एक वक्त था जब घर बनने के बाद लाइट्स लगाई जाती थी लेकिन आजकल लोग घर डिजाइन करने से पहले ही लाइटिंग की योजना बना लेते हैं। इन दिनों एक सोर्स वाली लाइट (एलइडी, ट्यूबलाइट्स) से ज्यादा लेयरिंग लाइट्स ट्रेंड कर रही हैं। ये न केवल घर को वार्म बनाती हैं बल्कि आपके मूड का भी खयाल रखती है। एक्सपर्ट बता रही हैं कैसे इन लाइट्स से घर को सजाएं और बदलें अपना अनुभव...

लेयरिंग लाइट्स से निखर उठता है घर का कोना-कोना

भारतीय घरों की शोभा लाइटिंग से बढ़ती है। आजकल डिजाइनर्स लाइटिंग को एक थेरेपी की तरह घरों की सजावट में प्रयोग कर रहे हैं। इन दिनों हल्की और सुकून भरी लेयरिंग लाइट्स का ज्यादा चलन दिख रहा है। ये एक सोर्स वाली लाइट्स नहीं हैं बल्कि घर के हर कोने के लिए अलग रोशनी का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसी लाइट्स आंखों में चुभती नहीं है, समय और मूड के हिसाब से इन्हें बदला भी जा सकता है। आप घर के जिस कोने को हाइलाइट करना चाहते हैं, वहां ऐसी लेयरिंग लाइट्स लगा सकते हैं।

लेयरिंग लाइट्स घर को देती हैं रॉयल लुक

आजकल लोग घर में सिर्फ एक सफेद ट्यूबलाइट या एलइडी बल्ब लगाने की बजाय अलग-अलग ऊंचाइयों और तीव्रता की लाइट्स को मिलाकर घरों को प्रीमियम और होटल जैसा लुक देना पसंद कर रहे हैं। यह एक ऐसी तकनीक है जिसमें किसी एक स्थान पर रोशनी अटकी नहीं रहती बल्कि घर के अलग-अलग हिस्सों के हिसाब से रोशनी का उपयोग किया जाता है। जैसे अगर आपको दीवार की पेंटिंग दिखानी है तो केवल उसके आस-पास ही लेयरिंग लाइट लगाएं, बाकी जगहों पर नहीं। इससे अतिथि की नजर सीधे उस पेंटिंग की ओर आकर्षित हो जाएगी।

  • एम्बिएंट लाइट: यह पूरे कमरे को हल्की रोशनी देती है। इसके लिए डिमर वाले वार्म-वाइट सीलिंग लाइट्स का इस्तेमाल किया जा सकता है। आजकल डिमर्स और ट्यूनेबल लाइट्स का काफी चलन है। डिमर्स का मतलब आप दिन या रात के हिसाब से लाइट्स कम ज्यादा कर सकते हैं। इन दिनों लाइट्स में डिमर्स लगाने का काफी चलन है।
  • टास्क लाइट: आजकल टास्क लाइट्स भी काफी प्रयोग में आ रही है। किसी खास काम के लिए ऐसी रोशनी लगाई जाती है। जैसे पढ़ते समय केवल एक छोटा रीडिंग लैंप या टेबल लैंप जलाया जा सकता है। इससे ध्यान केंद्रित होता है और बाकी कमरा शांत दिखता है।
  • एक्सेन्ट लाइट: ऐसी लाइट्स सुकून का सबसे बड़ा स्रोत होती हैं। आप चाहें तो दीवार पर वार्म कलर की स्ट्रिप लाइट्स, सोनमुखी लैंप या फेयरी लाइट्स लगा सकते हैं। इससे मन में शांति का अनुभव होता है।

होम डेकोर एक्सपर्ट सोनिया.जे.बवेजा बताती हैं कि घर के फर्नीचर, फाल्स सीलिंग या सीढ़ियों पर ऐसी लेयरिंग लाइट्स लगाने का ट्रेंड चल रहा है। दरअसल, इन दिनों लाइट्स को पॉकेट की तरह लगाने का चलन है। पहले यूनिफार्म तरीके से लाइट्स लगाई जाती थी, लेकिन आजकल लोगों को लेयरिंग लाइट्स इतनी पसंद आ रही है कि उनका लाइट का अनुभव ही बदलने लगा है।

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लेयरिंग लाइट्स घर को सॉफ्टर टोन देती है, जिससे आंखों पर दबाव नहीं पड़ता। यही नहीं, आप अपने घर में क्या दिखाना चाहते हैं ये लाइट्स उन्हीं हिस्सों को हाइलाइट करती है। इसलिए लाइटिंग भी बहुत योजना बनाकर घर में लगानी चाहिए, इसका आपके काम और मन दोनों पर गहरा प्रभाव पड़ता है।

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लेखक- सुमन अग्रवाल

Images: magnific