प्रीडायबिटीज और डायबिटीज में खान-पान का ख्याल रखना बहुत जरूरी है। ब्लड शुगर लेवल बढ़ने का असर हमारे पूरे शरीर पर होता है। अगर शुगर लंबे समय तक बढ़ी रहे, तो इसकी वजह से किडनी, हार्ट और ब्रेन समेत शरीर के कई अंग प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में डायबिटीज पेशेंट्स के लिए हल्दी डाइट बहुत जरूरी है। अगर आप एक डायबिटीज पेशेंट हैं, तो डॉक्टर की बताई दवाइयों को सही तरह और सही समय से लेने के साथ ही डाइट में हेल्दी चीजों को शामिल करें।

डायबिटीज को कंट्रोल करने में हमारी रसोई में मौजूद कई चीजें मदद कर सकती हैं। इन देसी चीजों में मौजूद गुणों की वजह से ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल हो सकता है। चलिए इनके बारे में एक्सपर्ट से जानते हैं। यह जानकारी डाइटिशियन मनप्रीत कालरा दे रही हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से न्यूट्रिशन्स में मास्टर्स किया है। वह हार्मोन और गट हेल्थ कोच हैं और रीबूट गट हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड, दिल्ली की फाउंडर और डायरेक्‍टर हैं।

मेथी दाना

डायबिटीज में मेथी दाने का सेवन बहुत फायदेमंद होता है। इसमें घुलनशील फाइबर होता है, जो डाइजेशन को बेहतर बनाता है और भोजन से शुगर का अब्जॉर्बशन कम करता है। इससे खाने के बाद ब्लड शुगर स्पाइक नहीं होता है।

प्री-डायबिटीज वाले लोग अगर नियमित रूप से मेथी का सेवन करें, तो इससे प्री-डायबिटीज के डायबिटीज में बदलने का खतरा कम होता है। यह इंसुलिन के काम करने की क्षमता को सुधारता है, इंसुलिन रेजिस्टेंस और कोलेस्ट्रोल को कम करता है। आप 1 टेबलस्पून मेथी दाने को रातभर पानी में भिगोएं और इसे खाली पेट लें।

आंवला

आंवला एक सुपरफूड है, जो शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाता है। इससे पैनक्रियाज सही तरह से काम करता है और इंसुलिन का सीक्रेशन बेहतर होता है। आंवला विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। आप रोजाना 1 आंवला खा सकती हैं।

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दालचीनी

डायबिटीज में दालचीनी का सेवन फायदेमंद होता है। इससे इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार होता है, जिससे सेल्स ग्लूकोज का बेहतर तरीके से इस्तेमाल कर पाती हैं। दालचीनी के सेवन से ब्लड शुगर लेवल स्पाइक नहीं होता है। इससे डायबिटीज की वजह से होने वाला इंफ्लेमेशन भी कम होता है। एक छोटा टुकड़ा दालचीनी को गुनगुने पानी में खाने के बाद लें।


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करी पत्ता

करी पत्ता ग्लूकोज मेटाबॉलिज्म और इंसुलिन सेंसिटिविटी को सुधारता है। इससे डाइजेशन भी दुरुस्त होता है। यह क्रेविंग्स को कम करता है और शुगर स्पाइक नहीं होने देता है। आप रोजाना खाली पेट 8-10 करी पत्ते चबा सकती हैं।

जामुन की गुठली का पाउडर


डायबिटीज में जामुन की गुठली का पाउडर, ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने के लिए एक रामबाण आयुर्वेदिक औषधि माना जाता है। इसमें जंबोलिन और जंबोसिन होते हैं, जो शरीर में स्टार्च को शुगर में बदलने से रोकते हैं। इससे हमारी सेल्स ग्लूकोज का इस्तेमाल बेहतर तरीके से कर पाती हैं। आप जामुन की गुठली के आधा टीस्पून पाउडर को गुनगुने पानी के साथ लें।


एक्सपर्ट का कहना है कि डायबिटीज में दवाइयों के साथ सही डाइट भी बहुत जरूरी है। हरजिंदगी के वेलनेस सेक्शन में हम इसी तरह अपने आर्टिकल्स के जरिए स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के बारे में आप तक सही जानकारी पहुंचाने की कोशिश करते रहेंगे। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
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