आज के समय में ज्‍यादातर लोग प्‍लेन से ट्रैवल करना पसंद करते हैं। ये एक आरामदायक ऑप्‍शन होता है जहां आप घंटों का सफर कुछ ही समय में पूरा कर पाती हैं। कई बार लोग अपने बच्‍चों को लेकर ट्रैवल करते हैं। ऐसे में प्‍लेन के टेक ऑफ या लैंड‍िंग के समय कई बच्‍चे अचानक रोने लगते हैं। इससे पैरेंट्स परेशान हो जाते हैं।

ऐसा इसल‍िए होता है क्‍योंक‍ि टेकऑफ और लैंडिंग के समय हमारे शरीर में कुछ बदलाव होते हैं। इससे बच्‍चे परेशान हो जाते हैं। ऐसे में आप कुछ आसान से ट‍िप्‍स अपनाकर बच्‍चों की बेचैनी को कम कर सकती हैं। आइए जानते हैं-

टेकऑफ और लैंडिंग के समय बच्चे क्यों रोते हैं?

जब प्‍लेन ऊपर जाता है या नीचे आता है तो केब‍िन में एयर फ्लो में बदलाव होता है। इससे कान सुन्‍न हो जाते हैं। बड़े लोग तो इसे मैनेज कर लेते हैं, लेक‍िन छोटे बच्‍चे ऐसा नहीं कर पाते हैं। इससे उनके कानों में दर्द होने लगता है और वे रोने लगते हैं।

पैस‍िफायर हो सकता है हेल्‍पफुल

अगर आपका बच्चा पैसिफायर यानी चुसनी का इस्तेमाल करता है, तो टेकऑफ और लैंडिंग के दौरान इसे देना फायदेमंद हो सकता है। चुसनी से जो कान में दबाव बनता है वो बैलेंस हो जाता है। इससे बच्‍चों को थोड़ी राहत म‍िलती है।

दूध या फीडिंग भी आ सकती है काम

अगर आपका बच्‍चा न्‍यू बॉर्न है तो टेकऑफ और लैंडिंग के समय दूध पिलाना भी फायदेमंद हाे सकता है। जब बच्‍चा बार-बार दूध न‍िगलता है तो दबाव को बैलेंस करने में मदद म‍िलती है।

बच्‍चे का ध्‍यान दूसरी चीजों में लगाएं

अगर आपका बच्चा थोड़ा बड़ा है, तो उसका ध्यान किसी उसके फेवरेट कामों में लगा सकती हैं। इसके लिए आप उसका पसंदीदा खिलौना, कहानी की किताब, कलरिंग बुक या कोई छोटा गेम साथ रख सकती हैं। ऐसे में जब बच्चा ब‍िजी रहेगा, तो उसका ध्‍यान कान के दर्द पर ज्‍यादा नहीं जाएगा।

तो अगर आप भी बच्‍चे को लेकर प्‍लेन में ट्रैवल कर रही हैं ताे आप ऊपर बताई गई बातों का ध्‍यान रख सकती हैं। इससे सफर आराम से गुजरेगा। साथ ही अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

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