Potato Origin: आलू एक ऐसी सब्जी है जो हमारे किचन का राजा मानी जाती है। सुबह के पराठे हों, दोपहर की सूखी सब्जी या फिर शाम के समोसे और चिप्स, आलू के बिना हमारी रसोई अधूरी है, लेकिन क्या आप जानती हैं कि रोजाना बड़े चाव से खाया जाने वाला यह आलू असल में भारत की मूल फसल नहीं है? हो सकता है कि यह सुनकर आपको अजीब लगेगा, लेकिन सच है। आलू का इतिहास हजारों साल पुराना है।
आज दुनिया भर में सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली इस सब्जी की कहानी बेहद दिलचस्प और हैरान करने वाली है। नीचे लेख में पढ़ें आलू सबसे पहले कहां उगाया गया था और यह फसल कहां की है?
पेरू के पहाड़ों से शुरू हुआ सफर
आलू की कहानी आज से लगभग 7,000 से 10,000 साल पहले दक्षिण अमेरिका के पेरू देश से शुरू होती है। वहां एंडीज पर्वतमाला की पहाड़ियों पर रहने वाले आदिवासियों और इंका सभ्यता के लोगों ने सबसे पहले जंगली आलू की खेती करना शुरू किया था। उस समय आलू आज जैसा नहीं था, बल्कि यह थोड़ा कड़वा और अलग शेप का होता था। वहां के लोगों ने मेहनत करके इसे खाने लायक और स्वादिष्ट बनाया।
इसे भी पढ़ें- इस शहर को कहा जाता है चाय का शैंपेन, क्या आपको पता है इसका नाम?
शैतानों का भोजन समझा जात था आलू
सोलहवीं शताब्दी में जब स्पेन के खोजकर्ता और नाविक दक्षिण अमेरिका पहुंचे, तो उन्होंने इस अनोखी सब्जी को देखा। वे इसे अपने साथ यूरोप ले गए। शुरुआत में यूरोप के लोगों ने आलू को अपनाने से मना कर दिया था। कुछ लोग इसे शैतान का भोजन मानते थे तो कुछ को लगता था कि इसे खाने से बीमारियां फैलती हैं, लेकिन धीरे-धीरे जब वहां भुखमरी फैली, तो लोगों को समझ आया कि आलू एक ऐसी फसल है जो कम जमीन, खराब मौसम और कम पानी में भी ढेर सारा अनाज देती है। इसके बाद आलू पूरे यूरोप, खासकर आयरलैंड का मुख्य भोजन बन गया और इसने लाखों लोगों की जान बचाई।
भारत में कब और कैसे आया आलू?
अब सवाल उठता है कि भारत में आलू कैसे आया? भारत में आलू लाने का श्रेय पुर्तगालियों को जाता है। 17वीं शताब्दी की शुरुआत में पुर्तगाली व्यापारी जहाजों के जरिए आलू को भारत के पश्चिमी तट गोवा और मुंबई पर लेकर आए थे।
शुरुआत में इसे बटाटा कहा जाता था। बाद में जब भारत में अंग्रेजों का शासन आया, तो उन्होंने आलू की खेती को पूरे देश में बढ़ावा दिया। अंग्रेजों को आलू बहुत पसंद था और उन्होंने इसे उत्तर भारत की पहाड़ियों (जैसे शिमला और नैनीताल) में उगाना शुरू किया, जहां का मौसम इसके लिए बिल्कुल सही था।
भारत की ज्यादातर डिश का खास हिस्सा है आलू
आज स्थिति यह है कि आलू के बिना भारतीय खाने की कल्पना भी नहीं की जा सकती। भारत दुनिया में आलू उत्पादन के मामले में दूसरे नंबर पर आता है। उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और बिहार जैसे राज्यों में इसकी रिकॉर्ड पैदावार होती है। यह अमीर से लेकर गरीब तक, हर किसी की थाली का अहम हिस्सा बन चुका है।
इसे भी पढ़ें- भारत के इस शहर को कहा जाता है Mango City Of India, जानें क्यों मिला यह खिताब?
अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हर जिंदगी से।
Image Credit- Freepik
