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Arundhati Roy की इन चर्चित रचनाओं के बिना अधूरी है आपकी किताबों की दुनिया

अगर आप ऐसी किताबें पढ़ना चाहते हैं जो दिल को छू लें और आपको सोचने पर मजबूर कर दें, तो अरुंधति रॉय की किताबें आपकी पढ़ने की सूची में जरूर होनी चाहिए। उनकी कहानियां हमें यह समझा सकती हैं कि साहित्य केवल शब्दों का खेल नहीं, बल्कि समाज का आईना भी होता है।

Arundhati Roy Books
Arundhati Roy Books

भारतीय साहित्य जगत में अरुंधती रॉय का नाम बेहद सम्मान के साथ लिया जाता है। वे केवल एक लेखिका ही नहीं, बल्कि एक सामाजिक चिंतक भी हैं, जिनकी रचनाएं समाज, राजनीति और मानवीय संवेदनाओं को गहराई से उजागर करती हैं। उनकी लेखनी में सच्चाई, संवेदनशीलता और साहस साफ झलकता है। अगर आप भी किताबों के शौकीन हैं तो इनकी किताबों के बिना तो आपकी रीडिंग लिस्ट अधूरी रह जाएगी। इनकी रचनाएं आपके दिल को छू जाने के साथ-साथ आपको सोचने पर भी मजबूर कर सकती हैं। उपन्यासों के अलावा Arundhati Roy ने कई प्रभावशाली निबंध भी लिखे हैं, जिनमें विकास, पर्यावरण, लोकतंत्र और मानवाधिकार जैसे मुद्दों पर उन्होंने बेबाक राय रखी है। उनकी रचनाएं केवल मनोरंजन नहीं करतीं, बल्कि पाठकों को सोचने और सवाल करने के लिए प्रेरित कर सकती हैं।

देखिए 5 बेहतरीन रचनाएं यहां -

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Mother Mary Comes to Me: From the Booker Prize-Winning Author

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“मदर मैरी कम्स टू मी” प्रसिद्ध लेखिका अरुंधति रॉय का पहला संस्मरण है जो 2025 में प्रकाशित हुआ था। इस किताब में लेखिका ने मुख्य रूप से अपनी मां मैरी रॉय के बारे में चर्चा की है और साथ ही, इसमें आपको उनके केरल से दिल्ली तक के सफर, बचपन की यादें और अपनी माता के साथ गहरे संबंध को भी देखने का अवसर मिल सकता है। यह किताब अंग्रेजी में लिखी गई है और इसमें कुल 376 पन्ने दिए गए हैं। लेखिका ने इस किताब में आसान भाषा में अपने व्यक्तिगत जीवन और एक लेखक-कार्यकर्ता के रूप में उनके सफर के हास्यपूर्ण और कभी-कभी परेशान करने वाले किस्से को शामिल किया है। 

किताबों के अलावा उपकरणों, फैशन और कई अन्य तरह के प्रोडक्ट्स की जानकारी योर पिक्स पर मिल जाएगी।

Mother Mary Comes to Me: From the Booker Prize-Winning Author, Arundhati Roy

₹535.00

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02

God of Small Things: Booker Prize Winner 1997

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यह किताब अरुंधति रॉय की काफी लोकप्रिय किताब मानी गई है जिसे बूकर प्राइज़ भी मिला हुआ है। The God of Small Things यह उनका पहला उपन्यास है जो विश्वभर में बेहद सराहा गया। इस उपन्यास में उन्होंने केरल के एक परिवार की कहानी के माध्यम से जाति, प्रेम और सामाजिक बंधनों की जटिलताओं को बड़ी खूबसूरती से प्रस्तुत किया है। भाषा की कोमलता और भावनाओं की गहराई इस पुस्तक को खास बनाती है। इसमें कुल 356 पन्ने दिए गए हैं और यह अंग्रेजी की सरल भाषा में लिखी गई है। काव्यात्मक शैली में लिखी गई यह किताब मानवीय भावनाओं और सामाजिक त्रासदी के असहज सच को सामने ला सकता है।

