क्या आपका बच्चा खाना कम खाता है? शरीर में पोषक तत्वों की कमी से बच्चे का वजन कम तो कम होता ही है, साथ ही लंबाई भी नहीं बढ़ती है। ऐसे में पेरेंट्स की सबसे बड़ी चिंता यह होती है कि बच्चे को ऐसा क्या खिलाया जाए कि उसके बढ़ते शरीर को पूरा पोषण मिले। इसलिए, आज हम आपके लिए एक ऐसी पौष्टिक चॉकलेट लाए हैं, जिसे आप बिना चीनी और गुड़ के घर पर आसानी से बना सकती हैं। इसके बारे में हमें चंडीगढ़ की न्यूट्रिशनिस्ट राजमणि पटेल बता रही हैं।
होममेड चॉकलेट की सामग्री
- सत्तू- 1 कप
- बिना बीज वाले खजूर- 1 कप
- मिक्स ड्राई फ्रूट्स- 1/2 कप (बादाम, काजू, अखरोट)
- देसी घी- 1 बड़ा चम्मच
- खसखस- 1 छोटा चम्मच (ऑप्शनल)
चॉकलेट बनाने की विधि
- कड़ाही में धीमी आंच पर घी गरम करें।
- सत्तू डालकर तब तक भूनें, जब तक खुशबू न आने लगे।
- भीगे हुए खजूर को मिक्स करके स्मूथ पेस्ट बनाएं।
- जरूरत हो तो आप 1-2 चम्मच गुनगुना पानी डाल सकती हैं।
- धीमी आंच पर खजूर का पेस्ट डालें और तब तक अच्छी तरह मिलाएं, जब तक यह हल्का चिपचिपा आटा जैसा न बन जाए।
- फिर कटे हुए ड्राई फ्रूट्स डालें और मिला दें, फिर गैस बंद कर दें।
- इसके बाद सिलिकॉन चॉकलेट मोल्ड, आइस ट्रे या प्लेट को हल्का घी लगाकर ग्रीस करें।
- मिश्रण को दबाकर अच्छी तरह भरें और ऊपर से बराबर कर दें।
सेट होने का समय
- रूम टेम्परेचर: 30-40 मिनट
- फ्रिज में: 15-20 मिनट
सेट होने के बाद हल्के हाथ से निकालें। आपकी हेल्दी होममेड चॉकलेट तैयार है।
यह चॉकलेट बच्चों के लिए क्यों अच्छी है?
इस चॉकलेट में मौजूद चीजें जैसे सत्तू, खसखस और घी हड्डियों और ग्रोथ में मदद करते हैं और खजूर और ड्राई फ्रूट्स एनर्जी और वजन बढ़ाने में मददगार होते हैं। इसे आप बिना किसी जंक फूड और रिफाइंड शुगर के बना सकती हैं।
- सत्तू यानी भुना हुआ चने का आटा प्लांट प्रोटीन और कैल्शियम से भरपूर होता है।
- खजूर में नेचुरल मिठास होती है और यह आयरन का अच्छा स्रोत है।
- देसी घी पोषक तत्वों के अवशोषण में मदद करता है।
- खसखस हड्डियों और दिमाग के विकास में सहायक माना जाता है।
- खजूर और ड्राई फ्रूट्स शरीर को नेचुरल कैलोरी और एनर्जी देने में मदद करते हैं।
चॉकलेट कैसे और कब खाने के लिए दें?
- उम्र 3-6 साल: 1 छोटी चॉकलेट रोज
- उम्र 7-12 साल: 1-2 चॉकलेट रोज
इसे आप बच्चों को स्कूल के बाद या शाम को स्नैक के रूप में खाने के लिए दे सकती हैं। गर्म दूध के साथ देने पर चॉकलेट ज्यादा टेस्टी लगती है। यह कोई मेडिकल ट्रीटमेंट या लंबाई बढ़ाने की गारंटी नहीं है। यह सिर्फ बच्चों के संतुलित आहार का पौष्टिक हिस्सा है।
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Image Credit: magnific.com & Shutterstock
