क्या आप भी साल के आखिरी महीनों में भीड़ से तंग आ चुके हैं, जहां चैन से दो पल सुकून के बिताना भी मुश्किल हो रहा है? अगर आप चाहते हैं कि दिसंबर की कड़ाके की ठंड और लोगों के शोर शराबे से पहले पहाड़ों की वादियों में बर्फ के बीच वक्त बिताएं, तो यह समय बिल्कुल सही है। अक्टूबर और नवंबर के इन महीनों में देश के कई खूबसूरत पहाड़ी इलाकों में सीजन की पहली बर्फबारी की शुरुआत होती है, जिसमें शामिल हैं सोनमर्ग, रोहतांग पास और सिस्सू। इस जगहों पर एक तरफ हल्की धूप दिखाई देती है, तो दूसरी तरफ चोटियां सफेद बर्फ की चादर ओढ़ने लगती हैं। आइए जानते हैं भारत की उन 6 जादुई जगहों के बारे में, जहां आप इस मौसम में भीड़-भाड़ से दूर पहली बर्फबारी का मजा ले सकते हैं।

अक्टूबर नवंबर में इन 6 जगहों पर जरूर करें ट्रिप प्लान

बहुत से लोग सोचते हैं कि बर्फबारी देखने के लिए दिसंबर या जनवरी का इंतजार करना पड़ेगा, लेकिन हकीकत यह है कि अक्टूबर और नवंबर के महीनों में ही हमारे देश के कई ऊंचे इलाके सफेद रंग में रंगने लगते हैं। इस मौसम में घूमना न सिर्फ बजट फ्रेंडली होता है, आपको नेचर का सबसे शांत और खूबसूरत रूप देखने को मिलता है। आइए नजर डालते हैं देश की ऐसी ही 6 शानदार जगहों पर, जहां मौसम की पहली बर्फबारी आपका स्वागत करने के लिए तैयार है।

1. सोनमर्ग (जम्मू-कश्मीर)

सोनमर्ग को सोने की घाटी भी कहा जाता है। कश्मीर का सोनमर्ग सर्दियां खत्म होते-होते पूरी तरह बदलने लगता है। अक्टूबर के आखिरी हफ्तों से ही यहां के पहाड़ों पर बर्फ जमनी शुरू हो जाती है। जोजिला पास और थाजीवास ग्लेशियर के आसपास का इलाका सफेद चादर से ढका नजर आता है। इस मौसम में यहां का शांत माहौल और ठंडी हवाएं पर्यटकों का दिल जीत लेती हैं।

कैसे पहुंचें: यहां का सबसे नजदीकी एयरपोर्ट श्रीनगर है। श्रीनगर से टैक्सी या बस के जरिए सोनमर्ग आसानी से पहुंचा जा सकता है।

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2. रोहतांग पास और सिस्सू (हिमाचल प्रदेश)

मनाली से आगे अटल टनल पार करते ही लाहौल घाटी का सिस्सू गांव और रोहतांग पास वो जगहें हैं, जहां अक्टूबर-नवंबर में बर्फबारी के सबसे ज्यादा आसार होते हैं। अगर आप स्कीइंग, स्नो-ट्यूबिंग जैसी एक्टिविटीज या सिर्फ गिरी बर्फ पर चलने का मजा लेना चाहते हैं, तो यह इलाका आपके लिए बेस्ट डेस्टिनेशन है।

कैसे पहुंचें: नजदीकी एयरपोर्ट कुल्लू-मनाली का भंतर एयरपोर्ट है। मनाली से कैब या बस के जरिए अटल टनल होते हुए सिस्सू और रोहतांग पास पहुंच सकते हैं।

3. औली (उत्तराखंड)

औली को भारत का मिनी स्विट्जरलैंड भी कहते हैं। उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित औली अपने शानदार स्की-स्लोप्स के लिए जाना जाता है। नवंबर की शुरुआत के साथ ही यहां तापमान तेजी से गिरता है और नंदा देवी, कामेट जैसी ऊंची पहाड़ियों पर बर्फ जमने लगती है। एशिया के सबसे लंबे केबल कार यानी रोपवे में बैठकर बर्फ से ढकी पहाड़ियों को देखने का अनुभव बेहद खास होता है।

