आज के समय में शादी को लेकर बच्चों और माता-पिता की सोच में काफी अंतर देखने को मिलता है। युवा जहां अपने पसंद के जीवनसाथी की तलाश में समय लेना चाहते हैं, वहीं माता-पिता तय उम्र में बच्चों की शादी की जिम्मेदारी को लेकर चिंतित रहते हैं। भारत में जहां शादी के लिए रिश्ते ढूंढना एक आम पारिवारिक प्रक्रिया है। मगर चीन में इसके लिए एक अलग व्यवस्था है। बता दें कि चीन में माता-पिता बच्चों के लिए योग्य जीवनसाथी तलाशने के लिए सार्वजनिक पार्कों में बाकायदा एक खुला बाजार सजता है, जिसे विवाह बाजार कहा जाता है। 

शंघाई का पीपल्स पार्क में लगता है विवाह बाजार

चीन के शंघाई स्थित प्रसिद्ध पीपल्स पार्क में हर सप्ताह के अंत में एक अलग नजारा देखने को मिलता है। यहां सैकड़ों माता-पिता अपने अविवाहित बच्चों की उम्र, लंबाई, शिक्षा, पेशा, आय और हॉबी जैसी तमाम जानकारियों वाले बॉयोडेटा और प्रोफाइल लेकर पहुंचते हैं। इसे दुनिया का सबसे अनोखा ऑफलाइन डेटिंग ऐप कहा जा सकता है, जहां युवा खुद नहीं बल्कि उनके माता-पिता खुद मैचमेकर बनकर घूमते हैं।

बायोडाटा देख माता-पिता बच्चों के ढूंढते हैं मैचमेकर

पार्क की इन कतारों में माता-पिता बच्चों के प्रोफाइल देखते हैं, एक-दूसरे से बातचीत करते हैं और बात बनने पर फोन नंबर का आदान-प्रदान करके बच्चों की मुलाकात तय करते हैं।

सोशल मीडिया पर भी इस अनोखी जगह के कई वीडियो और अनुभव खूब वायरल होते रहते हैं, जहां लोग बताते हैं कि उनके पिता किस तरह उनके लिए रिश्ता तलाशने खुद पार्क पहुंच गए थे। शंघाई नगर सरकार के आधिकारिक अंग्रेजी पोर्टल के अनुसार, इन बाजारों में अब प्रोफेशनल्स मैचमेकर भी अपनी सेवाएं देने लगे हैं और यहां तक कि विदेशियों के लिए एक अलग सेक्शन भी बनाया गया है।

मैरिज मार्केट प्रथा के पीछे का कारण

चीन में इस तरह के बाजारों के लोकप्रिय होने के कई बड़े सामाजिक कारण हैं। आज की युवा पीढ़ी या तो अपनी नौकरी और करियर में इतनी व्यस्त है कि उनके पास डेटिंग के लिए वक्त नहीं है या फिर वे स्वभाव से थोड़े शर्मीले हैं।

इसके अलावा, देश में पुरानी वन-चाइल्ड पॉलिसी के बाद पैदा हुए लिंगानुपात असंतुलन ने भी विवाह बाजार में प्रतिस्पर्धा को काफी बढ़ा दिया है, जिससे माता-पिता अपने बच्चों के भविष्य को लेकर और अधिक चिंतित रहते हैं।

अगर आपको कई यह कहे कि चीन में दुल्हा-दुल्हन का बाजार लगता है, तो यकीनन थोड़ा अजीब लगेगा। मगर इसके पीछे का कारण जानकर यह समझ आ गया होगा कि यह प्रथा क्यों बनाई गई? अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहे हर जिंदगी से।

Image Credit- magnific, AI

Official Information - https://english.shanghai.gov.cn/