मोरिंगा जिसे आम भाषा में सहजन कहते हैं। यह एकमात्र ऐसा वृक्ष है जिसके सभी भाग उपयोग में आते हैं। इसकी फलियां, पत्तियां, फूल, बीज, तना और जड़ सभी औषधि के रूप में कारगर है। इसलिए वैज्ञानिक इसे चमत्कारी वृक्ष भी कहते हैं। आज से हजारों साल पहले से प्राकृतिक चिकित्सा में इसका प्रयोग हो रहा है। इस वृक्ष के प्रति भाग में प्रोटीन, विटामिन, कैल्शियम, आयरन, पोटेशियम और मैग्नेशियम जैसे मिनरल्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। आप इसकी सब्जी, सूप या पाउडर का सेवन कर सकते हैं।
पोषण से भरपूर सहजन की सब्जी
अधिकांश लोग केवल इडली सांभर में ही इसका उपयोग जानते हैं, लेकिन बंगाल, यूपी, बिहार इन राज्यों में इसकी फलियों की सब्जी बनाई जाती है, जो खाने में बहुत ही स्वादिष्ट और पौष्टिकता से भरपूर होती है। आप चाहें तो इस सब्जी के साथ चावल या फिर रोटी कुछ भी खा सकते हैं। अगर आप इसे घर पर बनाना चाहते हैं तो पहले इसके रेशों को अच्छी तरह से निकाल लें, वरना खाते वक्त यह गले में फंस जाने से परेशानी हो सकती है। फिर इसमें हल्का मसाला और पानी डालकर इसे पका लें। हां, एक बात का ध्यान जरूर रखें, सहजन को ज्यादा उबालने से इसके पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं।
इम्यूनिटी बूस्टर है सहजन का पाउडर
सहजन की केवल सब्जी ही नहीं इसका सूप और इसके फूल के पकौड़े भी बहुत स्वादिष्ट और पौष्टिक बनते हैं। यही नहीं, सहजन की छाल, जड़ और पत्तों से बना पाउडर या चूर्ण रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है। इस पाउडर में इतनी शक्ति होती है कि आपको किसी सप्लीमेंट्स की जरूरत नहीं पड़ती है। आप चाहें तो इसे किसी भी तरह के पेय पदार्थ में मिलाकर पी सकते हैं, दूध, चाय, दाल या फिर गुनगुना पानी। इसके अलावा, इसका सूप भी बनाया जाता है। सुबह-सुबह खाली पेट इसके सेवन से डायबिटीज और वजन नियंत्रण में आता है, पाचन में सुधार होता है और हड्डियां मजबूत होती हैं।
अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, दिल्ली की संहिता एवं सिद्धांत विभाग की एक्सपर्ट डॉक्टर निकिता शर्मा बताती हैं कि इसमें प्रचुर मात्रा में फाइबर होने के कारण पेट साफ रहता है और मेटाबॉलिज्म अच्छा हो जाता है। इससे बैड कोलेस्ट्रॉल नष्ट होता है, जिससे दिल हेल्दी रहता है।
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लेखक- सुमन अग्रवाल
