हमारे यहां भारत में खाने की परंपरा काफी पुरानी है। यहां कई तरह की चीजें खाई जाती हैं। पान भी उन्‍हीं में से एक है। पहले के समय में घर में पान रखना तो आम था। मेहमान घर आते थे तो खाना खिलाने के बाद उन्हें पान भी सर्व क‍िया जाता था। हालांकि, समय के साथ रोजाना पान खाना कम हो गया, लेक‍िन शादी-ब्याह जैसे खास मौकों पर आज भी पान की जगह बनी हुई है। खासकर शादी के बाद दूल्हा-दुल्हन की कुछ रस्‍मों में भी पान का अहम रोल होता है। इन्हीं में से एक है सुहागरात पर दूल्हा-दुल्हन को पान खिलाना।

कई जगहों में शादी की पहली रात पर खासतौर से मीठा पान दिया जाता है। ऐसे में मन में सवाल आना लाजमी है कि आखिर शादी की पहली रात पान ही क्यों खिलाया जाता है? क्या इसके पीछे सिर्फ कोई पुरानी रस्म है या इसके पीछे कोई और वजह भी मानी जाती है? दरअसल, पान को लेकर पुरानी मान्यताओं में कई बातें कही गई हैं। आइए जानते हैं-

Image Credit- Magnific

सुहागरात में पान क्‍यों ख‍िलाया जाता है?

आपको बता दें क‍ि शादी की पहली रात पान खिलाने को लेकर अलग-अलग मान्यताएं हैं। दरअसल, पुराने जमाने में पान सिर्फ खास मौकों पर ही सर्व किया जाता था। इसे शादी के बाद जिंदगी की नई शुरुआत और दूल्हा-दुल्हन के बीच प्यार बढ़ाने का एक सिंबल माना जाता है। बस इसी मिठास और अपनेपन को बढ़ाने के लिए यह रस्म निभाई जाती थी। हालांकि, यह रिवाज हर जगह अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है और हर फैमिली के अपने अलग ट्रेंड्स होते हैं।

यह भी पढ़ें- Universal Day of Culture: देश-विदेश में हैं शादी से जुड़े ये 5 अजीबो-गरीब रिवाज

कामेच्छा से भी जुड़ा है पान का कनेक्शन

पान खिलाने के पीछे एक दिलचस्प वजह यह भी मानी जाती है कि पुराने जमाने से ही पान को रोमांस और कामेच्छा (Libido) से जोड़कर देखा गया है। माना जाता था कि पान खाने से बॉडी में तुरंत ताजगी आती है, जो मैरिड लाइफ की शुरुआत के लिए बढ़िया मानी जाती थी। हालांक‍ि, इसका कोई साइंट‍िफ‍िक प्रूफ नहीं है। बस यह मान्‍यता है।

Image Credit- AI

मीठे पान से मुंह में आती है ताजगी

सुहागरात पर मीठा पान खिलाने की एक वजह मुंह की ताजगी भी मानी जाती है। मीठे पान में सौंफ, इलायची, नारियल और गुलकंद जैसी चीजें डाली जाती हैं। इनसे पान का स्वाद और खुशबू दोनों ही अच्छी हो जाती है। खासकर सौंफ और इलायची खाने के बाद मुंह में ताजगी आती है।

यह भी पढ़ें- इस जगह शादी के बाद दुल्हन पहनती हैं सफेद साड़ी, जानें वजह

मीठा पान और तंबाकू वाला पान एक जैसा नहीं

यह समझना भी बहुत जरूरी है कि सुहागरात पर परंपरा के नाम पर सिर्फ मीठा पान ही दिया जाता है, तंबाकू वाला नहीं। तंबाकू, गुटखा या बहुत ज्यादा सुपारी वाला पान खाने से ओरल हेल्थ खराब हो सकती है। इसलिए जब भी इस रस्म या मान्यता की बात होती है, तो इसका मतलब सिर्फ और सिर्फ मीठा पान होता है।

यह भी पढ़ें- Weird Rituals: शादी के लिए यहां महिलाएं खाती हैं कोड़ों से मार, ज्यादा दर्द बर्दाशत करने वाली महिला की होती है नौजवान शख्स से शादी

अस्वीकरण (Disclaimer): यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं, परंपराओं और लोक आस्थाओं पर आधारित है। इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है। इसे केवल सामान्य जानकारी और धार्मिक संदर्भ के रूप में पढ़ें।

अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

यह भी पढ़ें- सजाना चाहती हैं सुहागरात का कमरा तो अपनाएं ये तरीके, कमरे को दें रोमांटिक टच

Image Credit- Magnific