पीरियड्स शुरू होने के साथ किसी भी लड़की के शरीर में कई बदलाव होते हैं। इन इमोशनल, हार्मोनल और फिजिकल बदलावों को लड़कियां खुद भी नहीं समझ पाती हैं। ऐसे में उन्हें संभालने और इन बदलावों के लिए उन्हें तैयार करने की जिम्मेदारी उनकी मां के कंधों पर आती है। इस समय पर मां के मन में भी कई सवाल उठते हैं जैसे बेटी को पीरियड शुरू होने के बाद क्या डाइट देनी चाहिए और क्या उसे पहले से ज्यादा आयरन, कैल्शियम या किसी खास पोषक तत्व की जरूरत है? चलिए इन सवालों के जवाब एक्सपर्ट से जानते हैं। इस बारे में हमें डॉक्टर सोनू खोखर, एमबीबीएस, हेल्थ एंड वेलनेस एक्सपर्ट (Dr. Sonu Khokhar, MBBS, Health and Wellness Expert) बता रही हैं।
पीरियड्स शुरू होने के बाद क्यों जरूरी है डाइट में बदलाव?
पीरियड्स के दौरान हर महीने लड़कियों को 3-5 दिनों तक ब्लीडिंग होती है। एक वक्त के बाद कहीं न कहीं शरीर इसके लिए तैयार हो जाता है, लेकिन शुरुआत में इसके कारण शरीर से कुछ मात्रा में आयरन की कमी हो सकती है। अगर डाइट में आयरन पर्याप्त मात्रा में नहीं है, तो शरीर में आयरन की कमी और एनीमिया का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए पीरियड्स शुरू होने के बाद बेटी के खाने में आयरन से भरपूर चीजों को शामिल करें।
किन चीजों में होता है आयरन?
- दालें, चना और राजमा
- हरी पत्तेदार सब्जियां
- नट्स और सीड्स
- अंडा, किशमिश, गुड़ और खुबानी
सिर्फ आयरन ही नहीं, कैल्शियम और प्रोटीन भी है जरूरी
अमूमन लड़कियों के पीरियड्स 10-13 साल की उम्र में शुरू होते हैं। इस उम्र में हड्डियों के विकास के लिए कैल्शियम और विटामिन-डी जरूरी होता है।
- डाइट में दूध, दही, पनीर, रागी, तिल और अन्य कैल्शियम से भरपूर चीजों को शामिल करें।
- अगर शरीर में विटामिन-डी की कमी है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार विटामिन-डी सप्लीमेंट्स भी ले सकती हैं।
- इस समय पर डाइट में प्रोटीन की मात्रा को भी थोड़ा बढ़ाएं ताकि शरीर में ताकत बनी रहे। बेटी की डाइट में दाल, पनीर, दूध-दही, अंडे, सोया, चना, राजमा और अन्य प्रोटीन-रिच शामिल करें।
पीरियड्स के दौरान क्या खिलाएं?
यह समझना भी जरूरी है कि सिर्फ पीरियड्स के दिनों में नहीं, बल्कि पूरे महीने बैलेंस डाइट लेना जरूरी है।
- पीरियड्स या पीएमएस के दौरान लड़कियों को पेट में दर्द, थकान, मूड में बदलाव, भूख कम लगना या ज्यादा भूख लगना जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। जब ऐसा पहली बार होता है, तो किसी भी लड़की के लिए उसे समझना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में इस बात का भी आपको खास ख्याल रखना चाहिए। इस दौरान बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड फूड्स, अत्यधिक नमक और बहुत मीठे खाद्य पदार्थ की जगह घर का बना संतुलित खाना बेहतर विकल्प हो सकता है।
- पानी पर्याप्त मात्रा में पीना भी जरूरी है। अगर बेटी को कमजोरी महसूस होती है, लेकिन इन दिनों में गैस और ब्लोटिंग की वजह से खाने का मन नहीं होता है, तो उसे भारी मील्स की जगह हल्के मील्स दें।
क्या पीरियड्स शुरू होते ही डाइट पूरी तरह बदल देनी चाहिए?
बेटी के पीरियड्स शुरू होने का मतलब यह नहीं है कि उसकी डाइट अचानक पूरी तरह बदल दी जाए या उसे बहुत ज्यादा खाना खिलाया जाए। इस समय बैलेंस और न्यूट्रिशन से भरपूर डाइट दी जानी चाहिए।
एक्सपर्ट की इस सलाह पर दें ध्यान
डॉक्टर सोनू का कहना है कि इस समय पर बेटी की डाइट में कुछ खास चीजों को शामिल करने से दिक्कत कम हो सकती है।
- भीगी हुई किशमिश दें।
- अजवाइन और गुड़ का पानी दें।
- भुने और चने और गुड़ खिलाएं।
- अदरक और तुलसी की चाय दें।
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