पेरेंट्स की ये 4 गलतियां, बचपन ही नहीं; बड़े होने पर भी बच्चे को बनाती हैं जिद्दी

हर माता-पिता अपने बच्चे को अच्छी से अच्छी परवरिश देना चाहते हैं। मगर कई बार प्यार लाड़ में इतना सिर पर चढ़ा लेते हैं कि वह पेरेंट्स की बात को हल्के में ले लेते हैं। ये ही नहीं बल्कि इसके अलावा की गई छोटी-छोटी बातें गलतियां बच्चे के बिहेवियर को जिद्दी और गुस्सैल बना देता है। बच्चों की हर बेतुकी मांग पूरी करना, उन पर बात-बात पर चिल्लाना, दूसरों से तुलना करने जैसी चीजें शामिल हैं। नीचे लेख में कोच, हीलर, लाइफ अल्केमिस्ट और साइकोथेरेपिस्ट डॉ. चांदनी तुगनैत से जानें 4 ऐसी गलतियों, जो बच्चे के स्वभाव को बिगाड़ सकती हैं।
परवरिश में अनुशासन की कमी
जब माता-पिता बच्चों को न तो सही नियम सिखाते हैं और न ही रोक-टोक करते हैं। वहीं हद से ज्यादा लाड़-प्यार देते हैं, तो बच्चे समझ नहीं पाते कि क्या सही है और क्या गलत। वहीं दूसरी तरफ, अगर हर बात पर उनकी कमी निकाली जाए या उन पर दबाव बनाया जाए, तो उन्हें लगता है कि उनकी कोई बात सुन ही नहीं रहा है। ऐसे माहौल में अपनी बात मनवाने और खुद को बचाने के लिए बच्चे जिद्दी और गुस्सैल बनने लगते हैं।
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घर में लड़ाई-झगड़ा का माहौल
घर का तनावपूर्ण माहौल बच्चे के मानसिक और भावनात्मक विकास को रोकता है। जब बच्चों को सही दिशा और प्यार की जगह केवल डांट मिलती है, तो उनका आत्मविश्वास डगमगा जाता है। वे अपनी भावनाओं को सही तरीके से व्यक्त करना नहीं सीख पाते। धीरे-धीरे, यह आदत उनके स्वभाव का हिस्सा बन जाती है और वे छोटी-छोटी बातों पर चिढ़ने लगते हैं।
बचपन का बर्ताव बड़े होने पर भी दिखाता है असर
बचपन की ये आदतें उम्र के साथ खत्म नहीं होतीं, बल्कि बड़े होने पर इंसान के स्वभाव का हिस्सा बन जाती हैं। ऐसे माहौल में पले-बढ़े बच्चे बड़े होकर छोटी-छोटी परेशानियों या तनाव को झेल नहीं पाते। वे हर बात पर तुरंत अपना बचाव करने लगते हैं और दूसरों के साथ दिल से जुड़ने में उन्हें दिक्कत आती है। बचपन का वही गुस्सा बड़े होने पर लोगों पर अविश्वास करने और उनसे दूरी बनाने की आदत में बदल जाता है।
सही अनुशासन भविष्य के लिए बेहतर
माता-पिता जिस तरह से बच्चों को अनुशासन और संस्कार सिखाते हैं। वही उनके भविष्य को आकार देता है। बच्चों को गुस्से की जगह बातचीत के जरिए अपनी समस्याओं को हल करना सिखाना बहुत जरूरी है। इसके लिए पेरेंट्स को खुद भी शांत रहना होगा और अच्छा व्यवहार करके बच्चों के सामने सही मिसाल पेश करनी होगी। जब घर में प्यार, समझदारी और सही नियम होंगे, तभी बच्चे आगे चलकर समझदार और मानसिक रूप से मजबूत बन पाएंगे।
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माता-पिता की अनजाने में की गई गलतियां बच्चे को बचपन में ही नहीं बड़े में जिद्दी बनाता है। अगर आप भी ये गलतियां करती हैं, तो तुरंत बंद कर दें। साथ ही अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आया है तो इसे शेयर करें। ऐसे आर्टिकल को पढ़ने के लिए जुड़े रहे हरजिंदगी के साथ।
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- बच्चा बात-बात पर चिढ़ता और गुस्सा क्यों करता है?
- जब घर में बच्चों की बात नहीं सुनी जाती या सख्ती की जाती है, तो वे अपनी बात मनवाने के लिए गुस्से का सहारा लेते हैं।
- क्या बचपन में ज़्यादा लाड़-प्यार देने से बच्चा आगे चलकर जिद्दी बन सकता है?
- हां, बिना सही अनुशासन के अत्यधिक लाड़-प्यार मिलने से बच्चे को हर जिद पूरी कराने की आदत पड़ जाती है।
- बच्चों का गुस्सा शांत करने के लिए माता-पिता को सबसे पहले क्या करना चाहिए?
- बच्चों पर डांटने या चिल्लाने के बजाय खुद शांत रहकर उनकी बात समझदारी से सुननी चाहिए।
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