क्या आपके चेहरे पर समय से पहले झुर्रियां और बारीक रेखाएं दिखाई देने लगी हैं? यह कोलेजन और इलास्टिन की कमी का संकेत हो सकता है। ऐसे में पेप्टाइड्स इस कमी को पूरा करने में मदद करते हैं, जिससे त्वचा ज्यादा कसी हुई और जवां नजर आती है। आइए, ब्यूटी एक्सपर्ट से जानते हैं कि पेप्टाइड्स क्या हैं और त्वचा के लिए ये कितने जरूरी हैं..
पेप्टाइड्स छोटे-छोटे अमीनो एसिड्स की श्रृंखला होते हैं, जो त्वचा में मौजूद जरूरी प्रोटीन, जैसे कोलेजन और इलास्टिन, के निर्माण में मदद करते हैं। यही प्रोटीन त्वचा को कसा हुआ, मुलायम और जवां बनाए रखते हैं। उम्र बढ़ने के साथ इनकी मात्रा कम होने लगती है, जिससे त्वचा पर झुर्रियां, ढीलापन और फाइन लाइंस दिखाई देने लगती हैं। ऐसे में त्वचा को रिपेयर की जरूरत पड़ती है। पेप्टाइड्स युक्त एंटी-एजिंग सीरम, क्रीम और मॉइश्चराइजर त्वचा को रिपेयर करने और हेल्दी बनाए रखने में मदद करते हैं।
पेप्टाइड्स के फायदे
झुर्रियां और फाइन लाइंस कम करना- कोलेजन शरीर की कोशिकाओं के लिए एक महत्वपूर्ण रेशेदार प्रोटीन है। पेप्टाइड्स कोलेजन के निर्माण को बढ़ावा देकर त्वचा को मुलायम और लचीला बनाने में मदद करते हैं। इससे झुर्रियां और फाइन लाइंस कम दिखाई देती हैं।
त्वचा संबंधी समस्याओं में राहत- पेप्टाइड्स मुंहासे और एक्जिमा जैसी समस्याओं को कम करने में सहायक हो सकते हैं। पेप्टाइड्स युक्त स्किनकेयर प्रोडक्ट त्वचा पर सुरक्षा कवच की तरह काम करते हैं और बैक्टीरिया से बचाने में मदद करते हैं।
एंटी-आक्सीडेंट गुणों से भरपूर- पेप्टाइड्स में एंटीआक्सीडेंट गुण होते हैं, जो फ्री रेडिकल्स, जैसे यूवी किरणों, धूल, प्रदूषण और अन्य पर्यावरणीय नुकसान से त्वचा की रक्षा करते हैं।
एक समान स्किन टोन- कोलेजन का प्रोडक्शन बढ़ने से त्वचा ज्यादा हेल्दी, साफ और भरी-भरी नजर आती है। इससे त्वचा की बनावट और रंगत भी एक समान दिखने लगती है। इसलिए, स्किनकेयर रूटीन में पेप्टाइड्स को शामिल करने की सलाह दी जाती है।
यह भी पढ़ें- उम्र से 10 साल छोटा दिखने के लिए करें ये 3 काम, असर ऐसा होगा कि सभी पूछेंगे जवानी का राज
घरेलू उपाय
प्रोटीन युक्त फूड्स, जैसे दूध, दही, उबले चने, सोयाबीन, दालें और बींस, शरीर को अमीनो एसिड्स उपलब्ध कराते हैं, जिनसे पेप्टाइड्स बनने में मदद मिलती है। आप चाहें तो उबले हुए चने को पीसकर इसमें शहद मिलाकर फेस पैक के रूप में लगा सकती हैं। हालांकि, इससे सीधे पेप्टाइड्स नहीं मिलते। दरअसल, पेप्टाइड्स का कोई प्रत्यक्ष घरेलू स्रोत उपलब्ध नहीं है।
तनाव हार्मोन कोर्टिसोल के कंट्रोल में रहने पर भी त्वचा में पेप्टाइड्स के निर्माण की प्रक्रिया बेहतर बनी रहती है। इसलिए, पर्याप्त नींद, संतुलित खानपान और नियमित दिनचर्या अपनाने से त्वचा को इसका लाभ मिल सकता है।
यह भी पढ़ें- महंगी क्रीम नहीं, घर पर बने इस कोलेजन जेल से शीशे जैसा चमक सकता है चेहरा
ब्यूटी एक्सपर्ट कनिका टंडन के मुताबिक, पेप्टाइड्स त्वचा तक संदेश पहुंचाने का काम करते हैं। जब त्वचा में कोलेजन की मात्रा कम होने लगती है, तब पेप्टाइड्स त्वचा को संकेत देते हैं कि अब रिपेयर की प्रक्रिया शुरू करने का समय है। पेप्टाइड्स कई प्रकार के होते हैं, लेकिन हाइलूरोनिक एसिड और कोलेजन युक्त प्रोडक्ट्स त्वचा के लिए बेहतर विकल्प माने जाते हैं। बाजार में पेप्टाइड्स युक्त कई तरह के सीरम उपलब्ध हैं। इन्हें सुबह और शाम, दिन में दो बार लगाया जा सकता है।
अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
लेखक- सुमन अग्रवाल
Image Credit: magnific.com
