अधिकांश लोग शरीर के बाकी अंगों के मुकाबले ओरल हेल्थ केयर पर बिल्कुल ध्यान नहीं देते। नतीजा दांत और मसूड़ों में दर्द, सड़न और गलन। कैसे छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप दांतों से होने वाली बड़ी बीमारियों से दूर रह सकते हैं? आइए इस बारे में आर्टिकल के माध्यम से विस्तार से जानते हैं।
क्या है ओरल हेल्थ केयर?
खूबसूरत हंसी और तरोताजा सांस के लिए ओरल हेल्थ केयर जरूरी है। खराब ओरल हेल्थ से न सिर्फ दांतों में गंभीर बीमारियां होती हैं बल्कि दिल के रोग, डायबिटीज जैसी अन्य कई स्वास्थ्य समस्याएं भी पनपने लगती हैं। यही नहीं कैविटी, मुंह में बदबू, मसूड़ों से खून आना, सूजन जैसी बीमारियां भी ओरल हेल्थ का ध्यान न देने से ही होती है।
जब भी हमें दांत दर्द होता है तब हम बगैर कारण समझें बस कोई भी दर्द कम करने वाली दवा ले लेते हैं, जो बाद में जाकर बड़ी बीमारी की वजह बन जाती है। अमेरिकन डेंटल एसोसिएशन (ADA) के अनुसार, खाने के बाद दांत और मसूड़ों के बीच में जो खाना फंसता है, वही सड़कर दांतों में कई तरह की बीमारियां पैदा करता है।
क्या है पीरियोडोंटाइटिस?
दांतों का दर्द सुनने में आम लगता है, लेकिन यह कब गंभीर बन जाता है पता ही नहीं चलता। इसमें कैविटी (दांतों का सड़ना), मसूड़ों की बीमारी (पेरियोडोंटल रोग), दांतों का दर्द और फोड़े शामिल हैं। दांतों से संबंधित सबसे गंभीर बीमारी मसूड़ों से शुरू होती है। ओरल हाइजीन की कमी की वजह से मसूड़ों में सूजन आने लगती है, इसे पीरियोडोंटाइटिस कहते हैं। इसमें मसूड़ों और दांतों को सहारा देने वाली हड्डियां नष्ट होने लगती है। यह आमतौर पर प्लाक और टार्टर के कारण होता है, जो मसूड़ों में इंफेक्शन पैदा करते हैं।
मसूड़ों में सूजन
मसूड़ों की बीमारी प्लाक और टार्टर में पाए जाने वाले बैक्टीरिया के कारण होती है। प्लाक एक चिपचिपी फिल्म होती है, जो दांतों पर चिपकती है। यह ज्यादातर बैक्टीरिया, बलगम, भोजन और अन्य कणों से बनती है। कई बार दांत के आसपास सूजन और ब्लीडिंग बढ़ जाती है। यह तब होता है जब प्लाक में मौजूद बैक्टीरिया के जहर और आपके शरीर की सुरक्षा प्रणाली दांत से मसूड़ों के जुड़ाव को तोड़ना शुरू कर देती है। इससे मसूड़े दांतों से दूर हो जाते हैं और इंफेक्शन अपनी जगह बना लेती है।
दांत की समस्या के लक्षण
- सांसों की बदबू ,जो लंबे समय तक बनी रहती है
- लाल, सूजे हुए, पीड़ादायक मसूड़े
- मसूड़ों से आसानी से ब्लड आना
- मसूड़े, जो दांतों से दूर हो जाते हैं
- खाना चबाते समय दर्द होना
- ढीले या सेंसेटिव दांत
डाक्टर के सुझाव
फ्लास एक ऐसा पतला धागा या टेप है जिसके इस्तेमाल से दांतों के बीच और मसूड़ों के नीचे की सफाई की जाती है, यहां ब्रश नहीं पहुंच पाता है। यह भोजन, प्लाक और अन्य मलबे को हटाने में मदद करता है, जो कैविटी, मसूड़ों की बीमारी और सांसों की दुर्गंध का कारण बनते हैं। कैविटी का सबसे बड़ा कारण मीठा या शुगर है। ओरल केयर के लिए मीठी चीजें खासकर शुगर से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
- स्मोकिंग से बचें, कैफीन का सेवन कम करें।
- अल्कोहल या नशीले पदार्थों से दूर रहें।
- ओरल हाइजीन के लिए सही आहार लें।
- दिन में दो बार ब्रश जरूर करें।
- माउथ वाश व्यवहार करना ना भूलें।
- फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट का इस्तेमाल करें।
अगर आप रोजाना दांतों का ख्याल रखते हैं तो आपको किसी बात से डरने की जरूरत नहीं है। अगर आप छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज करते हैं, तो दांतों को उखाड़ने तक की नौबत आ जाती है। ज्यादातर दांतों को सड़न से बचाने के लिए फिलिंग और कैपिंग की जाती है, लेकिन समस्या बड़ी होने से सर्जरी की जरूरत भी पड़ती है। ऐसे में खुद समाधान करने की बजाय डाक्टर से सलाह जरूर लें।
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लेखक- सुमन अग्रवाल
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