माता-पिता को अक्सर लगता है कि सिर्फ पढ़ाई-लिखाई करने से ही बच्चे का भविष्य बेहतर होता है। हालांकि, कुछ हद तक यह बात सही भी है। मगर पढ़ाई के साथ कुछ हॉबीज और स्किल्स का शामिल करना बहुत जरूरी है। ऐसा इसलिए क्योंकि कई जगहों पर किताबी ज्ञान के साथ-साथ स्किल्स की भी जरूरत पड़ती है। स्टेरिस हेल्थकेयर की चेयरमैन जीवन कसारा से जानें कि बच्चों को कौन सी स्किल्स जरूर सिखानी चाहिए।

बच्चों को सफल बनाने के लिए पढ़ाई के अलावा और क्या स्किल्स जरूरी है?

किताबें रटना और उन्हें कॉपी पर रटना केवल नंबर लाने के लिए बेहतर हो सकता है। मगर बात जब भविष्य को बेहतर बनाने की आती हैं, तो वहां केवल पढ़ाई नहीं बल्कि कुछ हॉबीज या स्किल्स होनी बहुत जरूरी है। नीचे एक्सपर्ट की बताई गई 5 स्किल्स के बारे में जानें-

1. नई भाषा सिखाएं

आज के समय केवल एक नहीं बल्कि अलग-अलग भाषाओं को जानना बहुत जरूरी हो गया है। ऐसे में आप अपने बच्चे को नई-नई भाषाएं सिखाएं। जब बच्चा भाषाएं सीखता है, तो उसका बात करने का तरीका भी बेहतर होता है। साथ ही जब बचपन से आप उन्हें ये चीजें सिखाती हैं, तो वे इन्हें आसानी से सीख जाता है। हिंदी, अंग्रेजी भाषा के अलावा विदेशी भाषा जैसे स्पेनिश या फ्रेंच को पढ़ना, लिखना और बोलना सिखाएं। 

  • मुफ्त वीडियो और ऑडियो ट्यूटोरियल के जरिए शब्दावली व उच्चारण सुधार सकते हैं।
  • अलायंस फ्रांसेस (फ्रेंच) या मैक्स मूलर भवन जैसे केंद्रों से कोर्स करें।
  • लोटॉक ऐप से नेटिव स्पीकर्स के साथ बोलकर अभ्यास कर सकते हैं।
  • ड्यूओलिंगो और बैबेल जैसे ऐप्स पर खेल-खेल में भाषा सिखा सकती हैं।

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2. अलग-अलग बुक पढ़ने का आदत डालें

बच्चों को किताबें पढ़ने की आदत जरूर डालें। खासकर अलग-अलग जॉनर की किताबें पढ़ने के लिए कहें। इससे उन्हें नए-नए शब्दों को सीखने का मौका मिलता है। साथ ही एकाग्रता भी बढ़ती है। इसके अलावा बच्चों को बोल-बोलकर पढ़ने के लिए कहें और जो मुश्किल और नए शब्द हैं उन्हें डायरी या नोटबुक में लिखवाएं।

3. मार्शल आर्ट सिखाएं

आज के समय में बच्चों का मानसिक रूप से तेज होना जितना जरूरी है, उतना ही शारीरिक रूप से एक्टिव होना भी जरूरी है। बच्चों को मार्शल आर्ट सिखाएं, इससे उनके अंदर आत्मविश्वास बढ़ता है और उनकी फिटनेस भी अच्छी रहती है।

4. क्रिएटिव राइटिंग की आदत डालें

स्कूल में मिलने वाले होमवर्क से हटकर बच्चों को क्रिएटिव राइटिंग करने के लिए मोटिवेट करें। इसके लिए उन्हें आप कहानी लिखने के लिए कहें, उन्हें अपने रोजाना की दिनचर्या को डायरी में लिखने के लिए कहें। ऐसा करने से उनके सोचने और कल्पना करने की शक्ति बढ़ेगी।

  • डायरी या छोटी कहानी लिखने की आदत डालें।
  • बच्चों को रोमांचक और चित्रकथाएं पढ़ने के लिए मोटिवेट करें।
  • उनके अनुभवों को शब्दों में पिरोने में मदद करें।
  • छोटी-छोटी रचनाओं की सराहना कर उनका आत्मविश्वास बढ़ाएं।

5. स्विमिंग करने के लिए मोटिवेट करें

स्विमिंग एक ऐसी आदत या शौक है, जो शरीर और मन दोनों के लिए अच्छा माना जाता है। इससे बच्चों की शारीरिक ताकत और लक्ष्य पर केंद्रित करने की क्षमता बढ़ती है। आप बच्चे का एडमिशन नियमित क्लास में करा सकती हैं। अगर बच्चे की रुचि भविष्य में स्विमिंग में रही, तो आप उसे इस फील्ड में प्रोफेशनल स्विमर के रूप में ट्रेनिंग दिला सकती हैं।

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इन स्किल्स या आदतों को जब आप अपने बच्चे में शामिल करती हैं, तो उनका कॉन्फिडेंस लेबल भी बढ़ता है। साथ ही उनके सोचने का तरीका भी बेहतर होता है। अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आया है तो इसे शेयर करें। ऐसे आर्टिकल को पढ़ने के लिए जुड़े रहे हरजिंदगी के साथ।

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