Fri Sep 11, 2026 | Updated 07:30 PM IST

जब महिला बॉस बनती है तो कुछ पुरुषों को क्यों होती है परेशानी? समझें इसके पीछे की साइकोलॉजी

आज के वक्त में महिलाएं प्रोफेशनल लेवल पर काफी तरक्की कर रही हैं और कई कंपनियों में बड़े पदों पर काम कर रही हैं, लेकिन आज भी ऑफिस में बॉस की कुर्सी पर किसी महिला को देखकर कुछ पुरुष कर्मचारियों को असहज महसूस होता है। चलिए इसके पीछे का कारण समझते हैं।
Updated:- 2026-08-24, 18:19 IST
why men feel uncomfortable with women bosses workplace psychology

ऑफिस में बॉस की कुर्सी पर किसी महिला को देखते ही कुछ पुरुषों की त्योरियां चढ़ जाती हैं, तो कुछ पुरुषों को असहज महसूस होता है। हम यह बिल्कुल नहीं कह रहे हैं कि ऐसा सभी पुरुषों के साथ होता है, पर कुछ पुरुषों को महिला बॉस के नीचे काम करने में परेशानी महसूस होती है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। कई मामलों में ईगो तो कभी दिमाग में बचपन से बैठी जेंडर स्टीरियोटाइप सोच भी जिम्मेदार हो सकती है। चलिए एक्सपर्ट की मदद से समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर क्यों कुछ पुरुषों को महिला बॉस के साथ काम करने में परेशानी होती है। इस बारे में हमने  Dr Samant Darshi, Consultant- Psychiatrist, Yatharth Hospitals, Noida से बात की।

महिला बॉस के साथ काम करने में क्यों कुछ पुरुषों को होती है परेशानी?

डॉक्टर दर्शी का कहना है कि इसके पीछे कई मनोवैज्ञानिक और सामाजिक कारण हो सकते हैं। जहां कई पुरुषों के लिए यह नॉर्मल बात है, वहीं कुछ पुरुषों के लिए यह परेशानी का सबब बन सकता है। चलिए इसके पीछे की वजहों को समझते हैं।

1. जेंडर स्टीरियोटाइप सोच है वजह

इसके पीछे जेंडर-रोल कंडीशनिंग एक अहम कारण हो सकता है। आज भी हमारे समाज में कई घरों में बचपन को लड़कों को सिखाया जाता है कि लीडरशिप, अधिकार और फैसले लेना पुरुषों का काम है। ऐसे में जब कोई महिला बॉस बनती है, तो यह इन धारणाओं पर सीधी चोट होती है और कुछ पुरुष इसे पचा नहीं पाते हैं।

2. ईगो को पहुंचती है ठेस

पुरुषों की इस असहजता का एक और कारण उनके सामाजिक दर्जे को खतरा महसूस होना है। कुछ मामलों में, पुरुष किसी महिला के अधिकार को अपने लिए चुनौती मानते हैं। इससे उनकी ईगो को ठेस पहुंचती है और उन्हें महिला बॉस को स्वीकार करने में मुश्किल आती है।

3. प्रतिष्ठा के खिलाफ

कई पुरुषों को यह उनकी प्रतिष्ठा के खिलाफ लगता है कि वे किसी फीमेल बॉस के नीचे काम कर रहे हैं। उन्हें लगता है कि इससे ऑफिस या समाज में उनकी इमेज धूमिल हो सकती है और लोग उन्हें कम आंक सकते हैं। पर्सनल लेवल पर भी उन्हें किसी महिला के ऑर्डर को मानने में मुश्किल होती है।

Women bosses workplace psychology

महिलाओं को करना पड़ता है मुश्किलों का सामना

जब कोई महिला बॉस बनती है, तो उन्हें डबल बाइंड यानी दोहरी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

  • अगर वे सख्ती से पेश आती हैं, तो उन्हें आक्रामक समझा जा सकता है, जबकि बहुत ज्यादा नरमी बरतने पर उन्हें कमजोर माना जा सकता है।
  • उनके हर फैसले पर टिप्पणी करने की कोशिश की जाती है। कई मामलों में लोगों के मन में यह धारण होती है कि महिलाएं इमोशनल होती हैं, इसलिए वे सख्त फैसले नहीं ले पाती हैं।
  • वहीं जब महिला बॉस पेशेवर और सख्त फैसले लेती है, तो वे उसे गलत या बॉसी कहा जाता है, जबकि पुरुष बॉस के ऐसा करने पर उसे सामान्य समझा जाता है।

Women bosses workplace
जेंडर से नहीं होनी चाहिए एक अच्छे लीडर की पहचान

वक्त बदलने के साथ महिलाओं के लिए काफी कुछ बदला है, फिर चाहे बात घर की हो या वर्कप्लेस की। सच यह भी है कि अभी काफी कुछ बदलना बाकी है। असल में वर्कप्लेस पर एक अच्छे लीडर की पहचान उसके जेंडर से नहीं, बल्कि उसके फैसलों, टैलेंट और टीम को साथ लेकर चलने की क्षमता से होनी चाहिए।

 

 

 

यह भी पढ़ें- महिलाओं के लिए मुफ्त कानूनी सलाह, कैसे और कहां मिलेगी मदद? जानें

यह भी पढ़ें- Workplace Harassment के खिलाफ आप ऐसे उठा सकती हैं आवाज

अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहे हरजिंदगी से।
Image Courtesy: magnific, shutterstock

 

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।