बादल वाले मौसम में भी सनस्क्रीन लगाना क्यों न भूलें? जानिए इसका राज़!
बादल छाए रहने पर भी बिना सनस्क्रीन लगाए घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए, क्योंकि सूरज की हानिकारक किरणें हर मौसम में त्वचा को नुकसान पहुंचाती हैं। इसी के साथ सनस्क्रीन लगाने से धूल-मिट्टी और प्रदूषण से भी पूरी सुरक्षा मिलती है। जानिए इसके बारे में विस्तार से और देखिए कुछ विकल्प।
क्या आप बादल छाए रहने पर बिना सनस्क्रीन लगाए ही घर से निकल जाती हैं? तो सावधान हो जाइए, क्योंकि यह छोटी सी गलती त्वचा को काफी नुकसान पहुंचा सकती है। जी हां! मौसम चाहे जैसा हो बिना सनस्क्रीन लगाए बाहर नहीं जाना चाहिए, क्योंकि हर मौसम में ही सूरज की किरणें और प्रदूषण त्वचा को खराब करने का काम करते हैं। वहीं, बादलों की वजह से होने वाली उमस त्वचा को डीहाइड्रेट कर देती है जिसे कम करने में भी एक मॉइश्चराइजिंग सनस्क्रीन मदद करेगी। आइए जानते हैं इसके फायदों को विस्तार से-
बादल वाले मौसम में सनस्क्रीन न लगाने से होंगे ये नुकसान
UV किरणें त्वचा को करेंगी खराब- बादल छाए रहने से धूप भले ही नहीं रहती, लेकिन सूरज की हानिकारक किरणें हर मौसम में त्वचा को नुकसान पहुंचाती हैं। ऐसे में सनस्क्रीन न लगाने से त्वचा पर सनबर्न या किसी अन्य तरह की ऐलर्जी होने का खतरा बना रहेगा।
धूल और प्रदूषण से खोएगी चमक-बादल वाले मौसम में भी प्रदूषण तो रहता ही है, जो त्वचा के लिए हानिकारक होता है। वहीं, अगर अचानक आंधी आ जाए तो धूल-मिट्टी की वजह से त्वचा खराब हो सकती है लेकिन सनस्क्रीन लगाने से इनका असर कम हो जाता है।
पिगमेंटेशन और डार्क स्पॉट का होगा खतरा-बादलों की वजह से उमस बढ़ जाती है, जिसके चलते पसीना आता है। ऐसे में अगर सनस्क्रीन नहीं लगी होगी तो पसीने के चलते त्वचा पर पिंपल, काले धब्बे और पिगमेंटशन बढ़ सकता है।
दूसरे प्रोडक्ट्स नहीं करेंगे काम-सनस्क्रीन चेहरे पर लगाए जाने वाले दूसरे प्रोडक्ट्स को अच्छी तरह काम करने में मदद करती है। टोनर, सीरम और मॉइश्चराजर तभी असरदार होते हैं जब त्वचा को सूरज की किरणों से लगातार सुरक्षा मिलती है। ऐसे में बादल वाले मौसम में सनस्क्रीन न लगाने से महंगे-से-महंगे प्रोडक्ट का असर सही तरह से नहीं होगा।
अब देखिए सनस्क्रीन के कुछ ऐसे विकल्प जो हर मौसम में होंगे भरोसेमंद।
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जांचे गए विकल्प
हमारे द्वारा चुने हर प्रोडक्ट का चयन सही रीसर्च करके किया जाता है, जिसमें विशिष्टताओं की तुलना, विशेषज्ञ समीक्षाएं, सही ग्राहकों के विचार और वैल्यू फॉर मनी शामिल है।
The Derma Co 1% Hyaluronic Sunscreen Aqua Gel SPF 50 PA++++
क्यों चुनें?
