क्‍या आपको कभी ऐसा महसूस हुआ है कि आपका एक ब्रेस्‍ट दूसरे से थोड़ा बड़ा या छोटा नजर आता है? अगर हां, तो घबराने की जरूरत नहीं है, क्‍योंकि दोनों ब्रेस्‍ट का बिल्‍कुल एक जैसे साइज का होना जरूरी नहीं होता है। कई महिलाओं में हल्‍का अंतर नॉर्मल होता है। हालांकि, ब्रेस्‍ट के साइज और शेप में बदलाव उम्र, हार्मोनल बदलाव, वजन में उतार-चढ़ाव, प्रेग्‍नेंसी और अन्‍य कारण हो सकते हैं, लेकिन अक्‍सर महिलाओं के मन में एक सवाल आता है कि क्‍या सोने की पोजीशन या तरीके का ब्रेस्‍ट के साइज पर कोई असर पड़ता है। आइए इस बारे में डॉक्‍टर चंचल शर्मा से जानते हैं।

क्या सोने के तरीके से ब्रेस्ट के साइज पर असर होता है?

सोने की किसी स्‍पेशल पोजीशन से ब्रेस्ट का साइज परमानेंट रूप से बढ़ने या घटने कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। हालांकि, सोने की पोजीशन शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर पड़ने वाले दबाव और आराम को प्रभावित कर सकती है। उदाहरण के लिए, पेट के बल सोने पर ब्रेस्ट पर शरीर का दबाव पड़ सकता है, जिससे कुछ समय के लिए अनकंफर्टेबल महसूस हो सकता है। करवट लेकर सोने पर भी एक तरफ ज्‍यादा दबाव पड़ सकता है, लेकिन केवल इस वजह से एक ब्रेस्ट का साइज के बड़ा या छोटा हो जाना साबित नहीं हुआ है।

पेट के बल सोना- दबाव और दर्द

कुछ महिलाओं को इस पोजीशन में सोने से दर्द और अनकंफर्टेबल महसूस होता है। इसके अलावा, पेट के बल सोने से गर्दन और पीठ के ऊपरी हिस्से की मसल्‍स में खिंचाव आ सकता है, जो अप्रत्यक्ष रूप से ब्रेस्ट टिश्यू को प्रभावित कर सकता है। भले ही यह किसी की सेहत के लिए हानिकारक न हो, लेकिन सेंसिटिव ब्रेस्ट वाली महिलाओं के लिए यह सबसे खराब पोजीशन मानी जाती है।

करवट लेकर सोना- सपोर्ट की जरूरत

ज्‍यादातर लोग करवट लेकर सोते हैं और यह सोने की सबसे आम पोजीशन है। अगर इसे सही से सपोर्ट मिले तो यह आपके लिए सबसे कंफर्टेबल भी हो सकती है। हालांकि, गुरुत्वाकर्षण का खिंचाव हमेशा आपके शरीर पर काम करेगा और यह आपके लिगामेंट्स को खींच सकता है, जिससे दर्द हो सकता है। अगर आप सोते समय हाथ के नीचे तकिया रखेंगी या स्लीप ब्रा पहनेंगी तो आराम मिलेगा और खिंचाव कम होगा। जिन महिलाओं को ब्रेस्ट में दर्द होता है, उन्‍हें इस करवट में सोने की सलाह दी जाती है।

पीठ के बल सोना: दबाव से राहत के लिए

पीठ के बल सोना ब्रेस्ट के लिए सबसे अच्छी पोजीशन मानी जाती है, क्योंकि इसमें वजन बराबर बंटा रहता है और ब्रेस्ट पर कोई दबाव नहीं पड़ता। इससे सोते समय ब्रेस्ट दर्द से बचने में भी मदद मिल सकती है। यह पोजीशन में सोने से रीढ़ भी सीधी रहती है। हालांकि, कई महिलाओं को कई समस्याओं के कारण पीठ के बल सोना मुश्किल लगता है।

किस पोजीशन में सोना चाहिए?

एक्‍सपर्ट का कहना है कि आयुर्वेद में बाईं करवट सोने को सबसे अच्छा माना गया है, इसे 'वामकुक्षि' कहते हैं। इससे खाना छोटी आंत से बड़ी आंत में आसानी से जाता है और पाचन अच्छा होता है। दिल पर दबाव कम पड़ता है और ब्‍लड का फ्लो बेहतर होता है। पीठ के बल सोने से खर्राटे बढ़ सकते हैं और पेट के बल सोने से कमर-दर्द और सांस लेने में दिक्कत हो सकती है, लेकिन सोने के लिए ऐसी पोजीशन चुनना सही रहता है जिसमें आपको आराम मिले और शरीर पर अनावश्यक दबाव न पड़े।

करवट या पीठ के बल सोना कई महिलाओं के लिए कंफर्टेबल हो सकता है। अगर पेट के बल सोने पर ब्रेस्ट में दर्द या अनकंफर्टेबल महसूस होता है, तो सोने की दूसरी पोजीशन आजमाई जा सकती है। इसलिए, सिर्फ ब्रेस्ट का साइज बदलने के डर से अपनी सोने की पोजीशन बदलने की जरूरत नहीं है। अच्छी नींद के लिए आरामदायक मुद्रा, पर्याप्त नींद और सही नींद की आदतों पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।

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Image Credit: magnific