मंदिर में दर्शन के लिए आजकल लोग ऑनलाइन टिकट बुक करने लगे हैं, इसमें टाइम भी बचता है और लंबी लाइन में भी नहीं लगना पड़ता। कई बड़े मंदिरों में भीड़ से बचने के लिए पहले से स्लॉट या दर्शन टिकट बुक हो जाते हैं, इसलिए भी लोग समय से बुकिंग करवा लेते हैं। हालांकि, ऐसा हो सकता है कि कोई यात्री टिकट बुक करने के बाद किसी वजह से दर्शन के लिए नहीं जा पा रहा हो। ऐसे में वह जानना चाहता है कि क्या उसकी टिकट पर परिवार का सदस्या या कोई दोस्त दर्शन के लिए जा सकता है? अगर आपके भी मन में यह सवाल है, तो यह आर्टिकल आपके काम आएगा। आज के इस आर्टिकल में हम आपको इसके बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।

ऑनलाइन दर्शन टिकट ट्रांसफर हो सकती है या नहीं?

हर मंदिर में आपको टिकट ट्रांसफर की सुविधा नहीं मिलती। इसके लिए कोई सरकारी नियम नहीं है, लेकिन कुछ मंदिरों में सेफ्टी को देखते हुए टिकट ट्रांसफर की सुविधा नहीं दी जाती।

किन मंदिरों में टिकट दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर नहीं हो सकती?

  • शिरडी साईं बाबा मंदिर के लिए टिकट बुक करवाई है, तो इसमें आपसे ऑनलाइन सुविधा के लिए नाम और पहचान संबंधी जानकारी ली जाती है। ऐसे में ट्रस्ट ने नियम बनाया है कि जिस व्यक्ति के नाम पर टिकट बुक हुई है, अगर वह नहीं आ पा राह है, तो बुकिंग दूसरे व्यक्ति को नहीं दी जाती। ऐसा इसलिए, क्योंकि एंट्री के समय आपको टिकट दिखानी पड़ती है।
  • इसी तरह तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) मंदिर में भी भक्तों को यह सुविधा नहीं मिलती। इसलिए अपनी टिकट को मर्जी से दूसरे व्यक्ति को दे देना मान्य नहीं होगा।
  • वैष्णो देवी मंदिर में भी यह नियम लागू होते हैं। यात्रा के लिए हर यात्री का अलग रजिस्ट्रेशन करवाया जाता है और RFID Yatra Access Card जारी होता है। ऐसे में एक व्यक्ति के नाम का यात्रा एक्सेस दूसरा व्यक्ति नहीं कर सकता।

टिकट ट्रांसफर क्यों नहीं कर सकते?

इसकी सबसे बड़ी वजह सुरक्षा और पहचान है। इन मंदिरों में हर साल लाखों लोग दर्शन के लिए आते हैं। टिकट में हर यात्री का नाम, उम्र, मोबाइल नंबर और पहचान पत्र जैसी जानकारी डाली जाती है। अगर आपकी टिकट को यूज करके अगर किसी यात्री ने मंदिर में क्राइम कर दिया, तो आप फंस सकते हैं। इसलिए बुकिंग में दर्ज व्यक्ति और सामने मौजूद व्यक्ति का एंट्री से पहले ID चेक होता है।

इसका एक और कारण यह है कि ऐसा करने से फर्जी टिकट और टिकट की कालाबाजारी पर रोक लगती है। अगर कोई भी व्यक्ति अपनी टिकट दूसरे को दे सकेगा, तो वह सामने वाले व्यक्ति को महंगी टिकट बेच सकता है।

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निष्कर्ष- इससे आप समझ गए होंगे कि लगभग उन सभी मंदिरों में आप आप टिकट ट्रांसफर नहीं कर सकते, जिसमें आपको बुकिंग के दौरान अपना नाम, पता और उम्र जैसी जानकारी देनी होती है।

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Image Credit- magnific