रात को सोने से पहले बच्चों के हाथों में दें किताब, एक्सपर्ट्स से जानें Bedtime Reading के फायदे

सोने से पहले बच्चों को गैजेट्स की जगह किताबें देना उनकी नींद और पर्सनल विकास के लिए फायदेमंद है। एक्सपर्ट से इस लेख के माध्यम से जानते हैं कैसे...
Updated:- 2026-07-13, 14:31 IST
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आज के समय में बच्चे अपने दिन का एक बड़ा हिस्सा मोबाइल, टैबलेट या टीवी स्क्रीन को देते हैं। ऐसे में रात को सोने से ठीक पहले का समय उनके मानसिक और भावनात्मक विकास के लिए और भी ज्यादा जरूरी हो जाता है। सोने से पहले बच्चों के हाथों में गैजेट्स देने के बजाय किताबें दें। यह आदत उनके भविष्य के लिए अच्छी साबित हो सकती है। इसे बेडटाइम रीडिंग कहा जाता है। यह न सिर्फ बच्चों को बेहतर नींद दिलाता है, बल्कि उनकी पूरी पर्सनैलिटी को संवारने में मदद करता है। ऐसे में यह जानना तो बनता है कि यह आदत क्यों जरूरी है और इसके क्या फायदे हैं? इसके लिए हमने कोच, हीलर, लाइफ अल्केमिस्ट और साइकोथेरेपिस्ट डॉ. चांदनी तुगनैत (Dr. Chandni Tugnait) से भी बात की है। जानते हैं आगे...

क्यों जरूरी है सोने से पहले किताब पढ़ने की आदत डालना? 

बता दें कि रात का समय बच्चों के दिमाग को शांत करने और दिनभर की भागदौड़ से राहत दिलाने वाला होता है। ऐसे में स्क्रीन से निकलने वाली रोशनी बच्चों के दिमाग में मेलाटोनिन नामक स्लीप हार्मोन को बनने से रोकती है, जिससे उनकी नींद प्रभावित होती है। 

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जब आप बच्चों को बेड पर किताब देते हैं, तो उनका ध्यान स्क्रीन से हटता है। यह आदत उनके दिमाग को यह संकेत देती है कि अब आराम करने और सोने का समय हो चुका है। 

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बेडटाइम रीडिंग से बच्चों को मिलने वाले बेमिसाल फायदे

  • कहानियां पढ़ते या सुनते समय बच्चे अपने दिमाग में एक अलग दुनिया बनाते हैं, जिससे उनकी क्रिएटिविटी मजबूत होती है।
  • हर दिन नई कहानियां पढ़ने से बच्चे नए-नए शब्द सीखते हैं। इससे उनकी भाषा पर पकड़ मजबूत होती है।
  • दिनभर की एक्टिविटी के बाद किताब पढ़ना बच्चों के मेंटल स्ट्रेस को कम करता है। इसके अलावा, माता-पिता जब बच्चों के साथ बैठकर पढ़ते हैं, तो उनके बीच का रिश्ता गहरा होता है।

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एक्सपर्ट की राय

बेडटाइम रीडिंग की शुरुआत जितनी जल्दी की जाए, उतना बेहतर है। शुरुआत में बच्चों पर खुद पढ़ने का दबाव न बनाएं। अगर बच्चा छोटा है, तो माता-पिता को खुद उसे कहानियां पढ़कर सुनानी चाहिए। 

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