त्वचा को सिर्फ सूरज की हानिकारक किरणों से ही नहीं बल्कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से निकलने वाली ब्लू लाइट से भी सुरक्षित रखेगी।
इसकी मदद से टैनिंग तो रुकेगी ही साथ-साथ झुर्रियां, डार्क स्पॉट और फाइन लाइन्स की समस्या भी कम होगी।
त्वचा में अच्छी तरह समा जाएगी और पीछे से कोई सफेद निशान नहीं छोड़ेगी।
सुरक्षा के साथ-साथ त्वचा को हाइड्रेशन देगी, जिससे रूखापन महसूस नहीं होगा।
मुख्य इंग्रीडियंट्स
हायलूरोनिक एसिड
विटामिन ई
टायटेनियम डायऑक्साइड
यह भी जानें
6 घंटों तक असरदार
लाइटवेट
चिप-चिपी नहीं है।
किनके लिए सही नहीं है?
जिन्हें जेल फॉर्मुला सूट नहीं करता है।
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Neutrogena Ultrasheer Sunscreen SPF 50+ PA++++
क्यों चुनें?
लगाने के बाद तुरंत त्वचा में समा जाएगी और चिप-चिपाहट या भारीपन महसूस नहीं होगा।
हर तरह की त्वचा के लिए सुरक्षित है और मैट फिनिश देते हुए प्राकृतिक चमक को बनाए रखेगी।
यह Neutrogena सनस्क्रीन सनबर्न और एजिंग के लक्षणों से त्वचा को बचाकर रखेगी और पूरी सुक्षा मिलेगी।
80 मिनट तक पानी व पसीने के असर से खराब नहीं होगी।
मुख्य इंग्रीडियंट्स
वॉटर
होमोसालेट
एथिलहेक्सिल सैलिसिलेट
यह भी जानें
ब्लू लाइट सुरक्षा
ऑइल फ्री
व्हाइट कास्ट नहीं होगा
किनके लिए सही नहीं है?
जिनके पोर्स जल्दी बंद हो जाते हैं।
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हमारे मूल मूल्य
स्प्ष्ट और सही समीक्षाएं
हर समीक्षा में प्रमुख विशेषताओं और संभावित कमियों को शामिल किया गया है ताकि आप सही चुनाव कर सकें।
भरोसेमंद ब्रांड्स को प्राथमिक्ता
हम उन लोकप्रिय प्रोडक्ट्स को प्राथमिकता देते हैं जिनका ट्रैक रिकॉर्ड सही रहा है और जिनपर ग्राहक लंबे समस से भरोसा करते आ रहे हैं।
पैसा वसूल क्वालिटी व डील्स
हम उन विकल्पों को आप तक लाते हैं जो कीमत, सुविधाओं और विश्वसनीयता का सही संतुलन प्रदान करते हैं, ताकि आपको पैसा वसूल क्वालिटी व डील्स मिल सके।
RE' EQUIL Ultra Matte Dry Touch Sunscreen
क्यों चुनें?
किसी भी तरह के हानिकारक केमिकल के बिना इसे तैयार किया गया है जिस वजह से सुरक्षित होगी।
एडवांस UV फिल्टर धूप, धूल, सूरज की हानिकारक किरणों और प्रदूषण से पूरी सुरक्षा देंगी।
टैनिंग को रोकते हुए त्वचा की रंगत को एक जैसा बनाए रखने का काम करेगी।
प्राइमर की तरह भी इस्तेमाल की जा सकती है जिस वजह से मेकअप के लिए एक सुरक्षित बेस तैयार होगा।
मुख्य इंग्रीडियंट्स
जिंक ऑक्साइड
यूविनुल ए प्लस
टिनोसॉर्ब S
यह भी जानें
वेल्वेटी टेक्श्चर
मैट फिनिश
IR प्रोटेक्शन
किनके लिए सही नहीं है?
