उत्तराखंड की फ्लावर वैली कोई साधारण घाटी नहीं है। यह हिमालय की गोद में बसी एक ऐसी खूबसूरत जगह है, जो चारों तरफ फूलों की चादर से ढकी रहती है। हरे-भरे घास के मैदान, छोटे-छोटे झरने, बादलों और पहाड़ों से घिरी इस घाटी का नजारा इतना ज्यादा सुंदर लगता है कि पर्यटक घंटों तक इसकी वादियों को निहारते रह जाते हैं। दिल्ली से यहां पहुंचना इतना आसान नहीं है, क्योंकि यह लगभग 11,000 से 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। आप भी अगर मानसून में यहां घूमने का प्लान कर रही हैं, तो यह आर्टिकल आपके काम आएगा। आज के इस आर्टिकल में हम आपको इसके बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।

दिल्ली से वैली ऑफ फ्लावर्स की दूरी कितनी है?

वैली ऑफ फ्लावर्स पहुंचने के लिए आपको लगभग 503 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। यहां पहुंचने में आपको लगभग 15 से 16 घंटे का समय लग जाता है। आप अपनी गाड़ी से जा रही हैं, तो पहुंचने में करीब 20 से 25 घंटे या उससे अधिक समय लग सकते हैं। अगर आप बस या ट्रेन से यात्रा कर रही हैं, तो समय और भी ज्यादा लंबा हो जाता है। इसकी वजह यह है कि रास्ते में बस बदलना, शेयर टैक्सी या कैब का इंतजार करना और अलग-अलग पड़ावों तक पहुंचने के बाद आगे की सवारी लेनी पड़ती है, जिससे कुल यात्रा का समय और भी ज्यादा बढ़ जाता है।

कैसे जाएं?

बस से जा रही हैं, तो दिल्ली के कश्मीरी गेट ISBT से उत्तराखंड परिवहन की बस लें। आप चाहें, तो प्राइवेट बस भी ले सकती हैं, नॉन एसी का प्राइस कम होता है। एसी बस में आपको 1200 से 1500 रुपये तक खर्च करने होंगे।

  • दिल्ली से हरिद्वार या ऋषिकेश पहुंचने में आपको लगभग 5 से 6 घंटे का समय लग जाएगा।
  • ट्रेन से जा रही हैं, तो नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन हरिद्वार और देहरादून के लिए ट्रेन ले सकती हैं। ट्रेन से यहां पहुंचने में आपको लगभग 4 घंटे का समय लगता है।
  • अगर कोई यात्री फ्लाइट से जाना चाहता है, तो दिल्ली से देहरादून के जॉली ग्रांट एयरपोर्ट तक के लिए फ्लाइट ले सकता है। हालांकि, ध्यान रखें कि इसमें आपके एक तरफ की टिकट के 5000 से 6000 रुपये तक खर्च हो जाएंगे।

जरूरी जानकारी- बस या ट्रेन से हरिद्वार पहुंचना यात्रियों के लिए सस्ता हो सकता है। आप नॉन एसी बसों से 400 से 500 रुपये में आराम से हरिद्वार पहुंचकर अपने आगे का सफर शुरू कर सकते हैं।

दिल्ली से वैली ऑफ फ्लावर्स का रूट क्या है?

वैली ऑफ फ्लावर्स पहुंचने के लिए सबसे पहले आपको दिल्ली से हरिद्वार या ऋषिकेश पहुंचना होगा। यहां तक पहुंचने के तीन आसान ऑप्शन है। आप बस, ट्रेन या फ्लाइट से यहां पहुंच सकती हैं। बजट में घूमने वालों के लिए ट्रेन या बस का ऑप्शन अच्छा हो सकता है।

  • हरिद्वार या ऋषिकेश पहुंचने के बाद आपको गोविंदघाट जाना होगा। यहां जाने के लिए सुबह जल्दी बस, शेयर टैक्सी या प्राइवेट कैब बुक करनी होगी।
  • हरिद्वार से गोविंदघाट की दूरी लगभग 284 किमी है, जिसे पूरा करने में 8 से 9 घंटे का समय लग जाता है। इसी रास्ते में देवप्रयाग, रुद्रप्रयाग, चमोली और जोशीमठ जैसे खूबसूरत लोकेशन आते हैं।
  • गोविंदघाट से फिर आपको पुलना गांव तक पहुंचना होता है। इसके लिए सड़क बनी हुई है, जहां आप स्थानीय टैक्सी या शेयर जीप से ही जा सकती हैं। इससे ट्रेक की दूरी कम हो जाती है।

वैली ऑफ फ्लावर्स की ट्रैकिंग कहां से शुरू होती है?

पुलना से घांघरिया तक करीब 9 किमी का ट्रेक करना होता है। यहां तक पहुंचने का रास्ता भी खूबसूरत है, इसलिए ट्रैकिंग करके जाना आपको अच्छा लगेगा। यहां रास्ते में आपको लक्ष्मण गंगा नदी, झरने और पहाड़ों के खूबसूरत नजारे देखने को मिलते हैं। हालांकि, जो लोग पैदल नहीं चढ़ पाते उनके लिए घोड़े, खच्चर और पालकी की सुविधा भी उपलब्ध रहती है।

  • घांघरियां पहुंचने के बाद आप रात में आराम करें, क्योंकि ट्रेकिंग करने में आपका पूरा दिन निकल जाएगा। रात में आराम करने के बाद अगले दिन सुबह Forest Check Post जाकर वैली ऑफ फ्लाइवर की एंट्री टिकट खरीदें।
  • घांघरिया से फॉरेस्ट चेक पॉइंट की दूरी लगबग 2 किमी है। टिकट लेने के बाद आप आपको लगबग 3 से 4 किमी तक ट्रेक करना होगा और आप वैली ऑफ फ्लावर पहुंच जाएंगी।

यहां जाने वाले लोग ध्यान रखें कि शाम तक वापस घांघरिया लौटना जरूरी होता है, क्योंकि पार्क के अंदर रुकने की अनुमति नहीं होती। इसलिए, समय से निकल जाए, ताकि घांघरिया होटल लेकर रात बिता सकें।

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Image Credit : magnific