गर्मियों का मौसम आते ही लगभग हर घर में एसी कई घंटों तक चालू रहने लगता है। कभी-कभी रातों में भी एसी चलते रह जाता है। लेकिन जैसे-जैसे एसी का इस्तेमाल बढ़ता है, वैसे-वैसे बिजली का बिल भी लोगों की चिंता बढ़ा देता है। कई लोग यह सोचते हैं कि अगर बिल कम करना है तो एसी कम चलाना पड़ेगा। जबकि सच यह है कि कुछ आसान और स्मार्ट आदतें अपनाकर आप बिना कूलिंग से समझौता किए अपने बिजली के बिल को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
जानें एसी चलाने के सही तरीका यहां जिससे होगी आपकी बिजली की बचत और मिलेगी आरामदायक ठंडक।
सही तापमान पर चलाएं एसी
अक्सर लोग कमरे को जल्दी ठंडा करने के लिए एसी का तापमान 16 या 18 डिग्री पर सेट कर देते हैं। लेकिन इससे कमरा बहुत तेजी से ठंडा नहीं होता, बल्कि एसी को ज्यादा देर तक मेहनत करनी पड़ती है। आपको बता दें, 24 से 26 डिग्री सेल्सियस का तापमान आरामदायक भी होता है और बिजली की खपत भी कम करता है। वहीं, एसी चलाते समय अगर कमरे में कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लगातार चल रहे हों, तो वे अतिरिक्त गर्मी पैदा करते हैं। इसलिए यह कोशिश किया जा सकता है कि जरूरत न होने पर टीवी, कंप्यूटर या अन्य उपकरण बंद रखा जाए ताकि एसी पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।
सही मोड का करें इस्तेमाल
अगर आप रातभर एसी चलाकर सोते हैं, तो स्लीप मोड या टाइमर का इस्तेमाल करना एक अच्छा विकल्प है। इससे रात के समय एसी जरूरत के अनुसार काम करता है। जैसे अगर अप स्लीप मोड लगाते हैं तो यह धीरे-धीरे तापमान को बढ़ाने का काम करता है जिससे अनावश्यक बिजली की खपत कम हो जाती है। इसके अलावा, बारिश के मौसम में Air Conditioner में मौजूद ड्राई मोड का इस्तेमाल किया जा सकता है जो कमरे में मौजूद अतिरिक्त नमी को हटाकर आरामदायक ठंडक फैलाने में मदद करता है। यानी ज्यादा एसी चलाए बिना सही ठंडक मिल पाएगी।
बिजली बचाने वाले प्रमुख एसी फीचर्स
एसी में ऐसे कई सारे फीचर्स आते हैं जिनकी मदद से बिजली की बचत भी हो सकती है और आपको आरामदायक ठंडक भी मिल सकती है -
- इन्वर्टर टेक्नोलॉजी वाले एसी कंप्रेसर पर कम दबाव डालते हैं और बार-बार बंद व चालू करने के बजाय कमरे के तापमान के हिसाब से उसकी गति को नियंत्रित करते हैं जिससे बिजली की खपत कम होती है।
- नया 5-स्टार एनर्जी रेटिंग वाला मॉडल लंबे समय में बिजली के बिल में अच्छी बचत कर सकता है।
- इको मोड फीचर कंप्रेसर के लोड को सीमित करके सही ठंडक देने में मदद करता है।
- एसी में मौजूद कन्वर्टिबल फीचर की मदद से जरूरत के अनुसार एसी कूलिंग क्षमता को एडजेस्ट किया जा सकता है जिससे बेहतर कूलिंग के साथ-साथ ऊर्जा की खपत भी कम होती है।
नियमित सर्विसिंग और फिल्टर की सफाई है जरूरी
बता दें कि गंदे एयर फिल्टर की वजह से हवा का प्रवाह कम हो जाता है और एसी को अधिक बिजली खर्च करनी पड़ती है। इसलिए हर 15 से 30 दिन में फिल्टर की सफाई करना सही माना जाता है जिससे एसी बेहतर कूलिंग देता है और बिजली की बचत भी होती है। यह भी देखा जाता है कि कई बार सालों तक लोग एसी की सर्विस नहीं कराते। इससे उसकी कूलिंग क्षमता घटने लगती है और बिजली की खपत बढ़ जाती है। इसलिए साल में कम से कम एक या दो बार सर्विस कराना सही माना जाता है जिससे एसी लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन कर सके।
एसी चलाते वक्त कमरे के कुछ मुख्य बातों का रखें ध्यान
एसी चलाते समय कुछ मुख्य बातों का ध्यान रखकर आप सही सही ठंडक का मजा तो ले ही सकते हैं और साथ ही बिजली का बिल भी कम कर सकते हैं -
- एसी चलाते समय अगर दरवाजा या खिड़की खुली रहती है तो ठंडी हवा बाहर निकल जाती है और एसी को लगातार काम करना पड़ता है। इसलिए एसी चलाते समय कमरे को अच्छी तरह बंद रखना चाहिए।
- अगर आपके कमरे की खिड़कियों से धूप सीधे कमरे में आती है तो पर्दे या ब्लाइंड्स का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिससे कमरा ज्यादा गर्म न हो।
- एसी के साथ सीलिंग फैन चलाने से ठंडी हवा पूरे कमरे में जल्दी फैल जाती है। इससे आप एसी का तापमान थोड़ा बढ़ाकर भी आरामदायक ठंडक महसूस कर सकते हैं।
- कमरे के आकार के अनुसार सही टन क्षमता वाला एसी चुनना बहुत जरूरी है।
