शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा के भक्त नौ दिनों तक उनकी पूजा करते हैं। कोई पूरे नौ दिन व्रत रखता है, तो कोई पहले और आखिरी दिन उपवास करता है। नवरात्रि के आखिरी दिनों में अष्टमी और नवमी की पूजा का खास महत्व होता है। इन दिनों कई घरों में कन्याओं को भोजन कराया जाता है और उनका आशीर्वाद लिया जाता है।
हालांकि, साल 2026 में नवमी की तारीख को लेकर लोगों के मन में सवाल है कि यह 19 अक्टूबर को है या 20 अक्टूबर को। अगर आप भी नवमी की पूजा, कन्या पूजन या व्रत खोलने की तैयारी कर रही हैं, तो पहले इसकी सही तारीख जान लीजिए। हम आपको विस्तार से बता रहे हैं। आइए जानते हैं-
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नवरात्रि 2026 की नवमी कब है, 19 या 20 अक्टूबर?
साल 2026 में शारदीय नवरात्रि की महानवमी 19 अक्टूबर यानी सोमवार को है। दिल्ली के पंचांग के मुताबिक, नवमी तिथि 19 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 51 मिनट पर शुरू होगी और 20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक रहेगी। यानी नवमी तिथि दो तारीखों में पड़ रही है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर जगह नवमी की पूजा दोनों दिन होगी। पूजा और त्योहार की डेट तय करने में तिथि के साथ आप स्थानीय पंचांग की गणना देख सकती हैं।
- महानवमी: 19 अक्टूबर 2026, सोमवार
- नवमी तिथि खत्म: 20 अक्टूबर को दोपहर 12:50 बजे
- दशहरा यानी विजयादशमी: 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार
इसलिए अगर आप 19 अक्टूबर को नवमी की पूजा और कन्या पूजन करने की तैयारी कर रही हैं, तो अपने घर की परंपरा और स्थानीय पंचांग के हिसाब से समय तय कर सकती हैं।
नवमी पर कन्या पूजन कब करें?
नवरात्रि के आखिरी दिनों में कई घरों में कन्या पूजन किया जाता है। इस बार अष्टमी और नवमी, दोनों का कन्या पूजन 19 अक्टूबर को किया जा सकता है। कन्या पूजन के लिए कुछ लोग सुबह जल्दी का समय चुनते हैं, जबकि कुछ परिवार अपनी सुविधा और घर की परंपरा के हिसाब से पूजा करते हैं।
कन्या पूजन क्यों किया जाता है?
आपको बता दें कि नवरात्रि में कन्याओं को मां दुर्गा का रूप मानकर पूजा जाता है। इसे कन्या पूजन या कंजक पूजन भी कहते हैं। भक्त कन्याओं को घर बुलाते हैं, उनके पैर धोते हैं, तिलक लगाते हैं और फिर उन्हें भोजन कराते हैं।
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कन्या पूजन के दौरान इन बातों का ध्यान रखें
अगर आप घर में कन्या पूजन कर रही हैं, तो कुछ बातों का ध्यान भी रखना होगा। जैसे-
- बच्चियों को घर बुलाने के लिए एक दिन पहले ही बात कर लें।
- उनके आने से पहले घर और पूजा की जगह साफ कर लें।
- बच्चियों का स्वागत करें और उनकी इच्छा का ध्यान रखते हुए पूजा करें।
- कन्याओं को पूड़ी, हलवा और काले चने का भोजन कराया जाता है।
- भोजन के साथ फल और अपनी पसंद की चीजें भी दे सकती हैं।
- कुछ घरों में कन्याओं के साथ एक बालक को भी भोजन कराया जाता है। उसे भैरव बाबा का प्रतीक माना जाता है।
नवरात्रि 2026 का समापन कब होगा?
शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026 से हुई थी। इस बार नवरात्रि का समापन 20 अक्टूबर को विजयादशमी यानी दशहरे के साथ होगा। ऐसे में 19 अक्टूबर को नवमी की पूजा और कन्या पूजन करने के बाद अगले दिन दशहरा मनाया जाएगा। अगर आप नवरात्रि का व्रत रख रही हैं, तो व्रत खोलने का दिन और तरीका अपने घर की परंपरा के अनुसार तय कर लें।
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डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी पंचांग, धार्मिक मान्यताओं और लोक परंपराओं पर आधारित है। HerZindagi इसकी सत्यता, सटीकता और पूर्णता का दावा नहीं करता है। स्थानीय पंचांग और अपने क्षेत्र की धार्मिक परंपराओं के अनुसार तिथियों व शुभ मुहूर्त के समय में आंशिक भिन्नता हो सकती है। पूजा-विधि या मुहूर्त से जुड़ी किसी भी विशेष जानकारी के लिए किसी योग्य पंडित या ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य लें।
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