चेहरे की चमक को बनाए रखने के लिए डी टैन फेस पैक काफी मददगार हो सकते हैं, क्योंकि ये पैक खास तौर पर सलंबे समय तक सूरज की किरणों से होने वाले नुकसान को हटाने का काम करते हैं। धूप से रहने से मेलेनिन की मात्रा बढ़ जाती है, जिसे टैनिंग, काले धब्बे और असमान रंगत की समस्या होती है। वहीं, De Tan Face Pack में मौजूद विटामिन सी, कोजिक ऐसिड और अन्य प्राकृतिक तत्व; डेड स्किन सेल्स को हटाने का काम करते हैं। टैनिंग हटाने के साथ-साथ ये रोमछिद्रों को भी साफ कर सकते हैं और उनमें जमा धूल-मिट्टी व पसीने को हटा सकते हैं। अगर आप रेगुलरली एक बढ़िया क्वालिटी के डी टैन फेस पैक का इस्तेमाल करेंगे तो सन डैमेज की समस्या कम हो सकती है और नमी भी बनी रह सकती है। इसी कड़ी में हम लेकर आए हैं 6 ऐसे ही डी टैन फेस पैक के विकल्प जो एक असरदार पसंद साबित हो सकते हैं।
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ग्लोइंग स्किन के लिए किस तरह के डी टैन पैक अच्छे होते हैं?
ग्लोइंग स्किन के लिए प्राकृतिक और ऐक्टिव इंग्रीडिएंट्स वाले डी टैन पैक सबसे अच्छे होते हैं। ऐसे पैक चुनें जिनमें विटामिन C, कोजिक ऐएसिड या पपीते के अर्क हों, जो टैनिंग हटाकर रंगत निखारते हैं। अगर आप प्राकृतिक विकल्प चाहते हैं, तो बेसन, दही और चुटकी भर हल्दी का मिश्रण भी बेहद मददगार हो सकता है।
टैनिंग हटाने के लिए फेस पैक को कितनी बार इस्तेमाल करना चाहिए?
टैनिंग हटाने के लिए फेस पैक का इस्तेमाल हफ्ते में 2 से 3 बार करना काफी होता है। अगर आपकी त्वचा सेंसेटिव है, तो इसे सप्ताह में केवल एक बार ही लगाएं। बार-बार पैक लगाने से त्वचा की प्राकृतिक नमी कम हो सकती है, इसलिए बेहतर परिणामों के लिए इसे नियमित अंतराल पर ही इस्तेमाल करें।
क्या किसी भी डी टैन फेस पैक को इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट जरूरी होता है?
हां, पैच टेस्ट करना बेहद जरूरी है। डी-टैन पैक में अक्सर विटामिन C या कोजिक ऐसिड जैसे तत्व होते हैं, जो संवेदनशील त्वचा पर जलन या एलर्जी पैदा कर सकते हैं। चेहरे पर लगाने से पहले इसे गर्दन या कान के पीछे लगाकर 24 घंटे तक देखें ताकि किसी भी साइड इफेक्ट से बचा जा सके।