कैसे पहुंचें: नजदीकी एयरपोर्ट देहरादून का जॉली ग्रांट एयरपोर्ट है। यहां से जोशीमठ के लिए टैक्सी मिलती है और जोशीमठ से औली के लिए रोपवे या कैब ले सकते हैं।

4. लाचेन और लाचुंग (नॉर्थ सिक्किम)

लाचेन और लाचुंग को उत्तर-पूर्व भारत का बर्फीला स्वर्ग कहा जाता है। पूर्वोत्तर भारत में जल्दी बर्फबारी देखनी हो, तो उत्तरी सिक्किम का रुख जरूर करें। अक्टूबर के अंत तक युमथांग वैली और गुरुडोंगमार लेक के रास्ते पर बर्फबारी की शुरुआत हो जाती है। लाचुंग घाटी का शांत माहौल और चारों तरफ पसरी सफेद धुंध किसी जादुई दुनिया जैसा एहसास कराती है।

कैसे पहुंचें: गंगटोक से नॉर्थ सिक्किम के लिए परमिट के साथ रजिस्टर्ड ट्रैवल एजेंसियों के जरिए कैब बुक करके जाना पड़ता है। गंगटोक के लिए सबसे पास बागडोगरा एयरपोर्ट है।

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5. गुलमर्ग (जम्मू-कश्मीर)

वैसे तो गुलमर्ग सर्दियों के पीक सीजन के लिए मशहूर है, लेकिन नवंबर में यहां सीजन की पहली हल्की बर्फबारी देखने को मिल जाती है। अफारवत पीक पर गोंडोला राइड के जरिए पहुंचना और ऊपर से बर्फबारी का नजारा देखना आपकी ट्रिप को यादगार बना देगा।

कैसे पहुंचें: नजदीकी एयरपोर्ट श्रीनगर है, जो यहां से करीब 50 किमी. दूर है। श्रीनगर से गुलमर्ग के लिए आसानी से कैब या बस मिल जाती है।

6. तवांग (अरुणाचल प्रदेश)

समुद्र तल से करीब 10,000 फीट की ऊंचाई पर बसा अरुणाचल प्रदेश का तवांग नवंबर आते-आते बर्फ की चादर में लिपटने लगता है। यहां स्थित प्रसिद्ध तवांग मठ, सेला पास और बर्फ जमी झीलें इस मौसम में बेहद खूबसूरत दिखती हैं। कम भीड़-भाड़ में बर्फ देखने वालों के लिए यह एक बेहतरीन ऑफबीट जगह है।

कैसे पहुंचें: नजदीकी एयरपोर्ट तेजपुर या गुवाहाटी है। गुवाहाटी या तेजपुर से टैक्सी या बस के जरिए तवांग पहुंच सकते हैं।

अर्ली स्नोफॉल ट्रिप के लिए जरूरी टिप्स

पहाड़ी इलाकों में जा रहे हैं तो इन जरूरी टिप्स का जरूर ख्याल रखें।

  1. पहाड़ी इलाकों में मौसम बहुत तेजी से बदलता है, इसलिए निकलने से पहले मौसम का पूर्वानुमान जरूर चेक करें।
  2. अक्टूबर-नवंबर की ठंड सूखी होती है, इसलिए थर्मल इनर, विंडप्रूफ जैकेट और वाटरप्रूफ जूते साथ रखें।
  3. जोजिला या सेला पास जैसे ऊंचे इलाकों में बर्फबारी के कारण रास्ते बंद हो सकते हैं, इसलिए स्थानीय प्रशासन की गाइडलाइंस का पालन करें।

सर्दियों के चरम पर पहुंचने से पहले पहाड़ों की सैर करना उन लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जो सुकून और कुदरत के असली नजारों की तलाश में रहते हैं। अक्टूबर और नवंबर के महीने में ये जगहें भीड़-भाड़ से दूर होती हैं, जिससे आप अपनी फैमिली या पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम बिता सकते हैं। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।