जिनकी स्किन बहुत ज्यादा सेंसेटिव है।
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तेज धूप और UV किरणों की वजह से त्वचा पर होने वाली ऐलर्जी और रैशेज को रोकने का काम यह सनस्क्रीन करेगी।
इसे लगाने के बाद किसी तरह के सफेद निशान नहीं जमा होंगे और त्वचा को मैट फिनिश मिलेगी।
अगर कभी उमस बढ़ जाती है या पानी बरसता है तब भी यह चेहरे पर लंबे समय तक टीकी रहेगी।
इसे महिलाएं व पुरुष दोनों ही इस्तेमाल कर सकते हैं और हर मौसम में असरदार रहेगी।
मुख्य इंग्रीडियंट्स
5% नियासिनेमाइड
ग्लिसरीन
UV फिल्टर
यह भी जानें
ड्यूई फिनिश
SPF 50+ PA++++ फॉर्मुला
हर तरह की त्वचा के लिए सुरक्षित
किनके लिए सही नहीं है?
जिनके चेहरे पर बहुत जल्दी मुहांसे आ जाते हैं।
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एक नजर निष्कर्ष पर भी
आखिर में हम कह सकते हैं कि मौसम चाहे जैसा हो त्वचा के लिए सनस्क्रीन काफी जरूरी होती है। सिर्फ धूप ही नहीं ये सूरज की हानिकारककिरणों, प्रदूषण, धूल-मिट्टी और अन्य तरह के खतरनाक तत्वों से त्वचा को सुरक्षा देती हैं। हालांकि, इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि बादलों की वजह से उमस बढ़ जाती है या कभी भी बारिश हो सकती है ऐसे में वही सनस्क्रीन लगाएं जो पसीने व पानी को भी आसानी से झेल ले। वहीं, किसी भी सनस्क्रीन का इस्तेमाल करने से पहले उसके फॉर्मुला को समझ लें और यह भी देखें कि वह आपकी त्वचा के लिए सुरक्षित है या नहीं। अगर स्किन बहुत ज्यादा सेंसेटिव है तो डॉक्टर से भी परामर्श कर लें।
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Faq's
बादल वाले मौसम में सनस्क्रीन क्यों लगानी चाहिए?
बादल सूरज की हानिकारक यूवी किरणों को नहीं रोक पाते हैं, जो त्वचा को नुकसान पहुंचाती हैं। इसलिए टैनिंग, समय से पहले झुर्रियां और स्किन के बचाव के लिए बादल वाले मौसम में भी सनस्क्रीन लगाना जरूरी है।
किस तरह की सनस्क्रीन बादल वाले मौसम में सही रहेगी?
बादल वाले मौसम में ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन सबसे सही है, जो UVA और UVB दोनों से बचाए। कम से कम SPF 30 और PA+++ रेटिंग वाली सनस्क्रीन चुनें। उमस से बचने के लिए लाइटवेट या जेल-बेस्ड फार्मूला बेहतर रहता है।
क्या सनस्क्रीन पसीने की वजह से हट जाती है?
हां, पसीने और पानी से सनस्क्रीन धीरे-धीरे बह जाती है। इसलिए उमस या बारिश के मौसम में वॉटर रेसिस्टेंट सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें और सुरक्षा बनाए रखने के लिए ऐसे विकल्प चुनें जो लंबे समय तक असरदार रहें।
क्या बादल वाले मौसम में सनस्क्रीन लगाने से पहले दूसरे प्रोडक्ट्स लगाने चाहिए?
हां, बादल वाले मौसम में भी स्किनकेयर का हर स्टेपजरूरी है। पहले चेहरा धोएं, फिर टोनर, सीरम और मॉइस्चराइज़र लगाएं। सनस्क्रीन को हमेशा सबसे आखिर में लगाना चाहिए, ताकि वह सुरक्षा कवच की तरह काम कर सके।
बादल वाले मौसम में कितनी देर पर सनस्क्रीन लगाते रहना चाहिए?
बादल वाले मौसम में भी सनस्क्रीन को हर 2 से 3 घंटे में दोबारा लगाते रहना चाहिए। अगर आपको ज्यादा पसीना आता है या बारिश होती है, तो इसे तुरंत दोबारा लगाएं ताकि त्वचा पूरी तरह सुरक्षित रहे।