Fri Sep 11, 2026 | Updated 08:43 PM IST

सोशल मीडिया पर पोस्ट करती हैं बच्चे की तस्वीरें और वीडियो? नजरअंदाज न करें ये 5 बातें

सोशल मीडिया पर बच्चों की तस्वीरें शेयर करना साइबर अपराधियों द्वारा डीपफेक और पहचान की चोरी का कारण बन सकता है। माता-पिता को बच्चों की सुरक्षा के लिए लोकेशन टैग बंद करने और प्राइवेसी सेटिंग्स चेक करने जैसी सावधानियां बरतनी चाहिए।
Updated:- 2026-07-21, 08:30 IST
social media safety tips for parents

आज के इस डिजिटल दौर में हर इंसान इंटरनेट पर वायरल होने की इच्छा रखता है। इसके पीछे का मुख्य कारण फेम और पैसा कमाना है। ऐसे में लोग अपनी दिनभर की छोटी-बड़ी हर गतिविधि को सोशल मीडिया पर शेयर करने लगते हैं। इस चक्कर में कई माता-पिता अपने बच्चे का भी अकाउंट बनाते हैं और उस पर दिनभर की एक्टविटी को पोस्ट करते हैं। फिर चाहे वह बच्चे का जन्मदिन हो, स्कूल का पहला दिन हो या फिर उसका कोई क्यूट मोमेंट ही क्यों न हो। पोस्ट करते ही ये चीजें इंटरनेट पर परमानेंट डेटा बन जाती है। इन्हें कोई भी व्यक्ति कभी भी कॉपी, डाउनलोड या फिर गलत तरीके से इस्तेमाल कर सकता है।

अगर आप भी अपने बच्चे की तस्वीर को व्यूज और लाइक्स पाने के चक्कर में बिना सोचे-समझे पोस्ट कर देती हैं, तो यह बड़ा खतरा बन सकता है। नीचे लेख में Lex Cyber Attorneys के साइबर लॉयर अंकित देव अर्पण से जानें किन बातों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

बच्चों की फोटो पोस्ट करने को लेकर क्या कहती है रिसर्च?

इंटरनेट वॉच फाउंडेशन (IWF) और सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, माता-पिता द्वारा पोस्ट की गई सामान्य एवं मासूम तस्वीरों को साइबर अपराधी डाउनलोड कर रहे हैं। जनरेटिव एआई टूल्स की मदद से इन तस्वीरों को डीपफेक, आपत्तिजनक सामग्री या अवांछित विज्ञापनों में बदल दिया जाता है।

ऑस्ट्रेलियन ई-सेफ्टी कमिश्नर की एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ था कि डार्क वेब, जिसे इंटरनेट की काली दुनिया कहा जाता है, वहां पर मौजूद बाल यौन शोषण से जुड़ी लगभग 50% तस्वीरें सीधे आम माता-पिता के सोशल मीडिया अकाउंट्स से चुराई गई थीं।

बार्कलेज (Barclays) बैंक की एक ग्लोबल रिसर्च के मुताबिक, साल 2030 तक आइडेंटिटी फ्रॉड के दो-तिहाई लगभग 67% मामलों का मुख्य कारण शेरेंटिंग होगा। आजकल साइबर अपराधी और हैकर्स इन तस्वीरों से बच्चे के चेहरे की बनावट, विक्ट्री सिंबल में अंगुलियों की छाप जिसे डिजिटल भाषा में फिंगर प्रिंट्स कहा जाता है। 

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क्या होता है शेरेंटिंग और डिजिटल रोलप्ले स्कैम?

