लौकी एक ऐसी सब्जी है जो हर घर में बनती है। यहां तक की डॉक्टर भी इसे सेहत के लिए काफी फायदेमंद मानते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिसे आप लौकी कहते हैं, उसे भारत के अलग-अलग हिस्सों में 3 अलग नामों से जाना जाता है? काफी लोग इसके ये देसी नाम नहीं जानते।

लौकी के 3 अलग नाम

दरअसल लौकी का नाम हर राज्य की भाषा और बोली के साथ बदल जाता है। कहीं इसे घिया कहा जाता है तो कहीं दूधी। आइए जानते हैं लौकी के 3 सबसे फेमस नाम और उनके पीछे का कारण।

घिया - उत्तर भारत का सबसे कॉमन नाम

दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और यूपी में लौकी को घिया कहते है। गोल वाली लौकी को गोल घिया और लंबी वाली को लंबी घिया कहते हैं। यहां अगर दुकानदारों से आप लौकी मांगेगी, तो लोग समझ ही नहीं पाएंगे। यहां घिया ही असली नाम है। इसके पीछे का कारण भाषा के अलावा बनावट भी है। यह बनने के बाद काफी मुलायम हो जाती है घी और मक्खन जैसी।

दूधी - महाराष्ट्र और गुजरात में है ये नाम

महाराष्ट्र और गुजरात में लौकी को दूधी या दूधी भोपला कहा जाता है। इसकी वजह इसका रंग और गुण है। लौकी का कलर हल्का सफेद और दूध जैसा दिखता है और इसका जूस भी दूध की तरह फायदेमंद होता है। इसलिए इसे दूधी कहा जाता है। मुंबई में लोग दूधी की भाजी बहुत खाते हैं।

कद्दू - बिहार, बंगाल और साउथ में

बिहार और बंगाल में लौकी को कद्दू कहा जाता है। इसका कारण भी क्षेत्रीय भाषा है। अन्य राज्यों में जिसे कद्दू कहा जाता है, वो बिहार 'कोहड़ा' या 'कदीमा' के नाम से जाना जाता है।

लौकी के फायदे

नाम चाहे घिया हो, दूधी हो या लौकी, इसके फायदे सेम ही होते हैं। आइए जानते हैं।

  • लौकी में 96% पानी होता है। यह वजन कम करने में मदद करती है।
  • इसे खाने से शुगर भी कंट्रोल में रहता है।
  • यह पेट को ठंडा रखने में सबसे अच्छी मानी जाती है।

तो अगली बार अगर आप किसी दूसरे राज्य में जाएं और सब्जी वाले को लौकी न मिले तो घिया या दूधी बोलकर मांगें, सब्जी वाला तुरंत समझ जाएगा।

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