प्रेग्नेंसी और बच्चे को दूध पिलाने के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। इस समय ब्रेस्ट का शेप बढ़ना, भारीपन महसूस होना या गांठ जैसी चीज महसूस होना आम बात होती है, लेकिन हर बदलाव को नॉर्मल समझकर नजरअंदाज करना सही नहीं हाेता है।
क्या आप जानती हैं कि प्रेग्नेंसी और ब्रेस्टफीडिंग के दौरान भी ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है? इस दौरान इसके लक्षण पहचानना थोड़ा मुश्किल होता है। ऐसे में किसी भी असामान्य गांठ, निप्पल से खून आने, त्वचा में बदलाव या लगातार दर्द होने पर डॉक्टर को दिखाना जरूरी है। इसके बारे में डॉ. अभिजीत कोटाबागी (ग्रेटर नोएडा के यथार्थ हॉस्पिटल, ओमेगा-1 में सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के सीनियर कंसल्टेंट) विस्तार से जानकारी दे रहे हैं। आइए जानते हैं-
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क्या प्रेग्नेंसी और फीडिंग के दौरान हो सकता है ब्रेस्ट कैंसर?
डॉक्टर ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान और बच्चे को जन्म देने के बाद दूध पिलाने की ड्यूरेशन में भी ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है। इसे प्रेग्नेंसी-एसोसिएटेड ब्रेस्ट कैंसर कहा जाता है। इस समय ब्रेस्ट में होने वाले सामान्य बदलावों के कारण इसके लक्षणों पर ध्यान देना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस दौरान ब्रेस्ट में होने वाले हर बदलाव को नॉर्मल मानकर छोड़ना ठीक नहीं है।
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ब्रेस्ट कैंसर के किन लक्षणों को न करें नजरअंदाज?
प्रेग्नेंसी या ब्रेस्टफीडिंग के दौरान कुछ बदलावों पर खास ध्यान देना होता है। जैसे-
- अगर कोई असामान्य गांठ ब्रेस्ट में महसूस हो या वह बनी रहे, तो डॉक्टर को दिखाएं।
- निप्पल से खून आने पर भी इसे नजरअंदाज न करें।
- ब्रेस्ट की त्वचा में कोई असामान्य बदलाव दिखे, तो टेस्ट करवाएं।
- अगर ब्रेस्ट में दर्द बना रहता है, तो डॉक्टर से सलाह लें।
ध्यान रखें कि हर गांठ कैंसर नहीं होती। फिर भी, बिना टेस्ट के यह मान लेना सही नहीं है कि गांठ सामान्य है।
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क्या प्रेग्नेंसी और फीडिंग के दौरान जांच हो सकती है?
इस दौरान भी ब्रेस्ट में किसी असामान्य बदलाव की जांच करवाई जा सकती है। डॉ. अभिजीत कोटाबागी के अनुसार, अगर कोई गांठ, दर्द या दूसरा असामान्य लक्षण दिखाई दे, तो डॉक्टर को दिखाने में देरी नहीं करनी चाहिए। डॉक्टर महिला की स्थिति और लक्षणों को देखते हुए जरूरी जांच की सलाह दे सकते हैं। इसलिए केवल प्रेग्नेंसी या ब्रेस्टफीडिंग की वजह से टेस्ट को टालना सही नहीं है।
महिलाओं के लिए जरूरी बातें
डॉक्टर ने महिलाओं के लिए कुछ जरूरी बातें भी बताई हैं। जिनपर उन्हें ध्यान देना चाहिए। जैसे-
- ब्रेस्ट में होने वाले हर बदलाव पर ध्यान दें।
- किसी असामान्य गांठ को लंबे समय तक नजरअंदाज न करें।
- निप्पल से खून आने या त्वचा में बदलाव होने पर डॉक्टर से मिलें।
- खुद से बीमारी का अंदाजा लगाने के बजाय जांच करवाएं।
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ध्यान रखें कि प्रेग्नेंसी और ब्रेस्टफीडिंग के दौरान ब्रेस्ट में बदलाव होना नॉर्मल है, लेकिन हर बदलाव को सामान्य मानना सही नहीं है। समय पर डॉक्टर से सलाह लेने से समस्या की सही वजह पता लगाने में मदद मिलती है। साथ ही अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
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