30 से 40 की उम्र में करियर बदलना सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन यह नामुमकिन नहीं है। इस उम्र तक आते-आते हम पर जिम्मेदारियां, फाइनेंशियल सिक्योरिटी और एक सेटल लाइफ का दबाव होता है। ऐसे में बिना सोचे-समझे नौकरी छोड़ देना सही फैसला नहीं होगा।अगर आप भी अपनी मौजूदा नौकरी से बोर हो चुकी हैं, ग्रोथ महसूस नहीं कर रही या किसी नए फील्ड में अपनी पहचान बनाना चाहती हैं, तो यह कदम उठाने से पहले सही प्लानिंग बहुत जरूरी है। खासतौर से फाइनेंस से जुड़ी बातों का ध्यान देना जरूरी होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि अगर अकाउंट में पैसे हैं, तो सारे काम आसानी से हो जाते हैं। मुंबई की EY कंपनी में काम करने वाले सीए हर्ष तिवारी से जानें करियर रीबूट करने के लिए फाइनेंशियल टिप्स के बारे में जानें और करियर एक्सपर्ट से जानें किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
करियर रीबूट के लिए पैसों की प्लानिंग जरूरी
करियर बदलने से पहले आपका फाइनेंशियल रूप से मजबूत होना सबसे पहली शर्त है, ताकि रीबूट के दौरान आप स्ट्रेस फ्री रहेंगी। नीचे जानें किन बातों पर ध्यान देने की होती है जरूरत?
इमरजेंसी फंड (6 से 12 महीने का खर्च)
इमरजेंसी फंड वित्तीय सुरक्षा की सबसे मजबूत नींव है। 30-40 की उम्र में करियर रीबूट या नौकरी छोड़ने का फैसला लेते समय यह फंड सेफ्टी और सिक्योरिटी की तरह काम करता है। इसके लिए हर महीने के अनिवार्य खर्चों जैसे घर का राशन, बच्चों की फीस, बिजली-पानी के बिल, मेडिकल खर्च और होम या कार लोन की EMI को कम से कम 6 से 12 महीनों से गुणा करें। इसके बाद जो पैसे बचें उसे जमा करें।
हेल्थ इंश्योरेंस का ध्यान रखें
नौकरी छोड़ते ही कंपनी द्वारा मिलने वाला ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस तुरंत खत्म हो जाता है। ऐसे में बिना मेडिकल कवर के रहना जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि अचानक आई बीमारी सेविंग्स को खत्म कर सकती है। करियर रीबूट या जॉब स्विच करने से पहले अपने और पूरे परिवार के लिए एक अलग इंडिविजुअल या फैमिली फ्लोटर हेल्थ इंश्योरेंस जरूर ले लें। पॉलिसी लेते समय नो-क्लेम बोनस, कैशलेस हॉस्पिटलाइजेशन और वेटिंग पीरियड का ध्यान रखें।
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लोन और ईएमआई को कम करें
अगर आप पर कोई लोन या फिर किसी चीज की इएमआई चल रही है, तो उसे नौकरी छोड़ने से पहले खत्म कर लें। अगर बीच जॉब छोड़ रही हैं, तो इसके लिए अलग से फंड की व्यवस्था करें। अगर ऐसा नहीं करती हैं, तो यह परेशानी का कारण बन सकता है।
सस्टेनेबिलिटी टेस्ट लें
अगर आप नौकरी छोड़कर नया बिजनेस या फ्रीलांसिंग शुरू कर रहे हैं, तो यह मानकर चलें कि शुरुआती 6 से 8 महीनों तक कोई कमाई नहीं होगी। ऐसे में खुद से सवाल पूछें कि क्या आपकी बचत से इस दौरान घर का खर्च, मेडिकल जरूरतें और लोन की किश्तें आसानी से पूरी हो सकती हैं? अगर जवाब हां है, तभी यह कदम उठाएं।
करियर रीबूट के लिए अन्य स्टेप्स
करियर रीबूट की प्लानिंग 30-40 की उम्र में एक सोच-समझकर उठाया जाने वाला कदम होना चाहिए, न कि जल्दबाजी में लिया गया फैसला। सबसे पहले यह जानें कि आपकी पकड़ किस फील्ड में है और नए करियर में उसकी क्या फायदा होगा
स्किल गैप भरें
जिस नई फील्ड या रोल में आप कदम रखना चाहती हैं, उसकी क्या डिमांड है। इसके बारे में समझें। अपनी पुरानी स्किल्स की तुलना नई जॉब मार्केट से करें और देखें कि आपमें कहां कमी है। नौकरी छोड़ने से पहले ही ऑनलाइन कोर्सेज, सर्टिफिकेशन्स या वर्कशॉप्स के जरिए नई तकनीक और टूल्स सीखें। सही समय पर खुद को अपग्रेड करना आपको नई भूमिका के लिए तैयार और आत्मविश्वास से भरपूर बनाता है।
साइड वर्क से शुरुआत करें
नए काम के लिए पूरा-पूरा समय देना थोड़ा रिस्की हो सकता है। इससे बचने के लिए नई फील्ड में पार्ट-टाइम या फ्रीलांसिंग के जरिए काम करके देखें। इससे आपको मार्केट की समझ और शुरुआती क्लाइंट्स मिल जाएंगे।
नेटवर्किंग और ट्रांसफेरेबल स्किल्स पर फोकस करें
30 की उम्र के बाद नौकरियां सिर्फ केवल अप्लाई करने से नहीं, रेफरल और कनेक्शंस से मिलती हैं। LinkedIn का सही इस्तेमाल करें, अपनी इंडस्ट्री के लोगों से मिलें और मेंटॉर की मदद लें। चाहे आप डोमेन पूरी तरह बदल रहे हों, आपकी पुरानी स्किल्स—जैसे टीम मैनेजमेंट, प्रॉब्लम सॉल्विंग, कम्यूनिकेशन और प्रोजेक्ट हैंडलिंग हर जगह काम आती हैं।
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30-40 की उम्र में करियर रीबूट करना मुश्किल होता है। साथ ही दिमाग में अलग-अलग ख्याल आते हैं कि क्या होगा, कैसे होगा? मगर आप अगर कुछ बातों का ध्यान रखती हैं, तो यह आसानी से हो जाएगा। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
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