रखते समय रखें इन बातों का ध्यान 

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यदि आप सावन के महीने में प्रदोष व्रत कर रहे हैं तो सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है इस दौरान भगवान शिव का पूजन करना। यदि आप उपवास के दौरान शिव और माता पार्वती  का पूजन करने के साथ उनकी पसंद की सभी चीजें अर्पित करते हैं तो उनकी कृपा बनी रहती है। 

जिस दिन आप व्रत का आरंभ करें ध्यान रखें कि उसके एक दिन पहले से ही तामसिक भोजन का त्याग करें। वैसे तो आपको सावन के पूरे महीने प्याज-लहसुन या तामसिक भोजन का त्याग करना चाहिए, लेकिन यदि आप ऐसा नहीं कर रहे हैं तो व्रत एक एक-दो दिन पहले से इसका पालन जरूर करें। 

यदि आप सावन महीने में विधि-विधान से प्रदोष व्रत करते हैं और शुभ मुहूर्त में पूजन करें तो आपकी सभी मनोकामनाओं को पूर्ति हो सकती है और पूरे साल सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। 

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