पहले जैसे ही वीकेंड आता था तो लोग ऐसी जगह जाने का प्‍लान बनाते थे जहां वो ज्यादा से ज्यादा जगहों को एक्‍सप्‍लोर कर सकें। किसी फेमस टूरिस्ट स्पॉट पर जाना, कई जगहों पर अलग-अलग पोज में फोटो लेना और कम समय में ज्यादा से ज्यादा चीजें देख लेना ही ट्रिप का हिस्सा होता है, लेक‍िन अब ट्रैवलर्स की पसंद धीरे-धीरे बदल रही है।

लोग ऐसी जगहों की तलाश में रहते हैं जहां भीड़ कम हो, शोर कम हो और कुछ समय के लिए रोज की भागदौड़ से दूरी बनाई जा सके। यानी अब वीकेंड ट्रिप का मतलब सिर्फ घूमना और नई जगह देखना नहीं रह गया है। आइबिस एंड आइबिस स्टाइल्स इंडिया के कमर्शियल हेड अनिमेष कुमार का कहना है क‍ि अब कई ट्रैवलर्स शांत माहौल में समय बिताना पसंद करते हैं। इसी वजह से ऑफबीट जगहों पर घूमने का ट्रेंड ज्‍यादा बढ़ रहा है। यह तरीका ड‍िजि‍टल ड‍िटॉक्‍स के ल‍िए भी बढ़‍िया है। आइए इसके बारे में जानते हैं-

फेमस जगहों की भीड़ से परेशान हो रहे हैं ट्रैवलर्स

दरअसल, अनिमेष कुमार का कहना है क‍ि सोशल मीडिया ने कई ऐसी जगहों को फेमस कर दिया है, जिनके बारे में पहले बहुत कम लोग जानते थे। जैसे ही कोई जगह वायरल होती थी, वहां टूर‍िस्‍ट की संख्या बढ़ने लगती है। इससे वही जगह, जो कभी शांति के लिए पसंद की जाती थी, भीड़भाड़ वाली बन जाती है। ऐसे में लोग अब कुछ अलग जगहों पर जाना पसंद करते हैं। इस बदलाव के पीछे एक बड़ी वजह ओवरटूरिज्म भी है। वीकेंड पर लोग आराम करने निकलते हैं, लेकिन फेमस जगहों पर पहुंचने के बाद काफी समय ट्रैफिक, भीड़ और लंबी लाइनों में ही निकल जाता है। ऐसे में छोटी सी छुट्टी आराम देने के बजाय थका देती है।

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सुकून को प्राथमि‍कता दे रहे ट्रैवलर्स

आज के समय में लाेग एक ट्रिप में बहुत सारी जगहों को कवर करने के बजाय आराम से घूमना पसंद कर रहे हैं। उन्हें ऐसी जगह चाहिए जहां सुबह जल्दी उठकर कहीं भागना न पड़े। इसे ही स्‍लो टूर‍िज्‍म कहा जाता है। इसमें नेचर के बीच बैठना, आसपास के माहौल को देखना और कुछ समय बिना किसी भागदौड़ के बिताना शाम‍िल है।

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नासिक में दिख रहा है ट्रैवल का नया अंदाज

उन्‍होंने बताया क‍ि नासिक इस बदलती पसंद का एक अच्छा उदाहरण है। यह जगह अंगूर के बागों और अपने आध्यात्मिक महत्व के लिए जानी जाती है। अब यहां का शांत माहौल भी लोगों को अपनी तरफ खींच रहा है। यहां घुमावदार पहाड़ियां, नदी के किनारे शांत माहौल और गांव के इलाके शहर की भागदौड़ से अलग एक्‍सपीर‍ियंस देते हैं।

गोवा का Vagator भी है बेस्‍ट

गोवा का नाम सुनते ही लोग एडवेंचर, बीच पार्टी के बारे में ही सोचते हैं, लेकिन यहां का Vagator गोवा आने वालों को एक अलग ही एक्‍सपीर‍ियंस दे रहा है। जो लोग रोज की भागदौड़ से दूर कुछ समय आराम से बिताना चाहते हैं, उनके लिए ऐसी जगहें ही बेस्‍ट हैं।

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होटल भी बदल रहे हैं अपना तरीका

ट्रैवलर्स की पसंद बदलने का असर अब होटलों पर भी दिख रहा है। अब सिर्फ होटल की लोकेशन या रूम की फैस‍िल‍िटी ही जरूरी नहीं रह गई हैं। लोग ऐसे होटलों में स्‍टे करना पसंद कर रहे हैं जहां उन्हें शांति और आराम भी मिल सके। इसका फायदा यह है कि लोग दिन में आसपास की जगहों पर घूम सकते हैं और शाम को वापस ऐसी जगह लौट सकते हैं जहां उन्हें आराम मिल सके।    

डिजिटल डिटॉक्स जैसा क्यों लग रहा है ये ट्रेंड?

आज के समय में सोशल मीडिया का क्रेज लोगों में काफी ज्‍यादा बढ़ गया है। नई जगहों पर पहुंचते ही फोटो लेना, वीडियो बनाना और उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्‍ट करना तो आम हो गया है, लेकिन अब कुछ लोग ऐसी जगहों की तलाश कर रहे हैं जहां उन्हें लगातार कुछ करने की जरूरत महसूस न हो। मतलब वो पूरी तरह से मोबाइल से दूरी बना सकें। इसील‍िए वो कम भीड़ वाली जगहों पर जाकर नेचर और वहां के माहौल पर ज्यादा फोकस करते हैं। यही वजह है कि ऐसी ट्रिप को डिजिटल डिटॉक्स जैसा माना जाता है।

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Image Credit- Freepik/Ai