हमारे भारत को वि‍व‍िधता का देश कहा जाता है। यहां घूमने-फ‍िरने से लेकर खाने-पीने तक के कई रंग देखने को मि‍लते हैं। हर राज्‍य की अपनी एक अलग-अलग परंपराएं रहती हैं। इसके अलावा भारत में ऐसे कई बाजार हैं जो अपनी ख‍ास‍ियत की वजह से पूरी दुन‍िया में अपनी एक अलग पहचान रखते हैं। आमतौर पर आपने पुरुषों को ही बाजार चलाते और सामान बेचते हुए देखा होगा, लेक‍िन हमारे देश में एक ऐसा बाजार भी है, जहां दुकानदारी का पूरा काम मह‍िलाएं संभालती ह‍ैं।

कहा जाता है क‍ि इस बाजार में मह‍िलाएं कारोबार करती हैं और पुरुष कस्‍टमर बनके आते हैं। करीब 500 साल से बाजार चलता आ रहा है और इस बाजार काे 'इमा कैथेल' या 'मदर्स मार्केट' के नाम से जाना जाता है। ये मण‍िपुर की राजधानी इंफाल में है। आज हम आपको अपने इस लेख में इस बाजार की द‍िलचस्‍प कहानी बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं-

क्‍या है इमा कैथेल?

सबसे पहले तो ये जान लेते हैं क‍ि इस बाजार का जो नाम है इमा कैथेल, उसका मतलब क्‍या होता है? तो आपको बता दें क‍ि इमा का मतलब मां होता है, जबकि‍ कैथेल को बाजार कहते हैं। ऐसे में इसके नाम से ही साफ है क‍ि ये मांओं का बाजार है। ये बाजार मणिपुर के इंफाल शहर के बीचों-बीच है। यहां रोजाना हजारों महिलाएं रोज अपनी दुकानें लगाती हैं और अलग-अलग तरह का सामान बेचती हैं।

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क्यों है ये बाजार इतना खास?

इस बाजार की सबसे बड़ी खासियत यही है क‍ि यहां स‍िर्फ महिलाएं ही दुकानदारी कर सकती हैं। जबक‍ि पुरुषों को स‍िर्फ खरीदारी करने की ही अनुमत‍ि‍ होती है। इसी कारण इसे दुन‍िया का सबसे अनोखा बाजार माना जाता है।

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500 साल पुराना है इतिहास

इमा कैथेल का इतिहास करीब 16वीं सदी से है। मीड‍िया र‍िपोर्ट्स के मुताब‍िक, उस समय मणिपुर में एक ऐसी व्यवस्था थी, जब कई पुरुषों को घर से दूर सेना या दूसरे कामों के लिए भेजा जाता था। ऐसे में घर और परिवार की जिम्मेदारी महिलाओं पर ही आ गई। अब परिवार चलाने के लिए महिलाओं ने खेती की। कुछ ने बुनाई का काम क‍िया और कुछ लोगों ने सामान बेचना शुरू क‍िया। धीरे-धीरे यही व्यवस्था एक बड़ा बाजार बन गई।

यहां क्या-क्या मिलता है?

अगर आप इस बाजार में जाएंगी तो आपको रोजाना के कामों में इस्‍तेमाल होने वाली चीजों का लगभग हर सामान मिल जाएगा। यहां ताजी सब्जियां, फल, मसाले, मछली, बांस से बने सामान, हैंडीक्राफ्ट, कपड़े, हाथ से बुने हुए ट्रेड‍िशनल कपड़े, ब्यूटी प्रोडक्‍ट्स समेत कई चीजें बिकती हैं।

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हजारों महिलाएं चलाती हैं कारोबार

बताया जाता है कि‍ मण‍िपुर के इस बाजार में करीब 5 हजार से ज्यादा महिलाएं दुकानदारी करती हैं। आज इमा कैथेल सिर्फ एक बाजार नहीं, बल्कि मणिपुर की पहचान बन चुका है। देश-विदेश से आने वाले लोग यहां जरूर जाते हैं।

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तो अगर आपका भी मणि‍पुर जाने का प्‍लान है, तो इस बाजार को देखें ब‍िना आपकी यात्रा साथ ही अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

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