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जानें क्या है मंत्र जाप के बाद जल छिड़कने की पीछे छिपी वजह और महत्व?

पूजा-पाठ में मंत्र जाप का बहुत महत्व माना जाता है। हालांकि मंत्र जाप शुरू करने से लेकर उसे खत्म करने तक के कुछ छोटे-मोटे नियम हैं जिनका पालन मंत्र जाप को फलित बनाने में काम आता है। इन्हीं नियमों में से एक है मंत्र जाप के बाद जल का छिड़काव। 
Updated:- 2023-07-07, 20:07 IST
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Mantra Jaap Ke Baad Jal Kyu Dala Jata Hai: हिन्दू धर्म में पूजा-पाठ के दौरान मंत्र जाप का बहुत महत्व माना जाता है। 

वहीं, मंत्र जाप शुरू करने से लेकर समापन तक कुछ सरल और छोटे-छोटे नियमों के बारे में भी ग्रंथों में पूर्णतः वर्णित है। 

इसी कड़ी में आज हम ज्योतिष एक्सपर्ट डॉ. राधाकांत वत्स से जानेंगे कि आखिर क्यों मंत्र जाप के बाद जल छिड़कना चाहिए। 

मंत्र जाप के बाद जल छिड़कने का तरीका 

mantra jaap ke baad jal dalna chahiye

  • मंत्र जाप करने के बाद जल छिड़कना जरूरी माना जाता है। 
  • हालांकि मंत्र जाप के बाद जल का स्पर्श करने की भी मनाही होती है। 
  • ऐसे में जल का छिड़काव आखिर कैसे किया जा सकता है।
  • तो बता दें कि मंत्र जाप (लिखकर मंत्र जोने के लाभ) से पहले एक छपती लुटिया लें। 
  • उस लुटिया में शुद्ध जल और छोटा चम्मच भरें।
  • उस शुद्ध जल की लुटिया को अपने पास रखें।
  • फिर मंत्र जाप शुरू करने से पहले जल हाथों में लें।
  • मंत्र जाप का संकल्प लें और जल अर्पित कर दें। 

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  • मंत्र जाप शुरू कर दें और भगवान का ध्यान करें।
  • मंत्र जाप के समापन के बाद चम्मच में थोड़ा जल लें।
  • जिस आसन पर आप बैठे हैं उसे एक तरफ से थोड़ा उठाएं।
  • चम्मच में भरा हुआ जल आसन (पूजा के आसन से जुड़ी जरूरी बातें) के नीचे डाल दें। 
  • फिर आसन से उस जल को ढक दें और शीश नवाकर प्रणाम करें।
  • सिर को जमीन से जरूर लगाएं। केवल हवा में सिर नहीं झुकाना है। 
  • फिर आसन से हटकर आसन पहले उठाएं। सही स्थान पर रखें।
  • अंत में खुद भी उठ जाएं। उठते समय आसन को पैर नहीं लगना चाहिए। 

मंत्र जाप के बाद जल छिड़कने का कारण 

mantra jaap ke baad jal dalna

  • ऐसा माना जाता है कि हमारी पूजा देवताओं को जाती है। इससे देवताओं को बल मिलता है।  
  • ऐसे में मंत्र जाप अगर किसी इच्छा पूर्ति के लिए किया जाए तो वह देवताओं को चला जाता है।

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  • ऐसे में देवताओं को उस मंत्र जाप से बल मिलता है लेकिन वह पुण्य में शामिल हो जाता है। 
  • किया गया मंत्र जाप मनोकामना को पूरा नहीं करता है बल्कि पुण्य काम में गिना जाता है।
  • इसलिए मंत्र जाप के बाद आसन के नीचे जल छिड़कने का विधान बनाया गया है।

 

अगर आप भी रोजाना मंत्र जाप करते हैं तो आसन के नीचे जल अवश्य छिड़कें और आसन उठाने के बाद ही पूजा से उठें। अगर हमारी स्टोरीज से जुड़े आपके कुछ सवाल हैं, तो वो आप हमें आर्टिकल के नीचे दिए कमेंट बॉक्स में बताएं। हम आप तक सही जानकारी पहुंचाने का प्रयास करते रहेंगे। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

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