'बेटा कितनी देर मोबाइल देखोगे आंखें खराब हो जाएंगी। ...ये लड़का भी न दिनभर मोबाइल पर जा जाने कैसी रील्स देखता है।' अक्सर पेरेंट्स की बच्चों से ये शिकायत होती है कि उनका बच्चा घंटों मोबाइल में बिजी रहता है और वो भी बिना वजह के कंटेंट्स या फिर रील देखने में ही समय बर्बाद करता है। न जाने कितने पेरेंट्स इस बात से परेशान होकर बच्चों को डांटते और मारते हैं। कई बार वो मोबाइल बच्चों से छीन भी लेते हैं, लेकिन बच्चा जब मिबिले न मिलने से और ज्यादा शरारती हो जाता है तो वो उन्हें फिर से मोबाइल देकर उन्हें अपने हाल पर छोड़ देते हैं। जब बात आती है बच्चों की इस बुरी लत को छुड़ाने की, तो पेरेंट्स के पास इसका कोई समाधान नहीं होता है और वो इस समस्या से दिनभर परेशान रहते हैं। बच्चों और माता-पिता से जुड़ी इस बड़ी समस्या का समाधान ढूढ़ने के लिए हमने Fortis Hospital की Clinical Psychologist Mimansa Singh Tanwar से बात की। आइए उनसे जानें बच्चों को कैसे इस आदत से बचाने की जरूरत है।

बच्चों में बढ़ती मोबाइल की लत पर ध्यान देना है जरूरी

जब बच्चे बिना किसी डर के लगातार मोबाइल में गेम्स खेलते हैं और रील्स देखते हैं तो पेरेंट्स के लिए सबसे बड़ी बात ये है कि उन्हें बच्चों की इस आदत पर ध्यान जरूर देना चाहिए। बच्चों का स्क्रीन टाइम बढ़ना न सिर्फ उनकी सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है बल्कि उन्हें मानसिक रूप से भी परेशान कर सकता है। बच्चे ही नहीं बल्कि अगर हम बड़ों की बात भी करें तो हम सुबह उठते ही सबसे पहले अपना मोबाइल चेक करते हैं। इसके बाद जब भी हमें बोरियत महसूस होती है, हम तुरंत मोबाइल देखने लगते हैं। इस आदत पर नियंत्रण रखना केवल बच्चों तक सीमित नहीं है, बल्कि इस आदत से बच्चों की दूर रखने के लिए बड़ों को भी अपनी इस आदत को रोकने की जरूरत है।

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बच्चों के लिए रोल मॉडल बनें

बच्चे अपने माता-पिता और परिवार के अन्य बड़े सदस्यों को देखकर ही कोई भी आदत सीखते हैं। इसलिए आपके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि घर के सभी खुद ही मोबाइल का कम से कम इस्तेमाल करें। बच्चों के सामने रील्स या कोई भी ऐसे वीडियो न देखें जो बच्चों को भी अट्रैक्ट करें। जब बच्चे अपने आस-पास के लोगों को बार-बार मोबाइल इस्तेमाल करते देखते हैं, तो वे भी उसी व्यवहार को अपनाने लगते हैं। कभी भी बच्चों को इस बात का टेम्पटेशन न दें कि अगर बच्चे ने ये काम कर दिया तो उसको मोबाइल दिया जाएगा।

स्क्रीन टाइम की जगह अन्य गतिविधियों को दें महत्व

बच्चों को मोबाइल और स्क्रीन से दूर रखने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि आप उन्हें अन्य गतिविधियों में शामिल करें। इसके लिए आप उन्हें: नियमित रूप से एक्सरसाइज करने के लिए प्रेरित करें। आप भी बच्चों के साथ इन गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। बच्चों को आउटडोर गेम्स के लिए मोटीवेट करें। बच्चों के साथ आउटडोर एक्टिविटीज में इन्वॉल्व होने की कोशिश करें और उनकी नई हॉबीज डेवलप करने में मदद करें। बच्चों को रचनात्मक और शारीरिक गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए उत्साहित करें। इसके साथ ही आप परिवार के साथ समय बिताने के दौरान मोबाइल का उपयोग न करें जिससे बच्चे भी अपनी प्राथमिकताएं बदल पाएंगे।

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बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए उन्हें मोबाइल से दूरी बनाना सिखाना चाहिए और आप उन्हें ज्यादा से ज्यादा गतिविधियों में इन्वॉल्व करें जो रील्स और मोबाइल की लत से दूर करने में बच्चों की मदद करेगा।

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