पेरेंट्स जब अपने बच्चों की तस्वीरें, वीडियो, स्कूल की जानकारी और डेली रूटिन को ब्लॉग या सोशल मीडिया पर बहुत ज्यादा शेयर करते हैं, तो उस प्रोसेस को शेरेंटिंग कहते हैं। वहीं जब कोई अजनबी व्यक्ति इंटरनेट से बच्चे की तस्वीरों और वीडियो को चुराकर नया डिजिटल फोटो तैयार करता है। इसके बाद अपराधी इन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर इस तरह से पेश करता है जैसे वह बच्चा उसका अपना हो। इसे डिजिटल रोलप्ले स्कैम कहा जाता है।

फोटो अपलोड करने से पहले ध्यान दें ये बातें 

इंटरनेट की दुनिया जितनी मजेदार है उससे कहीं ज्यादा खतरनाक भी है। ऐसे में इस पर तस्वीरे या फिर वीडियो को पोस्ट करते समय खास ध्यान की जरूरत होती है। नीचे जानें 5 जरूरी बातें-

लोकेशन टैग को हमेशा बंद रखें

फोटो पोस्ट करते समय कभी भी अपने घर, बच्चे के स्कूल, पार्क या कोचिंग सेंटर की सटीक लोकेशन टैग न करें। जब आप लोकेशन शेयर करते हैं, तो कोई भी अनजान व्यक्ति यह आसानी से ट्रैक कर सकता है कि आपका बच्चा रोजाना किस वक्त कहाँ मौजूद रहता है। इसलिए फोटो अपलोड करने से पहले जीपीएस और लोकेशन टैगिंग को बंद करना न भूलें।

बच्चे का स्कूल यूनिफॉर्म और आईडी कार्ड न दिखे

अक्सर माता-पिता खुशी-खुशी में बच्चे के स्कूल के पहले दिन की फोटो शेयर कर देते हैं। ऐसे में फोटो में बच्चे की यूनिफॉर्म का लोगो, बस नंबर या गले में टंगा आईडी कार्ड साफ नजर आने लगता है। इससे बच्चे की सुरक्षा को बड़ा खतरा हो सकता है। फोटो शेयर करने से पहले सुनिश्चित करें कि ऐसी संवेदनशील जानकारी या तो धुंधली हो या फ्रेम से बाहर हो।

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जन्मतिथि या पर्सनल डिटेल को करें शेयर

बर्थडे की तस्वीरें पोस्ट करते समय इस बात का ध्यान रखें कि बैकग्राउंड में बच्चे की पूरी जन्मतिथि, जन्म का साल या घर का पता जैसी बातें न दिख रही हों। इंटरनेट पर साइबर क्रिमिनल्स इन छोटी-छोटी जानकारियों का इस्तेमाल आइडेंटिटी थेफ्ट या फर्जी डॉक्यूमेंट्स बनाने के लिए आसानी से कर सकती हैं।

बच्चे की प्राइवेट तस्वीरें शेयर न करें

कई बार पेरेंट्स बच्चे के नहाते वक्त, कपड़े बदलते समय या बिना कपड़ों वाली क्यूट फोटोज इंटरनेट पर पोस्ट कर देते हैं। मगर यह आपके बच्चे के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। डार्क वेब पर ऐसी तस्वीरों का गलत इस्तेमाल होने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। हमेशा ऐसी फोटो चुनें जिसमें बच्चा पूरी तरह से ढका हुआ और सुरक्षित दिखे।

प्राइवेसी सेटिंग्स करें चेक

फोटो अपलोड करने का बटन दबाने से पहले अपने सोशल मीडिया अकाउंट की ऑडियंस सेटिंग जरूर चेक कर लें। अगर आपका अकाउंट पब्लिक है, तो आपकी पोस्ट दुनिया का कोई भी अनजान व्यक्ति देख सकता है। इसे हमेशा फ्रेंड्स ओनली या क्लोज फ्रेंड्स पर ही रखें, जिससे आपकी तस्वीरें सिर्फ वही लोग देख सकें जिन पर आप भरोसा करते हैं।

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अगर आप भी बच्चे की तस्वीरें रोजाना डालती हैं, तो ऊपर लेख में बताई गई बातों का ध्यान रखें। साथ ही अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

Image Credit- Magnific, Shutterstock


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