क्या आपके भी पीरियड्स से पहले चिन और जॉलाइन पर बार-बार पिंपल्स निकल आते हैं? यह समस्या अक्सर हार्मोनल बदलाव के कारण होती है और कई महिलाओं को हर महीने इसका सामना करना पड़ता है। अगर आप भी इन जिद्दी पिंपल्स से परेशान हैं, तो अब चिंता करने की जरूरत नहीं है। आज हम आपको DIY आयुर्वेदिक लेप के बारे में बता रहे हैं, जो पिंपल्स की समस्या को कम करता है। इस बारे में हमें मुंबई की सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट और Eatfit 24/7 की फाउंडर श्वेता शाह जानकारी दे रही हैं, लेकिन इससे पहले जान लेते हैं कि आखिर चिन और जॉलाइन पर पिंपल्स क्यों होते हैं?

चिन और जॉलाइन पर पिंपल्स के कारण

चिन और जॉलाइन पर बार-बार पिंपल्स निकलना हार्मोनल बदलाव के कारण होता है। हालांकि, इसके पीछे सिर्फ एक ही कारण नहीं होता, बल्कि कई वजहें हो सकती हैं।

  • हार्मोनल बदलाव: महिलाओं में पीरियड्स, पीसीओएस, प्रेग्नेंसी या मेनोपॉज के दौरान हार्मोन में उतार-चढ़ाव होता है। इससे त्वचा में सीबम ज्‍यादा बनता है, जिससे पोर्स बंद होते हैं और पिंपल्स होने लगते हैं।
  • तनाव: ज्‍यादा तनाव लेने से शरीर में कुछ हार्मोन बढ़ते हैं, जिससे ऑयल प्रोडक्‍शन बढ़ता है और चिन और जॉ लाइन पर मुंहासे निकलते हैं।
  • मास्क, मोबाइल और तकिए का कवर: तकिए के कवर, मोबाइल स्क्रीन या लंबे समय तक मास्क लगाने से त्वचा पर बैक्टीरिया बढ़ता है, जिससे पिंपल्स होने लगते हैं।
  • चेहरे को छूना: अगर आप चेहरे को बार-बार छूती हैं, तो हाथों पर मौजूद गंदगी, बैक्टीरिया और तेल चिन और जॉलाइन के आसपास जमा होकर पिंपल्स बढ़ाते हैं।

अगर पिंपल्स खासतौर पर हर महीने पीरियड्स से पहले चिन और जॉलाइन पर निकलते हैं, तो यह हार्मोनल एक्ने का संकेत हो सकता है।

पिंपल्स DIY आयुर्वेदिक लेप की सामग्री

  • लोधरा पाउडर- 1 छोटा चम्मच
  • चंदन पाउडर- 1 छोटा चम्मच
  • शहद- कुछ बूंदें
  • गुलाब जल- आवश्‍कतानुसार

पिंपल्स DIY आयुर्वेदिक लेप की विधि

  • सभी चीज को मिलाकर स्‍मूथ पेस्ट बनाएं।
  • इसे त्वचा को साफ करके 10-12 मिनट के लिए लगाएं।
  • आप इस लेप को शाम या रात के समय लगा सकती हैं।
  • पानी से धोएं और थपथपाकर सुखाएं।

DIY आयुर्वेदिक लेप में मौजूद चीजों के फायदे

  • लोधरा पाउडर- लोधरा पाउडर गुणकारी आयुर्वेदिक औषधि है, जिसका इस्‍तेमाल त्वचा की देखभाल के लिए किया जाता है। चेहरे पर लोधरा पाउडर लगाने से मुंहासे, झाइयां और दाग-धब्बे दूर होते हैं। इसके एस्ट्रिजेंट गुणों के कारण, यह त्वचा के पोर्स को छोटा करता है और त्वचा को ढीला होने से बचाता है। साथ ही एंटी इंफ्लेमेटरी, एंटी बैक्टीरियल और डिटॉक्सिफाइंग गुण त्वचा को गहराई से साफ करते हैं और नेचुरल निखार लाते हैं।
  • चंदन- चंदन पाउडर त्वचा के लिए प्राकृतिक वरदान है। इसमें एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो मुंहासे पैदा करने वाले बैक्टीरिया से लड़ते हैं। यह सनबर्न, सनटैन और काले दाग-धब्बों को कम कर सकता है। साथ ही यह त्वचा को ठंडक देता है और त्वचा में निखार लाता है।
  • शहद-शहद त्‍वचा के लिए काफी फायदेमंद होता है। यह त्‍वचा को नमी देता है और ड्राईनेस को दूर करता है। इसमें मौजूद एंटी बैक्‍टीरियल और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण पिंपल्‍स को कम करते हैं। साथ ही शहद एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है जो स्किन सेल्‍स को नुकसान से बचाते हैं और चेहरे पर निखार लाते हैं।

  • गुलाब जल- गुलाब जल त्‍वचा के लिए नेचुरल टोनर है। यह त्वचा के पीएच लेवल को बैलेंस रखता है और एक्‍स्‍ट्रा ऑयल को कम करता है और चेहरे को नमी देता है। इसमें एंटी बैक्टीरियल और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो पिंपल्स और सूजन को कम करते हैं। यह एस्ट्रिंजेंट का काम करता है, जो ओपन पोर्स को छोटा करता है।

पिंपल्‍स से बचने के लिए क्या करें?

  • दिन में दो बार फेस वॉश से चेहरा साफ करें।
  • अच्‍छी क्‍वालिटी के स्किनकेयर और मेकअप प्रोडक्ट्स चुनें।
  • तकिए का कवर और मोबाइल स्क्रीन को रेगुलर साफ करें।

अगर पिंपल्स बार-बार होते हैं और इनमें दर्द होता है, तो स्किन स्‍पेशलिस्‍ट से सलाह लें।

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