भारत में मॉनसून आ चुका है। आज मौसम का हाल जानने के लिए हमारे पास मोबाइल ऐप, IMD की वेबसाइट और सेटेलाइट टेक्निक है। इसके बावजूद भारत के कई गांवाें में लोग नेचर के संकेतों पर भरोसा करते हैं। पुराने समय में मौसम का अंदाजा लगाने के लिए लोगों के पास कोई भी साधन नहीं होता था, उस समय किसान आसमान, हवा, पेड़-पौधे और पक्षियों को देखकर बारिश का पता लगाते थे।
इन्हीं संकेतों में एक पक्षी का नाम जरूर लिया जाता है, जिसे हम चातक पक्षी (Jacobin Cuckoo या Pied Cuckoo) कहते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस पक्षी के दिखाई देने के कुछ समय बाद ही मॉनसून आने वाला होता है। इसी कारण इसे मॉनसून पक्षी भी कहा जाता है। हम आपको इसके बारे में विस्तार से जानकारी दे रहे हैं। आइए जानते हैं-
रिसर्च में पता लगी ये बात
साइंटिफिक जर्नल bioRxiv में पब्लिश हुई एक रिसर्च रिपोर्ट Tracking the Rain Bird के अनुसार, कंप्यूटर मॉडलिंग और ई-बर्ड (eBird) के डेटा से ये वैज्ञानिक तौर पर साबित हुआ है कि चातक पक्षी का नॉर्थ इंडिया में आना सीधे तौर पर मॉनसून से जुड़ा हुआ है।
कौन है ये मॉनसून वाला पक्षी?
चातक पक्षी, जिसे अंग्रेजी में Jacobin Cuckoo या Pied Cuckoo कहा जाता है, काले और सफेद कलर का बहुत ही खूबसूरत पक्षी होता है। भारत में इसकी पहचान काफी पुरानी है। गांवों में लोगों ने सालों तक ये देखा कि ये पक्षी मॉनसून आने से ठीक पहले दिखाई देने लगता है। इसी वजह से लोगों ने इसे बारिश आने का संकेत मान लिया।
यह भी पढ़ें- Pigeon Net लगवाने से पहले चेक करें ये जरूरी बातें, वरना बेकार हो जाएगा सारा पैसा
क्या सच में बारिश की भविष्यवाणी करता है ये पक्षी?
आपको बता दें कि चातक पक्षी कोई बारिश की भविष्यवाणी नहीं करता है। असल में बात इतनी सी है कि मौसम में होने वाले बदलावों का असर इस पक्षी पर और मॉनसून पर एक साथ होता है। ये पक्षी मौसम का अंदाजा लगाकर नहीं उड़ता है। जैसे ही हवाओं में बदलाव शुरू होते हैं जो आगे चलकर मॉनसून लाते हैं, ठीक उसी समय ये पक्षी भी अफ्रीका से अपनी लंबी यात्रा पर निकल पड़ता है।
यह भी पढ़ें- क्या कभी सोचा है कि पुराने घरों के दरवाजे हमेशा अंदर की तरफ ही क्यों खुलते थे?
साफ शब्दों में कहें तो न तो ये पक्षी बारिश करवाता है और न ही इसे पहले से पता होता है कि कब पानी बरसेगा। बस इसके भारत आने का टाइम और मॉनसून के आने का टाइम एकदम एक जैसा होता है।
हजारों किलोमीटर का सफर तय करता है ये पक्षी
रिसर्च में इस बात का पता चला है कि चातक पक्षी ईस्ट और साउथ अफ्रीका से भारत आते हैं। ये यात्रा हजारों किलोमीटर लंबी होती है। इनकी खास बात ये है कि ये हर साल लगभग एक ही मौसम में भारत पहुंचते हैं। यही वजह है कि इनके आने को मॉनसून के आगमन से जोड़कर देखा जाता है।
यह भी पढ़ें- क्या आप जानती हैं भारत में कहां होती है सबसे ज्यादा बारिश? मॉनसून में जा सकती हैं घूमने
आखिर इन्हें भारत आने का संकेत कैसे मिलता है?
बताया गया है कि दिन और रात के टाइम में जो बदलाव हाेते हैं, वही इनके प्रवास का सबसे बड़ा कारण है। जब अफ्रीका में दिन का समय बदलता है, तो पक्षियों के शरीर में हार्मोनल बदलाव शुरू हो जाते हैं। यही बदलाव उन्हें लंबी यात्रा के लिए तैयार करते हैं। इसके अलावा मॉनसून के दौरान भारत में कीड़ों-मकोड़ों की संख्या बढ़ जाती है, जो इस पक्षी को पसंद हैं।
यह भी पढ़ें- The Year Without a Summer: इतिहास का वो साल जब जून -जुलाई में भी नहीं पड़ी गर्मी, जानें क्या हुआ था?
तो अब आपको मालूम चल गया होगा कि मॉनसून का नेचुरल संकेतक पक्षी कौन सा है। साथ ही अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
Source-
https://www.biorxiv.org/content/10.1101/2020.11.06.371674v1.full.pdf
Image Credit- Gemini
