स्वस्थ और चमकदार त्वचा के साथ शाइनी बाल पाने के लिए महिलाएं कई तरह के महंगे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करती हैं। क्रीम, सीरम और हेयर केयर प्रोडक्ट्स से बाहरी देखभाल तो होती है, लेकिन खूबसूरती और सेहत का असली आधार शरीर को भीतर से मिलने वाला पोषण है। विटामिन C जैसे जरूरी पोषक तत्व आहार के जरिए शरीर को मिलें, तो इसका असर त्वचा और बालों की सेहत पर भी दिखाई देता है। विटामिन C त्वचा और बालों की सेहत के लिए क्यों जरूरी है? इसके बारे में हमें अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, दिल्ली की स्वस्थवृत्त डॉक्टर गरिमा श्रीवास्तव बता रही हैं।
त्वचा और बालों के लिए विटामिन C के फायदे
महिलाएं स्वास्थ्य से जुड़ी बड़ी समस्याओं पर तो ध्यान देती हैं, लेकिन त्वचा और बालों की सेहत के लिए बाहरी प्रोडक्ट्स को ही प्राथमिकता देती हैं। जबकि त्वचा और बालों की मजबूती के लिए शरीर को भीतर से पोषण मिलना अधिक जरूरी है। विटामिन C ऐसा ही जरूरी पोषक तत्व है, जिसे शरीर स्वयं नहीं बनाता। इसलिए, इसकी पूर्ति आहार के जरिए करनी पड़ती है। यह शरीर में कोलेजन के निर्माण में मदद करता है और आयरन के अवशोषण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
त्वचा की चमक का अंदर से कनेक्शन
त्वचा पर बाहर से कितने ही प्रोडक्ट लगाए जाएं, लेकिन शरीर को पर्याप्त पोषण न मिले तो त्वचा की सेहत प्रभावित होती है।
- त्वचा की मजबूती और लचीलेपन के लिए कोलेजन जरूरी है। विटामिन C कोलेजन के निर्माण में मदद करता है, जिससे त्वचा की संरचना और कसाव बनाए रखने में मदद मिलती है।
- यह एंटीआक्सीडेंट के रूप में भी काम करता है और शरीर की कोशिकाओं को आक्सीडेटिव तनाव से बचाने में मदद करता है। इसलिए, चमकदार त्वचा के लिए बाहरी देखभाल के साथ संतुलित आहार को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
बालों की सेहत के लिए भी है जरूरी
बालों की मजबूती और सेहत के लिए भी शरीर को पर्याप्त पोषण मिलना जरूरी है।
- विटामिन C कोलेजन के निर्माण में मदद करता है, जो बालों की संरचना से जुड़े ऊतकों के लिए उपयोगी है।
- यह भोजन से आयरन के अवशोषण में मदद करता है। आयरन की कमी बालों के झड़ने की एक वजह हो सकती है, इसलिए पर्याप्त विटामिन C का सेवन संतुलित आहार का हिस्सा होना चाहिए। हालांकि, केवल विटामिन C को बाल झड़ने का इलाज मानना सही नहीं है।
इन फूड्स से मिलेगा विटामिन C
विटामिन C के लिए आहार में आंवला, नींबू, संतरा, कीवी, स्ट्राबेरी, अमरूद और अन्य फल शामिल किए जा सकते हैं।
- इनमें आंवला खास है। आयुर्वेद में इसे अमलकी कहा गया है और इसे रसायन द्रव्यों में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। इसलिए त्वचा और बालों की सेहत के लिए मौसमी और ताजे फल-सब्जियों को आहार का हिस्सा बनाना उपयोगी है।
- अंकुरित मूंग और अन्य दालों को भी संतुलित आहार में शामिल किया जा सकता है, लेकिन इन्हें विटामिन C का प्रमुख स्रोत मानने के बजाय विविध पोषक तत्वों के स्रोत के तौर पर लेना बेहतर है।
- चिया, अलसी, कद्दू और सूरजमुखी के बीज भी पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, हालांकि ये विटामिन C के प्रमुख स्रोत नहीं हैं।
आयुर्वेद भी ताजा, सुपाच्य और व्यक्ति की प्रकृति के अनुकूल आहार पर जोर देता है। इसलिए, त्वचा और बालों की सेहत के लिए किसी एक पोषक तत्व पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित और विविध आहार लेना जरूरी है।
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लेखक- सुमन अग्रवाल
Image Credit: Magnific.com
