जब जोड़ों यानी ज्वॉइंट्स में दर्द होता है, तो सबसे पहला ख्याल यही आता है कि आराम कर लेते हैं। चलना-फिरना, सीढ़ियां चढ़ना या मॉर्निंग वॉक बंद कर देते हैं ताकि दर्द न बढ़े, लेकिन सच तो यह है कि हमारी आदत उल्टी पड़ जाती है। दरअसल, हमारे ज्वॉइंट्स रुकने के लिए नहीं बल्कि हिलने-डुलने के लिए ही बने हैं। इस दौरान भी हमें एक्सरसाइज बंद नहीं करनी चाहिए।
जब हम मूवमेंट बंद कर देते हैं, तो मसल्स कमजोर हो जाती हैं, जोड़ों में अकड़न आ जाती है। साथ ही दर्द और बढ़ जाता है। ऐसे में आपको सही तरीके से एक्सरसाइज करना होगा। इससे अर्थराइटिस के इलाज में मदद मिलेगी। इसके बारे में डॉक्टर रुपाली शेवाल्कर (प्रोफेसर एंड हेड ऑफ द डिपार्टमेंट- मसलस्केलेटल फिजियोथेरेपी, केजे सोमैया कॉलेज ऑफ फिजियोथैरेपी) ने विस्तार से जानकारी दी है। आइए जानते हैं-
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अर्थराइटिस में एक्सरसाइज करना चाहिए या नहीं?
डॉक्टर ने बताया कि अर्थराइटिस में सही तरीके से की गई एक्सरसाइज करना बिल्कुल सही है, क्योंकि यह जोड़ों को मजबूत और फ्लेक्सिबल बनाए रखती है। एक्सरसाइज न करने या लगातार आराम करने से मसल्स कमजोर हो जाती हैं और जोड़ों की अकड़न, दर्द और ज्यादा बढ़ जाता है। हालांकि, दर्द को बढ़ाने वाले हैवी वर्कआउट की जगह वॉक, स्विमिंग या हल्की स्ट्रेचिंग जैसी लो-इम्पैक्ट एक्सरसाइज चुनना सही रहेगा। बस किसी फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह लेकर अपनी सिचुएशन के हिसाब से ही एक्सरसाइज का प्लान बनाएं।
अर्थराइटिस में कैसा होना चाहिए आपका वर्कआउट रूटीन?
एक सही वर्कआउट रूटीन में ये चीजें होनी चाहिए-
- मजबूती के लिए: बॉडीवेट एक्सरसाइज या रेजिस्टेंस बैंड।
- फ्लेक्सिबिलिटी के लिए: थोड़ी स्ट्रेचिंग, जिससे सुबह की अकड़न दूर हो।
- लो-इम्पैक्ट कार्डियो: वॉक, साइकिलिंग या स्विमिंग।
- वॉटर एक्सरसाइज (पानी में वर्कआउट): जोड़ों पर दबाव कम डालती है और बहुत फायदेमंद होती है।
- बैलेंस एक्सरसाइज: इससे शरीर का संतुलन बना रहेगा और गिरने का डर नहीं होगा।
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अर्थराइटिस से जुड़े 3 बड़े मिथक और उनकी सच्चाई
डॉक्टर ने यह भी बताया कि कुछ लोग अर्थराइटिस से जुड़े मिथक की वजह से एक्सरसाइज नहीं करते हैं। जैसे-
- एक्सरसाइज से ज्वॉइंट्स खराब हो जाएंगे।
- अगर दर्द हो रहा है, तो इसका मतलब है कि जोड़ों काे नुकसान हो रहा है।
- आराम ही सबसे बड़ी दवा है।
वर्कआउट शुरू करते समय ध्यान रखें ये बातें
अगर आप अर्थराइटिस के दौरान वर्कआउट कर रही हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखना होगा।
- सिर्फ 5 से 10 मिनट से एक्सरसाइज शुरू करें और धीरे-धीरे समय बढ़ाएं।
- शुरुआत और आखिरी में 2-3 मिनट वार्म-अप और कूल-डाउन जरूर करें।
- रोजाना थोड़ी-थोड़ी देर के लिए एक्सरसाइज जरूर करें।
- अगर जोड़ों में दर्द ज्यादा है, तो वर्कआउट छोड़ने के बजाय हल्की स्ट्रेचिंग करें।
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अर्थराइटिस का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप अपनी लाइफस्टाइल रोक दें, बस आपको थोड़ा ध्यान देकर एक्सरसाइज करना है। साथ ही अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
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