हमारे यहां भारत में खाने-पीने की कई तरह की चीजें देखने और सुनने को म‍िलती हैं। हर राज्‍य कर अपनी एक खास‍ियत है। उन्‍हीं में से एक नॉर्थ कर्नाटक की कुलबर्गी रोटी है। इसे ज्‍वार के आटे से बनाया जाता है। यह रोटी स‍िर्फ स्‍वाद के ल‍िए नहीं बल्‍क‍ि पौष्‍ट‍िकता के ल‍िए भी पसंद की जाती है। खास बात तो ये है क‍ि इसे बनाने के ल‍िए ज्‍यादा सामग्री की जरूरत भी नहीं पड़ती है।

पीएम नरेंद्र माेदी ने भी अपने रेड‍ियो प्राेग्राम मन की बात में इस रोटी का ज‍िक्र क‍िया था। उन्‍होंने इसे पेट भरने वाली और संतुल‍ित भोजन का ह‍िस्‍सा बताया था। आइए जानते हैं, ये रोटी है क्‍या और इसके फायदे क्‍या है-

क्या है कलबुर्गी की ज्वार रोटी?

कलबुर्गी रोटी कर्नाटक के कलबुर्गी जिले की ट्रेड‍िशनल रोटी है। पहले इस जिले को गुलबर्गा के नाम से जाना जाता था। यह रोटी ज्वार के आटे से बनाई जाती है। नॉर्थ कर्नाटक में ज्वार लंबे समय से एक प्रमुख अनाज माना जाता रहा है, इसलिए यहां के खान-पान में इसकी खास जगह है। इस रोटी की सबसे बड़ी पहचान इसका बड़ा शेप और नरम बनावट है। इसे बनाने के लिए ज्वार के आटे में गर्म पानी मिलाकर आटा तैयार किया जाता है। फिर हाथों की मदद से इसे फैलाकर तवे पर सेंका जाता है।

क्यों हेल्दी है यह रोटी?

ज्वार को मोटे अनाज यानी मिलेट्स की कैटेगरी में रखा जाता है। इसमें फाइबर, प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं, जो सेहत के ल‍िहाज से अच्‍छे होते हैं। फाइबर की अच्छी मात्रा होने से यह पेट को लंबे समय तक भरा रखता है, ज‍िससे ओवरईट‍िंग से बचा जा सकता है। वजन कम करने वाले लोग इसे खाना पसंद करते हैं।

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डायबिटीज में भी है फायदेमंद

ज्वार का ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी कम होता है। इसका मतलब यह है कि इसे खाने के बाद ब्लड शुगर तेजी से नहीं बढ़ता है। इसी कारण ज्वार से बनी चीजें डायबिटीज फ्रेंडली डाइट का हिस्सा मानी जाती है। हालांकि, डाइट में कोई भी बदलाव करने से पहले एक्‍सपर्ट की सलाह ले लें, तो ज्‍यादा बेहतर हैं।

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पाचन के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है

ज्वार में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करता है। यही वजह है कि इसे खाने के बाद पेट लंबे समय तक हल्का और संतुष्ट महसूस हो सकता है। फाइबर आंतों की सेहत के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

दिल की सेहत के लिए भी होती है अच्छी

ज्वार में कई ऐसे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो बैलेंस्‍ड डाइट का ह‍िस्‍सा होते हैं। जैसा क‍ि हमने आपको ऊपर बताया क‍ि यह एक मोटा अनाज है, तो अगर आप इसे डाइट में शाम‍िल करती हैं तो ये द‍िल की सेहत के ल‍िए अच्‍छा साब‍ित हो सक‍ता है।

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ग्लूटेन-फ्री डाइट वालों की पसंद

ज्वार नेचुरली ग्लूटेन-फ्री होती है। इसी वजह से जिन लोगों को ग्लूटेन से जुड़ी परेशानि‍यां होती हैं, वो डॉक्टर की सलाह से ज्वार को अपनी डाइट का ह‍िस्‍सा बना लेते हैं।

किन चीजों के साथ खाई जाती है?

कलबुर्गी रोटी का स्वाद तब और बढ़ जाता है जब इसे वहां के व्‍यंजनों के साथ सर्व क‍िया जाता है। आमतौर पर इसे लोग भरवां बैंगन की सब्जी, मूंगफली की ग्रेवी, दाल या मसालेदार चटनी के साथ खाना पसंद करते हैं। कई जगहों पर तो इसे लहसुन, तिल और मूंगफली से बनी चटनी के साथ भी परोसा जाता है।

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तो अगर आप भी अपनी सेहत को हेल्‍दी बनाए रखना चाहती हैं तो इसे अपनी डाइट का हि‍स्‍सा बना सकती हैं। साथ ही साथ ही अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

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