हमारा भारत भले ही खूब तरीक्‍की कर रहा हो, लेकिन कुछ चीजें ऐसी भी हैं जाे आज भी पीछे हैं। जैसे शॉप‍िंग की ही बात करें तो नॉर्मल कपड़ों के बारे में तो मह‍िलाएं खुलकर अपनी पसंद बता देती हैं, लेक‍िन जब ब्रा खरीदने की बारी आती है तो ये उनके ल‍िए सबसे बड़ा टास्‍क हो जाता है। यह स‍िर्फ शर्म या झ‍िझक की बात नहीं है। सही साइज न म‍िलना, ट्रायल की फैसि‍ल‍िटी का कम होना, सही जानकारी न होना भी बड़ी वजहें हैं।

यही वजह है क‍ि बहुत सी मह‍िलाएं अपनी साइज का ब्रा खरीदने के बजाय जो म‍िल जाता है, उसी में काम चला लेती हैं। ऐसे में आइए जानते हैं क‍ि आज भी ब्रा खरीदना महि‍लाओं के ल‍िए इतना बड़ा टास्‍क क्‍यों है?

सही साइज ढूंढना सबसे बड़ी चुनौती

कई महिलाओं की सबसे बड़ी परेशानी यही होती है कि उन्हें अपनी सही साइज का पता ही नहीं होता है। अक्सर लोग सिर्फ A, B, C या D कप साइज के बारे में जानते हैं, जबकि असल में इसके अलावा भी कई साइज होते हैं। अलग-अलग ब्रांड की फिटिंग भी अलग होती है। Vogue के मुताबि‍क, कोई एक ब्रा सबके लिए परफेक्ट नहीं हो सकती है। एक महिला के लिए जो परफेक्ट है, वह दूसरी के लिए कभी फि‍ट नहीं होगी। ऐसे में परफेक्‍ट ब्रा खरीदने के ल‍िए साइज का मालूम होना बहुत जरूरी होता है।

समय-समय पर बदलता रहता है साइज

इसके अलावा अगर आपकाे क‍िसी एक ब्रांड की साइज सही आ जाती है, इसका मतलब यह नहीं है क‍ि दूसरे ब्रांड में भी वही साइज फिट हो। आपकाे बता दें क‍ि महिलाओं के शरीर में समय के साथ बदलाव आते रहते हैं। टीनएज, वजन बढ़ने या कम होने, प्रेग्‍नेंसी, ब्रेस्‍ट फीड‍िंग और बढ़ती उम्र जैसी कई वजहों से ब्रा का साइज बदलता रहता है।

ट्रायल रूम की कमी भी बड़ी वजह

भारत में आज भी मॉल्‍स को छोड़कर कई दुकानों पर ब्रा ट्राई करने के ल‍िए ट्रायल रूम नहीं होता है। ऐसे में महिलाएं अंदाजा लगाकर ब्रा खरीदती हैं। बाद में पता चलता है कि ब्रा न तो कंफर्टेबल है और न ही इसकी फिटिंग सही है। ऐसे में वो ऑनलाइन खरीद लेती हैं। हालांकि, तब भी यही समस्या रहती है। कभी फिटिंग सही नहीं आती है तो कभी क्वालिटी खराब रहती है।

ब्रा चुनते समय मह‍िलाएं क्‍या गलती करती हैं?

महि‍लाएं जो एक आम गलती करती हैं वो सही साइज का ब्रा न पहनना है। अगर आप साइज पर ध्‍यान देंगी तो इससे आपका पोश्चर भी सुधरता है, आप ज्‍यादा कॉन्‍फ‍िडेंट नजर आती हैं और यहां तक क‍ि आपका लुक भी स्‍ल‍िम द‍िखता है। इसल‍िए हर 6 महीने या एक साल में ब्रा बदलती रहें क्‍योंक‍ि कई बार वजन बढ़ने या कम होने से ब्रेस्‍ट का शेप बदलता रहता है। इसल‍िए जब आप स्‍टोर पर जाएं तो फिटिंग एक्सपर्ट को खुलकर बताएं कि आप किस तरह के कपड़े के साथ पहनने के लिए ब्रा ढूंढ रही हैं।

गलत फिटिंग के क्या नुकसान हैं?

अगर ब्रा सही से आपको फिट नहीं आएगी तो स्ट्रैप बार-बार कंधे से फिसलना, बैंड का ऊपर चढ़ जाना, कप का बहुत टाइट या बहुत ढीला होना जैसी कई परेशान‍ियां हो सकती हैं। सही फिटिंग वाली ब्रा पहनने से पूरे दिन आराम रहता है और बार-बार उसे ठीक करने की जरूरत भी नहीं पड़ती है।

कैसे बनती हैं ब्रा?

ब्रा को बनाना बहुत ही तकनीक और बारीकी का काम है। एक स‍िंगल ब्रा को बनाने में 40 से ज्‍यादा कंपोनेंट्स का इस्‍तेमाल होता है। वहीं, एक्‍स्‍ट्रा हाई इंपैक्‍ट स्‍पोर्ट्स ब्रा बनाना सबसे मुश्‍क‍िल काम होता है। इसमें आपके कंफर्ट और लुक दोनों का ध्‍यान रखा जाता है।

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