The God of Small Things: Winner of the Booker Prize (1997), English fiction novel by award winning author

₹269.00

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03

Ministry of Utmost Happiness, The (PB)

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इंग्लिश भाषा में लिखी गई The Ministry of Utmost Happiness अरुंधति रॉय की काफी चर्चित उपन्यास है जिसमें कुल 464 पन्ने दिए गया है। इस किताब में उन्होंने आधुनिक भारत के सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य को संवेदनशील दृष्टि से उकेरा है। यह कहानी कई पात्रों के जीवन को जोड़ते हुए हमें समाज के उन पहलुओं से रूबरू करा सकती है, जिन पर अक्सर खुलकर बात नहीं की जाती। इस किताब में आपको दिल्ली की तंग गलियों से लेकर कश्मीर की खूबसूरत लेकिन हिंसाग्रस्त वादियों तक का सफर देखने को मिल सकता है।

The Ministry of Utmost Happiness

₹412.00

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04

Mamooli Cheezon Ka Devata

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295 पन्नों की यह किताब हिन्दी भाषा में लिखी गई है जिसे आसानी से पढ़ा जा सकता है। आपको बता दे, इस किताब में लेखिका ने केरल के एक ऐसे परिवार की कहानी को बताया है जो सामाजिक नियमों, जातिवाद और प्रेम-प्रतिबंध से घिरे हुए हैं। यह उपन्यास बताता है कि प्रेम के कानून कैसे निर्धारित करते हैं कि किस से प्रेम किया जाना चाहिए और कैसे करना चाहिए। यह Book आपको सोचने पर मजबूर कर सकती है कि सामाजिक चोंचलों ने किस तरह से प्रेम-संबंध को खराब किया है।

Mamooli Cheezon Ka Devata

₹289.00

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Azadi

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इस किताब में आपको आधुनिकता की झलक देखने को मिल सकती है। हिन्दी भाषा में लिखी गई अरुंधति रॉय की पुस्तक Azadi, 2018-2020 के बीच लिखे गए नौ निबंधों का एक संकलन है। इसमें 21वीं सदी के भारत में बढ़ते ध्रुवीकरण, फासीवाद, महामारी के दौर में नागरिकता यानी CAA-NRC के मुद्दे, कश्मीर मुद्दे और बोलने की स्वतंत्रता पर तीखे सवाल देखने को मिल सकते हैं, जिसमें लेखिका ने सत्ता के सामने सच रखने की चुनौती दी है। यह किताब 248 पन्नों की है जो आपको सोचने पर मजबूर कर सकती है और साथ ही आपको रोमांचित भी कर सकती है। साफ तौर पर, यह पुस्तक वर्तमान भारतीय राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य की आलोचनात्मक समझ प्रस्तुत करती है। 

हाउस ऑफ बुक्स की कैटेगरी पर इस प्रकार के अन्य लेख पढ़ सकते हैं।

Azadi

Rs. 229

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इन्हें भी पढ़ें - 

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Faq's

अरुंधति रॉय कौन हैं?

अरुंधति रॉय एक प्रसिद्ध भारतीय लेखिका, उपन्यासकार और सामाजिक कार्यकर्ता हैं, जो अपने साहसी और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं।

अरुंधति रॉय की सबसे प्रसिद्ध किताब कौन-सी है?

उनकी सबसे प्रसिद्ध किताब The God of Small Things है, जिसके लिए उन्हें बुकर पुरस्कार मिला था। इसके अलावा भी कई सारी किताबें है जो लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हुई है।

क्या अरुंधति रॉय को कोई अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिला है?

उन्हें वर्ष 1997 में “द गॉड ऑफ स्मॉल थिंग्स” के लिए प्रतिष्ठित बुकर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा उन्हें सामाजिक अन्याय के खिलाफ और शांति के लिए उनके काम के लिए सिडनी शांति पुरस्कार (2004) में मिला था। इसके अलावा भी उन्हें कई सारे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं।

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